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अपात्रों को शादी अनुदान भुगतान को लेकर अफसर भी मौन
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बलिया। जिले के दुबहड़ ब्लाक में 24 अपात्रों को शादी अनुदान का भुगतान करने का मामला उजागर होने के बाद जिला प्रशासन ने अपेक्षित कार्रवाई नहीं की। पर्यवेक्षक ने जांच में यह गड़बड़ी उजागर करते हुए अपनी रिपोर्ट उपनिदेशक समाज कल्याण को भेजी। उपनिदेशक समाज कल्याण आजमगढ़ मंडल सुरेशचंद्र ने जिला समाज कल्याण अधिकारी से जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी लेकिन न तो मामले की जांच की गई और न ही रिपोर्ट भेजी गई। अगर जिले के अन्य ब्लाकों की जांच की जाए तो शादी अनुदान योजना के धन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी उजागर होगा।
शादी अनुदान के लिए शासन ने वर्ष 2018-19 में जिला समाज कल्याण विभाग को वर्गवार लक्ष्य निर्धारित करते हुए धनराशि उपलब्ध कराई थी। इसके तहत अनुसूचित जाति व जनजाति के लिए 870 लाभार्थियों के लिए 1.74 करोड़ की धनराशि मुहैया कराई। सामान्य वर्ग के 872 लाभार्थियों के लिए कुल एक करोड़ 74 लाख 40 हजार की धनराशि उपलब्ध हुई। इसके तहत प्रावधान किया गया कि गरीब बेटियों की शादी के बाद संबंधित सामान्य व अनुसूचित जाति तथा जनजाति वर्ग के लोग आवेदन करेंगे और विभाग की ओर से सत्यापन करने के बाद संबंधित ब्लॉकों की ओर से फीडिंग की जाएगी और इसके बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी की ओर से लाभार्थी के खाते में अनुदान की धनराशि भेजी जाएगी।
समाज कल्याण के पर्यवेक्षक विनोद कुमार वर्मा की ओर से दुबहड़ ब्लॉक के लाभार्थियों के सत्यापन में सामने आया कि सामान्य वर्ग के लाभार्थियों के मद से पिछड़ा, अल्पसंख्यक व अनुसूचित जाति के लाभार्थियों का भुगतान किया गया है। अधिकांश लाभार्थियों के यहां शादी हुई ही नहीं है और उन्हें भुगतान कर दिया गया। पर्यवेक्षक ने सत्यापन रिपोर्ट में सामान्य वर्ग की धनराशि का बंदरबांट व शासन के नियमों का उल्लंघन मानते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी के अलावा सीडीओ व उप निदेशक समाज कल्याण आजमगढ़ को भी रिपोर्ट भेजी। इसमें पर्यवेक्षक ने कहा था यह एक ब्लॉक का हाल है, अगर जांच की जाए तो अन्य ब्लॉकों में भी इस तरह की गड़बड़ी बड़े पैमाने पर सामने आएगी। समाज कल्याण के पर्यवेक्षक ने आठ अप्रैल को रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी। इसके बाद 30 अप्रैल को उपनिदेशक समाज कल्याण ने जिला समाज कल्याण अधिकारी से जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगा, जबकि सीडीओ स्तर से कोई कार्रवाई शुरू ही नहीं हुई। इतना ही नहीं उपनिदेशक का निर्देश भी बेअसर रहा। अभी तक न तो मामले की जांच हुई है और न रिपोर्ट ही भेजी गई है।
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इनसेट...
समाज कल्याण के पर्यवेक्षक की ओर से चुनाव कार्य के दौरान रिपोर्ट दी गई होगी जिसके कारण संज्ञान नहीं लिया जा सका। यह मामला काफी संगीन है और इस मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।-बीएन सिंह, सीडीओ
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शादी अनुदान के लिए शासन ने वर्ष 2018-19 में जिला समाज कल्याण विभाग को वर्गवार लक्ष्य निर्धारित करते हुए धनराशि उपलब्ध कराई थी। इसके तहत अनुसूचित जाति व जनजाति के लिए 870 लाभार्थियों के लिए 1.74 करोड़ की धनराशि मुहैया कराई। सामान्य वर्ग के 872 लाभार्थियों के लिए कुल एक करोड़ 74 लाख 40 हजार की धनराशि उपलब्ध हुई। इसके तहत प्रावधान किया गया कि गरीब बेटियों की शादी के बाद संबंधित सामान्य व अनुसूचित जाति तथा जनजाति वर्ग के लोग आवेदन करेंगे और विभाग की ओर से सत्यापन करने के बाद संबंधित ब्लॉकों की ओर से फीडिंग की जाएगी और इसके बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी की ओर से लाभार्थी के खाते में अनुदान की धनराशि भेजी जाएगी।
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समाज कल्याण के पर्यवेक्षक विनोद कुमार वर्मा की ओर से दुबहड़ ब्लॉक के लाभार्थियों के सत्यापन में सामने आया कि सामान्य वर्ग के लाभार्थियों के मद से पिछड़ा, अल्पसंख्यक व अनुसूचित जाति के लाभार्थियों का भुगतान किया गया है। अधिकांश लाभार्थियों के यहां शादी हुई ही नहीं है और उन्हें भुगतान कर दिया गया। पर्यवेक्षक ने सत्यापन रिपोर्ट में सामान्य वर्ग की धनराशि का बंदरबांट व शासन के नियमों का उल्लंघन मानते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी के अलावा सीडीओ व उप निदेशक समाज कल्याण आजमगढ़ को भी रिपोर्ट भेजी। इसमें पर्यवेक्षक ने कहा था यह एक ब्लॉक का हाल है, अगर जांच की जाए तो अन्य ब्लॉकों में भी इस तरह की गड़बड़ी बड़े पैमाने पर सामने आएगी। समाज कल्याण के पर्यवेक्षक ने आठ अप्रैल को रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी। इसके बाद 30 अप्रैल को उपनिदेशक समाज कल्याण ने जिला समाज कल्याण अधिकारी से जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगा, जबकि सीडीओ स्तर से कोई कार्रवाई शुरू ही नहीं हुई। इतना ही नहीं उपनिदेशक का निर्देश भी बेअसर रहा। अभी तक न तो मामले की जांच हुई है और न रिपोर्ट ही भेजी गई है।
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समाज कल्याण के पर्यवेक्षक की ओर से चुनाव कार्य के दौरान रिपोर्ट दी गई होगी जिसके कारण संज्ञान नहीं लिया जा सका। यह मामला काफी संगीन है और इस मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।-बीएन सिंह, सीडीओ