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चादरपोशी कर मांगी मिन्नतें
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सिकन्दरपुर। नगर के मोहल्ला मुड़ियापुर (बड्ढा) स्थित हजरत हाशिम शाह चहजरब का उर्स बुधवार को अकीदत के साथ मनाया गया। आगाज बुधवार को सुबह दस बजे से कुल शरीफ तथा मिलाद शरीफ के साथ हुआ। जिसमें काफी तादाद में अकीदतमंदों ने भाग लिया।
इस दौरान उलेमा ने जहां दाता साहब की जिंदगी पर रोशनी डाली। वहीं शायरों ने नातिया कलाम पेश कर भीड़ को झूमने और नारे लगाने पर मजबूर कर दिया। इस मौके पर अकीदतमंदों ने अपने घर पर उनके नाम पर फातेहा कर लोगों में तबर्रुक तक़सीम कराया। साथ ही उनके मजार पर आयोजित उर्स में हजारों अकीदतमंदों ने हाजिरी देकर चादर पोशी कर फातेहा पढ़ीं और मिन्नतें मांगी। यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा।
इस बार उर्स के मौके पर लगे मेले में तरह-तरह के मिठाइयों की दुकानें भी सजाई गई थीं। खरीदारों की काफी भीड़ देखी गई। खास करके जौनपुर का मशहूर हलवा और पूड़ी लोगों को बेहद पसंद आया। लोगों ने जमकर जौनपुरी हलवा पूड़ी का स्वाद चखा तथा खरीद कर घर भी ले गए। उधर, मेला में लगाये गए झूले के समीप भी बच्चों की काफी भीड़ रही। बच्चों ने झूला पर चढ़ कर भरपूर मनोरंजन किया। इसके अलावा बच्चों के लिए तरह-तरह के खेल और मनोरंजन के सामानों की दुकानें भी लगाई गई थीं। रात को एशा की नमाज के बाद दाता साहब के मजार पर चादर पोशी की गई तथा उसके तुरंत बाद सैयद शाह वली कादरी के सहन में दूर दूर से आए लोगों को गुद्दड़ शरीफ का जियारत कराया गया। पूरे मेले के दौरान शाम से ही कमेटियों द्वारा अलाव और काफी चाय की व्यवस्था भी की गई थी। जिससे कि बाहर से आए लोगों को ठंड का एहसास कम हो।
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इस दौरान उलेमा ने जहां दाता साहब की जिंदगी पर रोशनी डाली। वहीं शायरों ने नातिया कलाम पेश कर भीड़ को झूमने और नारे लगाने पर मजबूर कर दिया। इस मौके पर अकीदतमंदों ने अपने घर पर उनके नाम पर फातेहा कर लोगों में तबर्रुक तक़सीम कराया। साथ ही उनके मजार पर आयोजित उर्स में हजारों अकीदतमंदों ने हाजिरी देकर चादर पोशी कर फातेहा पढ़ीं और मिन्नतें मांगी। यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा।
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इस बार उर्स के मौके पर लगे मेले में तरह-तरह के मिठाइयों की दुकानें भी सजाई गई थीं। खरीदारों की काफी भीड़ देखी गई। खास करके जौनपुर का मशहूर हलवा और पूड़ी लोगों को बेहद पसंद आया। लोगों ने जमकर जौनपुरी हलवा पूड़ी का स्वाद चखा तथा खरीद कर घर भी ले गए। उधर, मेला में लगाये गए झूले के समीप भी बच्चों की काफी भीड़ रही। बच्चों ने झूला पर चढ़ कर भरपूर मनोरंजन किया। इसके अलावा बच्चों के लिए तरह-तरह के खेल और मनोरंजन के सामानों की दुकानें भी लगाई गई थीं। रात को एशा की नमाज के बाद दाता साहब के मजार पर चादर पोशी की गई तथा उसके तुरंत बाद सैयद शाह वली कादरी के सहन में दूर दूर से आए लोगों को गुद्दड़ शरीफ का जियारत कराया गया। पूरे मेले के दौरान शाम से ही कमेटियों द्वारा अलाव और काफी चाय की व्यवस्था भी की गई थी। जिससे कि बाहर से आए लोगों को ठंड का एहसास कम हो।
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