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पथराई आंखों के बीच सूरज के परिजन आक्रोशित
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जयप्रकाशनगर। शोभा छपरा निवासी वायु सैनिक सूरज कुमार सिंह का पार्थिव शरीर आने में विलंब को लेकर परिजन निराश हो गए हैं। पार्थिव शरीर का इंतजार कर लोगों की आंखें पथरा सी गई हैं। मौत की सूचना मिलने के छह दिन बाद भी सूरज का पार्थिव शरीर घर नहीं पहुंचने पर सूरज के पिता विनोद सिंह ने नाराजगी जताई है। उधर गम में माता पूनम सिंह, पत्नी शालू, दादी हिरामोती देवी की हालत बिगड़ती जा रही है।
दुखी पिता विनोद सिंह का कहना है कि जब चुनाव का समय होता है, सभी नेता सैनिकों से भी ज्यादा देश भक्त हो जाते हैं। चुनाव खत्म होने के बाद मौत जैसी घटना के बाद भी नेता यह जानने नहीं पहुंचे कि सूरज के परिजन किस हाल में हैं और सूरज का शव आने में क्यों विलंब हो रहा है। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी होने के बाद विधायक सुरेंद्र सिंह लगातार दो बार हाल जानने आए। वहीं, सांसद के भाई कन्हैया सिंह हाल जानने जरूर आए लेकिन अब तक कोई जनप्रतिनिधि तेरह जवानों के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांवों तक पहुंचाने के लिए कहीं आवाज उठाता नहीं दिखाई दिया। जान गंवाने वाले जवानों में बलिया, गोरखपुर व कानपुर के शामिल हैं। यह कहकर वह फफक पड़े। सूरज के छोटे भाई विक्रांत पिता को सांत्वना देने में जुटे रहे। मां पूनम सिंह फफक कर रो रही थीं। पत्नी शालू जिस दिन विमान गायब होने की सूचना मिली, उसी दिन से कुछ नहीं खा रही है। इससे उसकी तबियत बिगड़ती जा रही है।
गांव के दरोगा सिंह ,नवीन सिंह सोनू सिंह ,नागेंद्र सिंह ,बिट्टू सिंह संजय सिंह े कहा कि 13 जवानों की मौत के बाद भी सरकार के लोग अभी तक सोए पड़े हैं। यहां लाल के गम में एक परिवार टूटता जा रहा है लेकिन जिले के नेता अपने काम में व्यस्त हैं। जिले के मंत्री से लेकर सभी नेताओं को शव मंगाने का प्रयास करना तत्काल करना चाहिए था। विभागीय अधिकारियों से घर के लोग बार-बार बात कर रहे हैं,वहां से बताया जा रहा है कि बहुत जल्द सूरज के पार्थिव शरीर का अवशेष घर पहुंचा दिया जाएगा। घर के लोग करें भी तो क्या करें, इंतजार के अलावा उनके पास दूसरा कोई विकल्प भी तो नहीं है।
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बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि मुझे अपने देश के तेरह जवानों की हुई मौत का बहुत दु:ख है। उसी हमारे क्षेत्र के वायुसेना में तैनात लीडिंग एयर क्राफ्ट मैन सूरज सिंह की मौत अत्यंत दुखद है। मैं गृहमंत्री से बात करुंगा।
चुनाव के समय सैनिकों की शहादत पर वोट मांगने वाले नदारद : बलिया। बैरिया ब्लाक अंतर्गत शोभा छपरा गांव में स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी एवं युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने अरुणाचल प्रदेश में भारतीय वायुसेना विमान हादसे में जान गंवाने वाले वायुसेना के सैनिक सूरज कुमार सिंह के निवास पहुंचकर उनके परिजनों को सांत्वना दी। इस दौरान स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी एवं युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने इस दुखद घटना पर अपनी संवेदना व्यक्त की। स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा कि सूरज ने देश के लिए शहादत दी है और बलिया का मान बढ़ाया है। स्वामी अभिषेक ने कहा की सूरज के लाश को सरकार को जल्द से जल्द परिजनों तक पहुंचाना चाहिए। युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा की सूरज के परिवार को सरकार को एक करोड़ रुपया, आश्रित को नौकरी और पेट्रोल पंप देने की घोषणा करनी चाहिए। कहा कि चुनाव के समय सैनिकों की शहादत के नाम पर वोट मांगने वाली सरकार का कोई प्रतिनिधि अब तक शहीद के गांव नहीं पहुंचा। इस दौरान युवा चेतना के राष्ट्रीय महासचिव अजय राय मुन्ना, मोहन सिंह, रविशंकर राय पप्पू, सुनील पासवान पिंटू, बैजू राय, अजय ओझा, गुड्डु सिंह, नीलकांत सोनी, तबरेज सिद्दीक़ी आदि उपस्थित रहे।
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दुखी पिता विनोद सिंह का कहना है कि जब चुनाव का समय होता है, सभी नेता सैनिकों से भी ज्यादा देश भक्त हो जाते हैं। चुनाव खत्म होने के बाद मौत जैसी घटना के बाद भी नेता यह जानने नहीं पहुंचे कि सूरज के परिजन किस हाल में हैं और सूरज का शव आने में क्यों विलंब हो रहा है। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी होने के बाद विधायक सुरेंद्र सिंह लगातार दो बार हाल जानने आए। वहीं, सांसद के भाई कन्हैया सिंह हाल जानने जरूर आए लेकिन अब तक कोई जनप्रतिनिधि तेरह जवानों के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांवों तक पहुंचाने के लिए कहीं आवाज उठाता नहीं दिखाई दिया। जान गंवाने वाले जवानों में बलिया, गोरखपुर व कानपुर के शामिल हैं। यह कहकर वह फफक पड़े। सूरज के छोटे भाई विक्रांत पिता को सांत्वना देने में जुटे रहे। मां पूनम सिंह फफक कर रो रही थीं। पत्नी शालू जिस दिन विमान गायब होने की सूचना मिली, उसी दिन से कुछ नहीं खा रही है। इससे उसकी तबियत बिगड़ती जा रही है।
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गांव के दरोगा सिंह ,नवीन सिंह सोनू सिंह ,नागेंद्र सिंह ,बिट्टू सिंह संजय सिंह े कहा कि 13 जवानों की मौत के बाद भी सरकार के लोग अभी तक सोए पड़े हैं। यहां लाल के गम में एक परिवार टूटता जा रहा है लेकिन जिले के नेता अपने काम में व्यस्त हैं। जिले के मंत्री से लेकर सभी नेताओं को शव मंगाने का प्रयास करना तत्काल करना चाहिए था। विभागीय अधिकारियों से घर के लोग बार-बार बात कर रहे हैं,वहां से बताया जा रहा है कि बहुत जल्द सूरज के पार्थिव शरीर का अवशेष घर पहुंचा दिया जाएगा। घर के लोग करें भी तो क्या करें, इंतजार के अलावा उनके पास दूसरा कोई विकल्प भी तो नहीं है।
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बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि मुझे अपने देश के तेरह जवानों की हुई मौत का बहुत दु:ख है। उसी हमारे क्षेत्र के वायुसेना में तैनात लीडिंग एयर क्राफ्ट मैन सूरज सिंह की मौत अत्यंत दुखद है। मैं गृहमंत्री से बात करुंगा।
चुनाव के समय सैनिकों की शहादत पर वोट मांगने वाले नदारद : बलिया। बैरिया ब्लाक अंतर्गत शोभा छपरा गांव में स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी एवं युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने अरुणाचल प्रदेश में भारतीय वायुसेना विमान हादसे में जान गंवाने वाले वायुसेना के सैनिक सूरज कुमार सिंह के निवास पहुंचकर उनके परिजनों को सांत्वना दी। इस दौरान स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी एवं युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने इस दुखद घटना पर अपनी संवेदना व्यक्त की। स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा कि सूरज ने देश के लिए शहादत दी है और बलिया का मान बढ़ाया है। स्वामी अभिषेक ने कहा की सूरज के लाश को सरकार को जल्द से जल्द परिजनों तक पहुंचाना चाहिए। युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा की सूरज के परिवार को सरकार को एक करोड़ रुपया, आश्रित को नौकरी और पेट्रोल पंप देने की घोषणा करनी चाहिए। कहा कि चुनाव के समय सैनिकों की शहादत के नाम पर वोट मांगने वाली सरकार का कोई प्रतिनिधि अब तक शहीद के गांव नहीं पहुंचा। इस दौरान युवा चेतना के राष्ट्रीय महासचिव अजय राय मुन्ना, मोहन सिंह, रविशंकर राय पप्पू, सुनील पासवान पिंटू, बैजू राय, अजय ओझा, गुड्डु सिंह, नीलकांत सोनी, तबरेज सिद्दीक़ी आदि उपस्थित रहे।