{"_id":"5cf3ff3dbdec220700634f68","slug":"155949445813-ballia-news41","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजभर बस्ती से चैनपुर गुलौरा तक ठोकर निर्माण आरम्भ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजभर बस्ती से चैनपुर गुलौरा तक ठोकर निर्माण आरम्भ
विज्ञापन
राजभर बस्ती से चैनपुर गुलौरा तक ठोकर निर्माण आरम्भ
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेल्थरारोड। घाघरा नदी की कटान से तटवर्तियों को राहत दिलाने के लिए हाहानाला राजभर बस्ती से चैनपुर गुलौरा तक पांच स्थानों पर ब्रेकर निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। ब्रेकर का निर्माण होने के बाद स्थानीय तटवर्ती लोगों को बाढ़ के दौरान राहत मिलेगी और कटान से बचाव होगा। शनिवार को जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने स्थलीय निरीक्षण कर ब्रेकर निर्माण का जायजा लिया था।
चैनपुर गुलौरा में 3.34 करोड़ की लागत से ब्रेकर का निर्माण किया जा रहा है। बोल्डर पिचिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है। 16 मीटर की चौड़ाई वाले दो लेयर जियो बैग डालने का कार्य चल रहा है। जिलाधिकारी ने निर्माण में गुणवत्ता में मानक की अनदेखी करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
उल्लेखनीय है कि हाहानाला से लेकर चैनपुर गुलौरा तक कई किलोमीटर के तटवर्ती क्षेत्रों में गत कई वर्षों से कटान का सिलसिला चल रहा है। इस दौरान कटान के चलते अब तक हजारों एकड़ कृषि योग्य भूमि नदी की जलधारा में विलीन हो चुकी है। तटवर्ती क्षेत्रों के बाशिंदों को कटान से राहत दिलाने के लिए ठोकर निर्माण कराया जा रहा है। ठोकर बन जाने से तटवर्ती लोगों को कटान से राहत मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
चैनपुर गुलौरा में 3.34 करोड़ की लागत से ब्रेकर का निर्माण किया जा रहा है। बोल्डर पिचिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है। 16 मीटर की चौड़ाई वाले दो लेयर जियो बैग डालने का कार्य चल रहा है। जिलाधिकारी ने निर्माण में गुणवत्ता में मानक की अनदेखी करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि हाहानाला से लेकर चैनपुर गुलौरा तक कई किलोमीटर के तटवर्ती क्षेत्रों में गत कई वर्षों से कटान का सिलसिला चल रहा है। इस दौरान कटान के चलते अब तक हजारों एकड़ कृषि योग्य भूमि नदी की जलधारा में विलीन हो चुकी है। तटवर्ती क्षेत्रों के बाशिंदों को कटान से राहत दिलाने के लिए ठोकर निर्माण कराया जा रहा है। ठोकर बन जाने से तटवर्ती लोगों को कटान से राहत मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन