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सांकेतिक बोर्ड और हेल्पलाइन नंबर लगाएं
Updated Thu, 29 Jun 2017 11:31 PM IST
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बलिया। जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा संबंधी बैठक गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। जिसमें डीएम ने सड़क सुरक्षा सप्ताह को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश परिवहन विभाग व अन्य संबंधित विभागों को दिया।
बैठक को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि लोग जागरूक होंगे और यातायात नियमों का पालन करेंगे तो निश्चित रूप से घटनाएं कम होंगी। कहाकि सड़क सुरक्षा के प्रति बच्चों को जागरूक करने के लिए स्कूल व कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाया जाए। वहां पर बच्चों और युवाओं को यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी। इसमें क्षेत्र के एसडीएम, सीओ, शिक्षा विभाग के अधिकारी भी लगेंगे। नेशनल हाईवे या स्टेट हाईवे की सड़कों पर जहां भी खतरनाक मोड़ या पुलिया है, वहां संाकेतिक चिह्न लगवाना सुनिश्चित करें। कहा कि अचानक कोई घटना घटित हो तो प्राथमिक उपचार के रूप में क्या करें। इसकी जानकारी वाला बोर्ड तथा हेल्पलाइन नम्बर जगह-जगह लगाने का निर्देश दिया। इसके लिए सीएमओ व एआरटीओ को जिम्मेदारी सौंपी। परिवहन विभाग की कल्याणकारी योजनाएं जैसे क्लेम आदि की प्रक्रिया का पम्पलेट व बुकलेट के माध्यम से व्यापक प्रचार प्रसार करने का आदेश दिया। इस मौके पर सीडीओ सतोष कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट निखिल टीकाराम फुंडे, समस्त एसडीएम, सीओ, एआरटीओ आन्जनेय सिंह, राम सिंह आदि मौजूद रहे।
सड़कों पर न दिखे बिल्डिंग मैटेरियल
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सड़कों पर कहीं भी बिल्डिंग मैटेरियल नहीं दिखना चाहिए। इससे बड़ी दुर्घटना घटित हो जाती है। पुलिस विभाग को निर्देश दिया कि अगर कहीं ऐसा पाएं तो खाली करा दें। अन्यथा की स्थिति में कार्रवाई भी करें। वाहन स्टैंड भी सही जगह पर हो और वहां सामुदायिक शौचालय की व्यवस्था की जाए।
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बाढ़ से निपटने को एनडीआरएफ टीम ने की प्लानिंग
जिले में सम्भावित बाढ़ के प्रति आम जनता को राहत पहुंचाने के प्रति जिला प्रशासन पूरी तरह गम्भीर है। इसके लिए एनडीआरएफ वाराणसी की टीम गुरूवार को डीएम, एडीएम के साथ बाढ़ की स्थिति से निबटने के लिए पीड़ित गांवों तक पहुंचने की प्लानिंग की। जिलाधिकारी ने एनडीआरएफ टीम के साथ बातचीत कर जिले की स्थिति से अवगत कराया। संवेदनशील जगहों के बारे में जानकारी दी तथा आवश्यक दिशा निर्देश भी दिया। एनडीआरएफ की टीम शुक्रवार को फेफना, दुबहड, हल्दी क्षेत्र में जाकर स्थलीय निरीक्षण भी करेगी।
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बैठक को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि लोग जागरूक होंगे और यातायात नियमों का पालन करेंगे तो निश्चित रूप से घटनाएं कम होंगी। कहाकि सड़क सुरक्षा के प्रति बच्चों को जागरूक करने के लिए स्कूल व कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाया जाए। वहां पर बच्चों और युवाओं को यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी। इसमें क्षेत्र के एसडीएम, सीओ, शिक्षा विभाग के अधिकारी भी लगेंगे। नेशनल हाईवे या स्टेट हाईवे की सड़कों पर जहां भी खतरनाक मोड़ या पुलिया है, वहां संाकेतिक चिह्न लगवाना सुनिश्चित करें। कहा कि अचानक कोई घटना घटित हो तो प्राथमिक उपचार के रूप में क्या करें। इसकी जानकारी वाला बोर्ड तथा हेल्पलाइन नम्बर जगह-जगह लगाने का निर्देश दिया। इसके लिए सीएमओ व एआरटीओ को जिम्मेदारी सौंपी। परिवहन विभाग की कल्याणकारी योजनाएं जैसे क्लेम आदि की प्रक्रिया का पम्पलेट व बुकलेट के माध्यम से व्यापक प्रचार प्रसार करने का आदेश दिया। इस मौके पर सीडीओ सतोष कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट निखिल टीकाराम फुंडे, समस्त एसडीएम, सीओ, एआरटीओ आन्जनेय सिंह, राम सिंह आदि मौजूद रहे।
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सड़कों पर न दिखे बिल्डिंग मैटेरियल
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सड़कों पर कहीं भी बिल्डिंग मैटेरियल नहीं दिखना चाहिए। इससे बड़ी दुर्घटना घटित हो जाती है। पुलिस विभाग को निर्देश दिया कि अगर कहीं ऐसा पाएं तो खाली करा दें। अन्यथा की स्थिति में कार्रवाई भी करें। वाहन स्टैंड भी सही जगह पर हो और वहां सामुदायिक शौचालय की व्यवस्था की जाए।
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बाढ़ से निपटने को एनडीआरएफ टीम ने की प्लानिंग
जिले में सम्भावित बाढ़ के प्रति आम जनता को राहत पहुंचाने के प्रति जिला प्रशासन पूरी तरह गम्भीर है। इसके लिए एनडीआरएफ वाराणसी की टीम गुरूवार को डीएम, एडीएम के साथ बाढ़ की स्थिति से निबटने के लिए पीड़ित गांवों तक पहुंचने की प्लानिंग की। जिलाधिकारी ने एनडीआरएफ टीम के साथ बातचीत कर जिले की स्थिति से अवगत कराया। संवेदनशील जगहों के बारे में जानकारी दी तथा आवश्यक दिशा निर्देश भी दिया। एनडीआरएफ की टीम शुक्रवार को फेफना, दुबहड, हल्दी क्षेत्र में जाकर स्थलीय निरीक्षण भी करेगी।