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श्री राम के राज्याभिषेक के साथ संपन्न हुआ रामलीला कार्यक्रम
Updated Sun, 28 Oct 2018 11:56 PM IST
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बेल्थरारोड । श्री राम लीला समिति के तत्वावधान में कलाकारों ने राम-भरत मिलाप, श्री राम राज्याभिषेक, उपहार वितरण का मंचन किया। राम को राजगद्दी मिलते ही अयोध्या में खुशियां मनाई गई। जमकर आतिशबाजी की गई। देवताओं ने पुष्प वर्षा कर मंगल कामना की। लंका विजय के पश्चात वानर योद्धाओं, विभीषण समेत राम- लक्ष्मण और सीता पुष्पक विमान से सवार हो अयोध्या पहुंचे। 14 वर्ष के बनवास के पश्चात अयोध्या लौटने पर राम का अभूतपूर्व स्वागत किया गया। अयोध्या नगरी को फूलों से सजाया गया। भरत ने अगवानी कर राम का स्वागत किया।
राम और भरत का मिलन देख आंखें भर आई। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ राम का राजतिलक हुआ। राम ने एक रत्न जड़ित माला सीता को प्रदान किया। सीता ने उस माला को हनुमान को दे डाला। हनुमान माला तोड़ने लगे। दरबारियों ने हनुमान से माला तोड़ने का कारण पूछा। हनुमान ने कहा कि मैं इस माला में राम का नाम खोज रहा हूं। यदि माला में राम नाम नहीं है तो माला मेरे किस काम की है। इस पर दरबारियो ं ने हनुमान से प्रश्न किया कि क्या तुम्हारे हृदय में राम निवास करते हैं, तो हनुमान ने सीना फाड़कर सीता-राम का दर्शन कराए। हनुमान के हृदय में सीता राम का दर्शन कर लीला प्रेमी मंत्रमुग्ध हो गए। तत्पश्चात साकेत दर्शन का मंचन किया गया। इस दौरान कलाकारों, शुभचिंतकों और सहयोगियों को सम्मानित किया गया। बृजकिशोर आजाद, विनय प्रकाश डेविड, अजीत मिश्र, अगम शर्मा, निशांत प्रकाश आदि का अभिनय सराहनीय रहा।
रतसर। कस्बा के बीका भगत शिवमंदिर परिसर में आयोजित रामलीला राज्याभिषेक के साथ शनिवार को संपन्न हुई। भगवान राम के राजगद्दी पर आसीन होते ही चहुंओर जय श्री राम के जयकारे गूंज उठे। मंच के पास स्थित सरोवर के घाटों पर दीप जगमगा उठे और श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर एक दूसरे को गले लगाकर खुशियां बांटी।
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मुख्य अतिथि सुनील कुमार ने राम की आरती कर कार्यक्रम की शुरूआत की। गुरू वशिष्ठ ने श्री राम को मुकुट पहनाया। रामलीला के 43वें वर्ष पूरे होने पर भाजपा के प्रांतीय परिषद के सदस्य उपेंद्र पाण्डेय ने रामलीला में भाग लेने वाले 40 कलाकारों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। राजगद्दी में विशिष्ट अतिथि चौकी प्रभारी उपेंद्र नाथ दूबे को कमेटी अध्यक्ष नन्दू सिंह ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। रामलीला संचालन में विशेष सहयोग देने वाले भाजपा नेता उमेश सिंह , बंटी सिंह, सुनील सिंह, लोकेश पाण्डेय को मंच पर सम्मानित किया गया। प्रभु राम की राजगद्दी में पधारे सभी श्रद्धालुओं के बीच मिष्ठान्न का वितरण किया गया।
दुबहर। मंगल पांडेय के पैतृक गांव नगवां में शनिवार की रात आदर्श रामलीला कमेटी के रंगमंच पर धनुष यज्ञ और परशुराम-लक्ष्मण संवाद हुआ। सीता के स्वयंवर में राजा जनक की प्रतिज्ञा के अनुसार कई देश के राजा शिव धनुष को तोड़ने के लिए पहुंचे, लेकिन केवल श्रीराम ही धनुष को उठा सके। प्रत्यंचा चढ़ाने में टूट जाता है। इसके बाद जानकी ने श्रीराम का वरण किया। सीता-राम की जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा। धनुष टूटने पर परशुराम स्वयंवर स्थल पहुंचे। जहां लक्ष्मण और परशुराम के बीच संवाद हुआ। लीला में नीतिन तिवारी ने राम, आशीष पाठक लक्ष्मण, सुनील पाठक ने जनक और नन्दलाल पाठक ने रावण की भूमिका निभाई। परशुराम की भूमिका में जवाहरलाल पाठक के अभिनय को लोगों नें खूब सराहा। इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य अरूण सिंह, दीनदयाल पाठक, अजीत पाठक, अजय पाठक, अजय यादव, राधाकृष्ण पाठक, संतोष यादव, सोनू, चंचल आदि लोग रहे।
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राम और भरत का मिलन देख आंखें भर आई। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ राम का राजतिलक हुआ। राम ने एक रत्न जड़ित माला सीता को प्रदान किया। सीता ने उस माला को हनुमान को दे डाला। हनुमान माला तोड़ने लगे। दरबारियों ने हनुमान से माला तोड़ने का कारण पूछा। हनुमान ने कहा कि मैं इस माला में राम का नाम खोज रहा हूं। यदि माला में राम नाम नहीं है तो माला मेरे किस काम की है। इस पर दरबारियो ं ने हनुमान से प्रश्न किया कि क्या तुम्हारे हृदय में राम निवास करते हैं, तो हनुमान ने सीना फाड़कर सीता-राम का दर्शन कराए। हनुमान के हृदय में सीता राम का दर्शन कर लीला प्रेमी मंत्रमुग्ध हो गए। तत्पश्चात साकेत दर्शन का मंचन किया गया। इस दौरान कलाकारों, शुभचिंतकों और सहयोगियों को सम्मानित किया गया। बृजकिशोर आजाद, विनय प्रकाश डेविड, अजीत मिश्र, अगम शर्मा, निशांत प्रकाश आदि का अभिनय सराहनीय रहा।
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रतसर। कस्बा के बीका भगत शिवमंदिर परिसर में आयोजित रामलीला राज्याभिषेक के साथ शनिवार को संपन्न हुई। भगवान राम के राजगद्दी पर आसीन होते ही चहुंओर जय श्री राम के जयकारे गूंज उठे। मंच के पास स्थित सरोवर के घाटों पर दीप जगमगा उठे और श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर एक दूसरे को गले लगाकर खुशियां बांटी।
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मुख्य अतिथि सुनील कुमार ने राम की आरती कर कार्यक्रम की शुरूआत की। गुरू वशिष्ठ ने श्री राम को मुकुट पहनाया। रामलीला के 43वें वर्ष पूरे होने पर भाजपा के प्रांतीय परिषद के सदस्य उपेंद्र पाण्डेय ने रामलीला में भाग लेने वाले 40 कलाकारों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। राजगद्दी में विशिष्ट अतिथि चौकी प्रभारी उपेंद्र नाथ दूबे को कमेटी अध्यक्ष नन्दू सिंह ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। रामलीला संचालन में विशेष सहयोग देने वाले भाजपा नेता उमेश सिंह , बंटी सिंह, सुनील सिंह, लोकेश पाण्डेय को मंच पर सम्मानित किया गया। प्रभु राम की राजगद्दी में पधारे सभी श्रद्धालुओं के बीच मिष्ठान्न का वितरण किया गया।
दुबहर। मंगल पांडेय के पैतृक गांव नगवां में शनिवार की रात आदर्श रामलीला कमेटी के रंगमंच पर धनुष यज्ञ और परशुराम-लक्ष्मण संवाद हुआ। सीता के स्वयंवर में राजा जनक की प्रतिज्ञा के अनुसार कई देश के राजा शिव धनुष को तोड़ने के लिए पहुंचे, लेकिन केवल श्रीराम ही धनुष को उठा सके। प्रत्यंचा चढ़ाने में टूट जाता है। इसके बाद जानकी ने श्रीराम का वरण किया। सीता-राम की जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा। धनुष टूटने पर परशुराम स्वयंवर स्थल पहुंचे। जहां लक्ष्मण और परशुराम के बीच संवाद हुआ। लीला में नीतिन तिवारी ने राम, आशीष पाठक लक्ष्मण, सुनील पाठक ने जनक और नन्दलाल पाठक ने रावण की भूमिका निभाई। परशुराम की भूमिका में जवाहरलाल पाठक के अभिनय को लोगों नें खूब सराहा। इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य अरूण सिंह, दीनदयाल पाठक, अजीत पाठक, अजय पाठक, अजय यादव, राधाकृष्ण पाठक, संतोष यादव, सोनू, चंचल आदि लोग रहे।