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Ballia News: सरयू में समाए 150 एकड़ खेत 12 मकानों पर कटान का खतरा
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उपजाऊ भूमि को ठोकर मारती सरयू नदी की लहरें।जागरुक पाठक
बैरिया। उत्तरी दियरांचल में सरयू नदी का जलस्तर घटने के साथ ही कटान ने विकराल रूप धारण कर लिया है। शुक्रवार की शाम से शनिवार दोपहर तक वशिष्ठ नगर, गोपाल नगर, मानगढ़, गोपालनगर टाड़ी और शिवाल मठिया गांवों के सामने करीब 150 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि नदी में समा गई।
वहीं, गोपाल नगर टाड़ी और शिवाल मठिया में 12 से अधिक लोगों के मकानों पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। नदी के लगातार बढ़ते कटान से ग्रामीणों में दहशत है।
किसानों के सामने खेती की जमीन गंवाने से आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, करीब दो किलोमीटर के दायरे में सरयू नदी तेजी से कटान कर रही है।
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वशिष्ठ नगर के विजय सिंह, हंसराज यादव, संतोष यादव, भूटेली यादव, छोटक यादव और मुसाफिर यादव सहित शिवाल मठिया के भोली चौधरी, शिवजी चौधरी, जई चौधरी, धनंजय चौधरी और जीतन चौधरी के मकान कटान के मुहाने पर हैं। उधर, वीरेंद्र यादव, बलराम यादव, रामबाबू यादव, सुरेंद्र यादव, रामनरेश यादव, योगेंद्र यादव, कैलाश यादव, राजपति यादव, लारा सिंह और निर्भय नारायण सिंह समेत करीब 50 किसानों की लगभग 150 एकड़ उपजाऊ भूमि नदी में विलीन हो चुकी है।
सरयू नदी के कटान में दोबारा मकान गंवा चुके गोपाल नगर टाड़ी के तीन परिवारों ने गृह अनुदान के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है। पीड़ितों के अनुसार, उन्होंने लेखपाल से मकान कटने की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजने का आग्रह किया, ताकि उन्हें दोबारा गृह अनुदान मिल सके। आरोप है कि लेखपाल ने दो वर्ष पूर्व अनुदान मिल चुका होने की बात कहकर रिपोर्ट भेजने से मना कर दिया।
इसके बाद तीनों परिवारों ने उप जिलाधिकारी बैरिया को शिकायती पत्र देकर मामले में हस्तक्षेप करने और गृह अनुदान दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
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वहीं, गोपाल नगर टाड़ी और शिवाल मठिया में 12 से अधिक लोगों के मकानों पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। नदी के लगातार बढ़ते कटान से ग्रामीणों में दहशत है।
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किसानों के सामने खेती की जमीन गंवाने से आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, करीब दो किलोमीटर के दायरे में सरयू नदी तेजी से कटान कर रही है।
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वशिष्ठ नगर के विजय सिंह, हंसराज यादव, संतोष यादव, भूटेली यादव, छोटक यादव और मुसाफिर यादव सहित शिवाल मठिया के भोली चौधरी, शिवजी चौधरी, जई चौधरी, धनंजय चौधरी और जीतन चौधरी के मकान कटान के मुहाने पर हैं। उधर, वीरेंद्र यादव, बलराम यादव, रामबाबू यादव, सुरेंद्र यादव, रामनरेश यादव, योगेंद्र यादव, कैलाश यादव, राजपति यादव, लारा सिंह और निर्भय नारायण सिंह समेत करीब 50 किसानों की लगभग 150 एकड़ उपजाऊ भूमि नदी में विलीन हो चुकी है।
सरयू नदी के कटान में दोबारा मकान गंवा चुके गोपाल नगर टाड़ी के तीन परिवारों ने गृह अनुदान के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है। पीड़ितों के अनुसार, उन्होंने लेखपाल से मकान कटने की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजने का आग्रह किया, ताकि उन्हें दोबारा गृह अनुदान मिल सके। आरोप है कि लेखपाल ने दो वर्ष पूर्व अनुदान मिल चुका होने की बात कहकर रिपोर्ट भेजने से मना कर दिया।
इसके बाद तीनों परिवारों ने उप जिलाधिकारी बैरिया को शिकायती पत्र देकर मामले में हस्तक्षेप करने और गृह अनुदान दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।