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जीएसटी दरों में हुए नए बदलाव से मिलेगी राहत
Updated Sat, 14 Oct 2017 11:22 PM IST
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बलिया। केंद्र सरकार के जीएसटी की दरों में बदलाव करने और विभिन्न सहूलियतों की घोषणा करने का सराफा, कपड़ा, पीतल और अन्य स्थानीय उद्योगों पर फर्क पड़ा है। घोषणा के बाद बाजार में तेजी आई है। वस्तुओं पर टैक्स की दर कम होने का असर उत्पाद की कीमत पर भी पड़ता है, ऐसे में व्यापार भी इससे अछूता नहीं रह गया है।
जीएसटी दर में कटौती होने के बाद ऐसी संभावना जताई गई थी कि वस्तुओं के दाम घटेंगे और जनता को थोड़ी राहत मिलेगी। बिना ब्रांड वाले नमकीन, बिना ब्रांड वाले आयुर्वेदिक दवाओं, अमचूर और खाकड़ा पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। इसका असर इसकी कीमतों पर भी पड़ा है। कीमतें घटने से आम लोगों को काफी राहत मिली है। जीएसटी के दरों में बदलाव का दूसरा असर कपड़ा उद्योग पर भी पड़ा है। यहां कपड़ा क्षेत्र में उपयोग होने वाले मानव निर्मित धागे पर माल एवं सेवा कर को 18 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे कारोबारियों को जहां राहत मिली है, वहीं इसका फायदा ग्राहकों को भी होगा। कपड़ा कारोबारी धनजी का कहना है कि मानव निर्मित धागे पर माल एवं सेवा कर को घटाकर 12 प्रतिशत करने से राहत मिली है। गोल्ड पर अभी तक 10% कस्टम ड्यूटी, मैन्युफैक्चरिंग पर 1% एक्साइज, बिक्री पर 1% वैट लगता था, लेकिन जीएसटी के बाद 3% टैक्स लग रहा है। इसका असर सराफा बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। सराफा व्यापारी रमांकात का कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद कारोबार बेहतर हो रहा है। पहले जहां सोने चांदी पर तरह-तरह का टैक्स देना पड़ता था, अब उससे राहत मिली है। पहले की अपेक्षा टैक्स का दायरा भी घटा है। इसी वजह से आज सराफा बाजार लगातार बढ़ रहा है।
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जीएसटी दर में कटौती होने के बाद ऐसी संभावना जताई गई थी कि वस्तुओं के दाम घटेंगे और जनता को थोड़ी राहत मिलेगी। बिना ब्रांड वाले नमकीन, बिना ब्रांड वाले आयुर्वेदिक दवाओं, अमचूर और खाकड़ा पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। इसका असर इसकी कीमतों पर भी पड़ा है। कीमतें घटने से आम लोगों को काफी राहत मिली है। जीएसटी के दरों में बदलाव का दूसरा असर कपड़ा उद्योग पर भी पड़ा है। यहां कपड़ा क्षेत्र में उपयोग होने वाले मानव निर्मित धागे पर माल एवं सेवा कर को 18 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे कारोबारियों को जहां राहत मिली है, वहीं इसका फायदा ग्राहकों को भी होगा। कपड़ा कारोबारी धनजी का कहना है कि मानव निर्मित धागे पर माल एवं सेवा कर को घटाकर 12 प्रतिशत करने से राहत मिली है। गोल्ड पर अभी तक 10% कस्टम ड्यूटी, मैन्युफैक्चरिंग पर 1% एक्साइज, बिक्री पर 1% वैट लगता था, लेकिन जीएसटी के बाद 3% टैक्स लग रहा है। इसका असर सराफा बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। सराफा व्यापारी रमांकात का कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद कारोबार बेहतर हो रहा है। पहले जहां सोने चांदी पर तरह-तरह का टैक्स देना पड़ता था, अब उससे राहत मिली है। पहले की अपेक्षा टैक्स का दायरा भी घटा है। इसी वजह से आज सराफा बाजार लगातार बढ़ रहा है।
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