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भ्रष्टाचार से संबंधित ऑडियो प्रकरण में हटाए गए पूर्ति निरीक्षक को फिर तहसील में तैनात
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बैरिया। तहसील क्षेत्र में वर्ष 2018 में आपूर्ति विभाग में भ्रष्टाचार से संबंधित दो ऑडियो वायरल होने के बाद हटाए गए तत्कालीन पूर्ति निरीक्षक को फिर बैरिया तहसील का चार्ज दिया गया है। इसको लेकर लोगों में नाराजगी है। दूसरे वायरल ऑडियो के मामले में डीएम ने सितंबर 2018 में आपूर्ति विभाग के लिपिक बच्चा बाबू को निलंबित करने के साथ ही तत्कालीन पूर्ति निरीक्षक श्यामनाथ को स्थानांतरण करने का आदेश दिया था। जबकि पहले वायरल हुए ऑडियो के संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से जांच में दोषी पाए जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इंटक के जिलाध्यक्ष विनोद सिंह को जनसूचना अधिकार के तहत मिली जानकारी के मुताबिक बैरिया तहसील क्षेत्र में जून 18 में एक ऑडियो वायरल हुआ था। ऑडियो में दलछपरा के कोटेदार जगजीवन राम ने गोदाम से खाद्यान्न उठान करते समय 70 रुपये प्रति क्विंटल वसूली का आरोप लगाते हुए मार्केटिंग इंस्पेक्टर व पूर्ति निरीक्षक को कठघरे में खड़ा किया था। कहा था कि बसपा शासन के समय सिर्फ 10 रुपये क्विंटल वसूली होता था जबकि अब 70 रुपये हो रहा है। इतना ही नहीं आधार से लिंक कराने के नाम पर पर प्रति यूनिट दो से ढाई रुपये वसूली की बात कही गई थी।
डीएम के निर्देश पर इस मामले की जांच तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट ने की और ऑडियो को सही पाए जाने पर कार्रवाई की संस्तुति की। इसी बीच दूसरी ऑडियो चार अगस्त 2018 को वायरल हुआ था जिसमें तत्कालीन लिपिक बच्चा बाबू ने कहा था कि पूर्ति निरीक्षक मेरा ट्रांसफर कराकर धन उगाही कर रहे हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को वायरल ऑडियो की सीडी के साथ पत्रक भी दिया था। डीएम ने लिपिक बच्चा बाबू को निलंबित करने के बाद पूर्ति निरीक्षक श्यामनाथ को सदर तहसील ट्रांसफर करते हुए बैरिया में पूर्ति निरीक्षक संजीव कुमार की तैनाती कर दी गई। इसी बीच पूर्ति निरीक्षक संजीव कुमार ने राजनीतिक दबाव के कारण डीएसओ को पत्र लिखकर बैरिया में काम करने से मना कर दिया। इसके बाद तहसील में पूर्ति निरीक्षक दुर्गानन्द यादव की तैनाती की गई, लेकिन राशन माफियाओं ने दुर्गानन्द यादव का स्थानांतरण करा दिया। कार्ड धारक ओमप्रकाश पटेल, चंद्रदीप यादव, संतोष सिंह यादव आदि ने कहा कि आरोपी में निलंबित पूर्ति निरीक्षक की फिर तैनाती उचित नहीं है। इन्हें अगर नहीं हटाया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
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इंटक के जिलाध्यक्ष विनोद सिंह को जनसूचना अधिकार के तहत मिली जानकारी के मुताबिक बैरिया तहसील क्षेत्र में जून 18 में एक ऑडियो वायरल हुआ था। ऑडियो में दलछपरा के कोटेदार जगजीवन राम ने गोदाम से खाद्यान्न उठान करते समय 70 रुपये प्रति क्विंटल वसूली का आरोप लगाते हुए मार्केटिंग इंस्पेक्टर व पूर्ति निरीक्षक को कठघरे में खड़ा किया था। कहा था कि बसपा शासन के समय सिर्फ 10 रुपये क्विंटल वसूली होता था जबकि अब 70 रुपये हो रहा है। इतना ही नहीं आधार से लिंक कराने के नाम पर पर प्रति यूनिट दो से ढाई रुपये वसूली की बात कही गई थी।
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डीएम के निर्देश पर इस मामले की जांच तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट ने की और ऑडियो को सही पाए जाने पर कार्रवाई की संस्तुति की। इसी बीच दूसरी ऑडियो चार अगस्त 2018 को वायरल हुआ था जिसमें तत्कालीन लिपिक बच्चा बाबू ने कहा था कि पूर्ति निरीक्षक मेरा ट्रांसफर कराकर धन उगाही कर रहे हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को वायरल ऑडियो की सीडी के साथ पत्रक भी दिया था। डीएम ने लिपिक बच्चा बाबू को निलंबित करने के बाद पूर्ति निरीक्षक श्यामनाथ को सदर तहसील ट्रांसफर करते हुए बैरिया में पूर्ति निरीक्षक संजीव कुमार की तैनाती कर दी गई। इसी बीच पूर्ति निरीक्षक संजीव कुमार ने राजनीतिक दबाव के कारण डीएसओ को पत्र लिखकर बैरिया में काम करने से मना कर दिया। इसके बाद तहसील में पूर्ति निरीक्षक दुर्गानन्द यादव की तैनाती की गई, लेकिन राशन माफियाओं ने दुर्गानन्द यादव का स्थानांतरण करा दिया। कार्ड धारक ओमप्रकाश पटेल, चंद्रदीप यादव, संतोष सिंह यादव आदि ने कहा कि आरोपी में निलंबित पूर्ति निरीक्षक की फिर तैनाती उचित नहीं है। इन्हें अगर नहीं हटाया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
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