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आषाढ़ के एक दिन नाटक ने किया भावुक
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:19 PM IST
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बलिया। संकल्प साहित्यिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था की ओर से सोमवार को भिखारी ठाकुर की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर आषाढ़ का एक दिन नाट्य का मंचन किया गया। बारिश के बावजूद टाउन हाल में आयोजित नाटक को देखने के लिए लोग जुटे रहे।
टाउन हाल में संकल्प की ओर से मोहन राकेश द्वारा लिखित और आशीष त्रिवेदी द्वारा निर्देशित नाटक का मंचन रविवार को देरशाम शुुरु हुआ जो देर रात तक चलता रहा। इसमें कालिदास और मल्लिका की प्रेमकथा का मंचन कलाकारों की ओर से किया गया। हालांकि मंचन के दौरान कई बार दर्शक भावुक भी हुए। नाटक में कालिदास के जीवन को सार्थक करने और उन्हें बुलंदियों पर ले जाने के लिए मल्लिका ने काफी त्याग किया। मल्लिका का जीवन पीड़ा के चरमोत्कर्ष पर पहुंच जाता है और कालिदास यह कहते हुए कि समय किसी की प्रतीक्षा नहीं करता उसे छोड़कर चल देता है। इस समय मल्लिका की विलख ने दर्शकों को भावुक कर दिया। कालिदास की भूमिका में अमित पांडेय तथा मल्लिका की भूमिका में स्मृति निधि के मंचन को दर्शकों ने खूब सराहा। इसके अलावा विलोम आनंद कुमार चौहान, अम्बिका की भूमिका ट्विंकल गुप्ता, प्रियंगु मंजरी की भूमिका में सोनी, मातुल की भूमिका में सुनील शर्मा का मंचन भी सरानीय रहा। वरिष्ठ साहित्यकार डा. जनार्दन राय ने युवा कवि संतोष चतुर्वेदी, लेखक असित कुमार मिश्र तथा रंगकर्मी अमित पांडेय को प्रतीक चिह्न तथा अंग वस्त्रम से सम्मानित किया।
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टाउन हाल में संकल्प की ओर से मोहन राकेश द्वारा लिखित और आशीष त्रिवेदी द्वारा निर्देशित नाटक का मंचन रविवार को देरशाम शुुरु हुआ जो देर रात तक चलता रहा। इसमें कालिदास और मल्लिका की प्रेमकथा का मंचन कलाकारों की ओर से किया गया। हालांकि मंचन के दौरान कई बार दर्शक भावुक भी हुए। नाटक में कालिदास के जीवन को सार्थक करने और उन्हें बुलंदियों पर ले जाने के लिए मल्लिका ने काफी त्याग किया। मल्लिका का जीवन पीड़ा के चरमोत्कर्ष पर पहुंच जाता है और कालिदास यह कहते हुए कि समय किसी की प्रतीक्षा नहीं करता उसे छोड़कर चल देता है। इस समय मल्लिका की विलख ने दर्शकों को भावुक कर दिया। कालिदास की भूमिका में अमित पांडेय तथा मल्लिका की भूमिका में स्मृति निधि के मंचन को दर्शकों ने खूब सराहा। इसके अलावा विलोम आनंद कुमार चौहान, अम्बिका की भूमिका ट्विंकल गुप्ता, प्रियंगु मंजरी की भूमिका में सोनी, मातुल की भूमिका में सुनील शर्मा का मंचन भी सरानीय रहा। वरिष्ठ साहित्यकार डा. जनार्दन राय ने युवा कवि संतोष चतुर्वेदी, लेखक असित कुमार मिश्र तथा रंगकर्मी अमित पांडेय को प्रतीक चिह्न तथा अंग वस्त्रम से सम्मानित किया।
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