{"_id":"5b9ab079867a557ebc1944f3","slug":"171536864377-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेचने के लिए जा रहा बाढ़ राहत सामग्री को ग्रामीणों ने पकड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेचने के लिए जा रहा बाढ़ राहत सामग्री को ग्रामीणों ने पकड़ा
Updated Fri, 14 Sep 2018 01:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बैरिया/रेवती (बलिया)। आपूर्ति विभाग में राशन की कालाबाजारी के बाद अब बाढ़ पीड़ितों को भेजे जाने वाली राहत सामग्री की भी कालाबाजारी की कोशिश की जा रही है। रेवती थाना क्षेत्र के शिवाल गांव में बुधवार की देर रात ग्रामीणों ने बाढ़ राहत सामग्री लदी एक पिकअप को पकड़ा। इसकी सूचना रात में ही बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह को दी गई, इसपर वे मौके पर पहुंच गए। विधायक ने इसकी सूचना तहसील व जिला प्रशासन को दी। मौके पर उपजिलाधिकारी लालबाबू दुबे, तहसीलदार बैरिया गुलाब चंद्रा व रेवती थाना के थानाध्यक्ष भी पहुंच गए। हो हल्ला सुनकर भारी संख्या में ग्रामीण वहां पर एकत्रित हो गए। बैरिया तहसीलदार गुलाब चंद्रा की तहरीर पर ग्राम प्रधान प्रदीप यादव, लेखपाल राधेश्याम वर्मा समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
गोपालनगर गांव में विगत छह सितंबर को प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा व जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत के द्वारा बाढ़ राहत पैकेट वितरण का उद्घाटन किया गया। इस क्रम में गोपालनगर में कुल 3798 परिवारों में वितरण के लिए पैकेट भेजा गया। जिसमें से 12 सितंबर तक 2840 परिवारों में बाढ़ राहत पैकेट वितरण करने की बात कही गई थी। अन्य परिवार राहत सामग्री की मांग कर रहे थे। इसी बीच गोपालनगर गांव के बीडीसी सदस्य भृगुनाथ यादव, अमरजीत यादव, पूर्व प्रधान हीरालाल यादव, मनोज यादव, जनक यादव की मानें तो दो दिन पहले से ही बाढ़ राहत पैकेट बाजार में बेचने की सूचना उन्हें मिली थी। गांव के लोग भी यह जानकारी मिलने के बाद राहत सामग्री को जब्त करने के लिए प्रयासरत थे। बताया जाता है कि बीडीसी सदस्य भृगुनाथ यादव गोपालनगर स्थित एक मोबाइल फोन के टावर पर ड्यूटी कर रहा था। देर रात में बाढ़ राहत पैकेट लादकर पिकअप रामबाबा पुल की तरफ जाते देख उसने पिकअप को रोकना चाहा, लेकिन चालक पिकअप लेेकर भागने लगा। तो उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। हो हल्ला सुनकर कुछ लोग मौके पर पहुंच गए और पिकअप को पकड़ लिया। चालक तो मौके पर पकड़ा गया लेकिन वाहन स्वामी मौके से फरार हो गया। आरोप यह भी लगाया गया कि बाढ़ राहत सामग्री लदी पिकअप को ग्रामीणों द्वारा पकड़ने के बाद प्रधान प्रदीप यादव व लेखपाल राधेश्याम वर्मा ने छुड़ाने की कोशिश की। लेकिन ग्रामीणों ने पिकअप को नहीं छोड़ा। तहसीलदार बैरिया गुलाब चंद्रा की मानें तो प्रारंभिक जांच में पिकअप स्वामी लल्लन प्रसाद, चालक वीरेंद्र यादव, प्रधान प्रदीप यादव, प्रधान भाई वीरेंद्र यादव, लेखपाल राधेश्याम वर्मा दोषी हैं। इनके विरुद्घ मुकदमा पंजीकृत करने के लिए रेवती थाने में तहरीर दी गई है।
विज्ञापन
गोपालनगर गांव में विगत छह सितंबर को प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा व जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत के द्वारा बाढ़ राहत पैकेट वितरण का उद्घाटन किया गया। इस क्रम में गोपालनगर में कुल 3798 परिवारों में वितरण के लिए पैकेट भेजा गया। जिसमें से 12 सितंबर तक 2840 परिवारों में बाढ़ राहत पैकेट वितरण करने की बात कही गई थी। अन्य परिवार राहत सामग्री की मांग कर रहे थे। इसी बीच गोपालनगर गांव के बीडीसी सदस्य भृगुनाथ यादव, अमरजीत यादव, पूर्व प्रधान हीरालाल यादव, मनोज यादव, जनक यादव की मानें तो दो दिन पहले से ही बाढ़ राहत पैकेट बाजार में बेचने की सूचना उन्हें मिली थी। गांव के लोग भी यह जानकारी मिलने के बाद राहत सामग्री को जब्त करने के लिए प्रयासरत थे। बताया जाता है कि बीडीसी सदस्य भृगुनाथ यादव गोपालनगर स्थित एक मोबाइल फोन के टावर पर ड्यूटी कर रहा था। देर रात में बाढ़ राहत पैकेट लादकर पिकअप रामबाबा पुल की तरफ जाते देख उसने पिकअप को रोकना चाहा, लेकिन चालक पिकअप लेेकर भागने लगा। तो उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। हो हल्ला सुनकर कुछ लोग मौके पर पहुंच गए और पिकअप को पकड़ लिया। चालक तो मौके पर पकड़ा गया लेकिन वाहन स्वामी मौके से फरार हो गया। आरोप यह भी लगाया गया कि बाढ़ राहत सामग्री लदी पिकअप को ग्रामीणों द्वारा पकड़ने के बाद प्रधान प्रदीप यादव व लेखपाल राधेश्याम वर्मा ने छुड़ाने की कोशिश की। लेकिन ग्रामीणों ने पिकअप को नहीं छोड़ा। तहसीलदार बैरिया गुलाब चंद्रा की मानें तो प्रारंभिक जांच में पिकअप स्वामी लल्लन प्रसाद, चालक वीरेंद्र यादव, प्रधान प्रदीप यादव, प्रधान भाई वीरेंद्र यादव, लेखपाल राधेश्याम वर्मा दोषी हैं। इनके विरुद्घ मुकदमा पंजीकृत करने के लिए रेवती थाने में तहरीर दी गई है।
विज्ञापन