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Ballia News: मत्स्य पालन के लिए 127 ने किया आवेदन
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बलिया। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत ऑनलाइन किए गए आवेदनों को सत्यापन के शासन को भेज दिया गया है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद पत्रावलियां केंद्र सरकार के पास भेजी जाएंगी। जहां से अनुमोदन मिलने के बाद आवेदकों को अनुदान से लाभान्वित किया जाएगा। जिले में कुल 127 आवेदकों ने मत्स्य विभाग के पोर्टल पर योजना के तहत आवेदन किया है।
इनके सत्यापन को लेकर जिलाधिकारी ने बैठक कर सहायक निदेशक मत्स्य विभाग सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को आवेदक के मोबाइल नंबर पर संपर्क कर जानकारी प्राप्त करने और सत्यापन कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे।
मत्स्य विभाग के अनुसार, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत लगभग 25 परियोजनाओं में वित्तीय सहायता या अनुदान दिया जाता है। इसमें सामान्य, ओबीसी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के महिलाओं को इस परियोजना के तहत विभाग की ओर से लागत का 60 प्रतिशत अनुदान मिलता है। जबकि अन्य वर्ग के पुरुषों को 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।
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इस योजना के तहत जिले के 127 आवेदकों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। इसका सत्यापन विभागीय अधिकारी कर रहे हैं। जिला मत्स्य अधिकारी विकास कुमार मिश्रा ने बताया कि सभी आवेदनों की जांच पूरी होने के बाद स्वीकृति के लिए शासन को भेज दिया गया है। शासन से पात्र लाभार्थियों को अनुदान राशि प्रदान की जाएगी। इसके पूर्व विभागीय अधिकारी ने प्रत्येक आवेदक से संपर्क कर दस्तावेजों का मिलान कराया है।
मिलती हैं ये सुविधाएं
- मत्स्य पालन के लिए नए तालाबों का निर्माण किया जाता है। मछली पालन से जुड़ी आवश्यकताओं पर अनुदान दिया जाता है। समुद्री क्षेत्र में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए सहायता दी जाती है। मछली बीज उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाता है। आधुनिक तकनीक से मछली पालन करने के लिए बायोफ्लाक टैंकों की स्थापना की जाती है। छोटे, मध्यम और बड़े आकार के रिसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम को अनुदान दिया जाता है। मछलियों के आहार निर्माण के लिए फिश फीड मिल की स्थापना को बढ़ावा दिया जाता है। मत्स्य विक्रेताओं को मछली के परिवहन के लिए सहायता दी जाती है। मछली बीज उत्पादन और नर्सरी की स्थापना को बढ़ावा दिया जाता है। उपभोक्ताओं को ताजी मछली उपलब्ध कराने के लिए विक्रय केंद्र खोले जाते हैं।
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इनके सत्यापन को लेकर जिलाधिकारी ने बैठक कर सहायक निदेशक मत्स्य विभाग सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को आवेदक के मोबाइल नंबर पर संपर्क कर जानकारी प्राप्त करने और सत्यापन कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे।
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मत्स्य विभाग के अनुसार, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत लगभग 25 परियोजनाओं में वित्तीय सहायता या अनुदान दिया जाता है। इसमें सामान्य, ओबीसी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के महिलाओं को इस परियोजना के तहत विभाग की ओर से लागत का 60 प्रतिशत अनुदान मिलता है। जबकि अन्य वर्ग के पुरुषों को 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।
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इस योजना के तहत जिले के 127 आवेदकों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। इसका सत्यापन विभागीय अधिकारी कर रहे हैं। जिला मत्स्य अधिकारी विकास कुमार मिश्रा ने बताया कि सभी आवेदनों की जांच पूरी होने के बाद स्वीकृति के लिए शासन को भेज दिया गया है। शासन से पात्र लाभार्थियों को अनुदान राशि प्रदान की जाएगी। इसके पूर्व विभागीय अधिकारी ने प्रत्येक आवेदक से संपर्क कर दस्तावेजों का मिलान कराया है।
मिलती हैं ये सुविधाएं
- मत्स्य पालन के लिए नए तालाबों का निर्माण किया जाता है। मछली पालन से जुड़ी आवश्यकताओं पर अनुदान दिया जाता है। समुद्री क्षेत्र में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए सहायता दी जाती है। मछली बीज उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाता है। आधुनिक तकनीक से मछली पालन करने के लिए बायोफ्लाक टैंकों की स्थापना की जाती है। छोटे, मध्यम और बड़े आकार के रिसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम को अनुदान दिया जाता है। मछलियों के आहार निर्माण के लिए फिश फीड मिल की स्थापना को बढ़ावा दिया जाता है। मत्स्य विक्रेताओं को मछली के परिवहन के लिए सहायता दी जाती है। मछली बीज उत्पादन और नर्सरी की स्थापना को बढ़ावा दिया जाता है। उपभोक्ताओं को ताजी मछली उपलब्ध कराने के लिए विक्रय केंद्र खोले जाते हैं।