{"_id":"5a0732454f1c1bca678babc0","slug":"171510421061-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनावी ड्यूटी से बचना पड़ सकता है महंगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनावी ड्यूटी से बचना पड़ सकता है महंगा
Updated Sat, 11 Nov 2017 10:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर निकाय चुनाव में ड्यूटी से बचने का प्रयास करने वाले कर्मियों को महंगा पड़ सकता है। स्क्रीनिंग में फेल होने वाले कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति भी की जाएगी।
जब भी कोई चुनाव की प्रक्रिया शुरू होती है तो सरकारी कर्मचारी चुनावी ड्यूटी से बचने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हैं। ड्यूटी लगने के बाद नाम कटवाने के लिए वह कोई न कोई बहाना बनाकर चुनावी ड्यूटी से बचने का प्रयास करते हैं। नगर निकाय चुनाव में ड्यूटी कटवाने के आवेदन को देखते हुए जिलाधिकारी सुरेन्द्र विक्रम ने स्क्रीनिंग कमेटी का गठन कर दिया है। कमेटी सीडीओ की अध्यक्षता में बनाई गई है जिसमें इनके अलावा डीडीओ शशिमौली मिश्रा, बीएसए संतोष राय के साथ ही सीएमओ व उनके द्वारा नामित तीन चिकित्सक जिसमें एक हड्डी रोग विशेषज्ञ, एक फिजीशियन व एक महिला चिकित्सक होंगी। कमेटी ड्यूटी कटवाने वाले कर्मचारियों की शारीरिक दक्षता आदि की जांच करेगी। जांच में अगर कोई ड्यूटी करने में अयोग्य पाया गया तो उसकी ड्यूटी काटने की संस्तुति की जाएगी। लेकिन अगर जांच में उनकी समस्या गलत पाई गई तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विभागीय कार्रवाई की भी संस्तुति की जाएगी। यह जानकारी देते हुए सीडीओ संतोष कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी का मानना है कि ऐसे कर्मी जो कार्यालय में प्रतिदिन उपस्थित होकर काम करते है तो चुनावी ड्यूटी क्यों नहीं कर सकते।
विज्ञापन
जब भी कोई चुनाव की प्रक्रिया शुरू होती है तो सरकारी कर्मचारी चुनावी ड्यूटी से बचने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हैं। ड्यूटी लगने के बाद नाम कटवाने के लिए वह कोई न कोई बहाना बनाकर चुनावी ड्यूटी से बचने का प्रयास करते हैं। नगर निकाय चुनाव में ड्यूटी कटवाने के आवेदन को देखते हुए जिलाधिकारी सुरेन्द्र विक्रम ने स्क्रीनिंग कमेटी का गठन कर दिया है। कमेटी सीडीओ की अध्यक्षता में बनाई गई है जिसमें इनके अलावा डीडीओ शशिमौली मिश्रा, बीएसए संतोष राय के साथ ही सीएमओ व उनके द्वारा नामित तीन चिकित्सक जिसमें एक हड्डी रोग विशेषज्ञ, एक फिजीशियन व एक महिला चिकित्सक होंगी। कमेटी ड्यूटी कटवाने वाले कर्मचारियों की शारीरिक दक्षता आदि की जांच करेगी। जांच में अगर कोई ड्यूटी करने में अयोग्य पाया गया तो उसकी ड्यूटी काटने की संस्तुति की जाएगी। लेकिन अगर जांच में उनकी समस्या गलत पाई गई तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विभागीय कार्रवाई की भी संस्तुति की जाएगी। यह जानकारी देते हुए सीडीओ संतोष कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी का मानना है कि ऐसे कर्मी जो कार्यालय में प्रतिदिन उपस्थित होकर काम करते है तो चुनावी ड्यूटी क्यों नहीं कर सकते।
विज्ञापन