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जल निगम में 12 करोड़ के गोलमाल का मामला आया सामने

Sun, 24 Nov 2019 11:45 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 24 Nov 2019 11:45 PM IST
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12 crore evasion case exposed in Jal Nigam
बलिया। जल निगम की तीन योजनाओं में करीब 12 करोड़ रुपये के गोलमाल का मामला उजागर हुआ है। दो वर्षों में जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव से लगने वाले हैंडपंप मद के 70.96 लाख रुपये अन्य मद में खर्च किए गए। सीवर योजना की 1111.48 लाख (11 करोड़ 11 लाख 48 हजार) की धनराशि प्रत्यावर्तित कर अमृत कार्यक्रम पर खर्च किया गया है। ऐसा तत्कालीन अधिशासी अभियंता कायम हुसैन के कार्यकाल में हुआ। वर्तमान अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार ने इस मामले से विभाग के अधीक्षण अभियंता आजमगढ़ और मुख्य अभियंता वाराणसी को पत्र भेज अवगत कराया है।
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एक माह पहले जलनिगम के तत्कालीन अधिशासी अभियंता कायम हुसैन के हटने के बाद जल निगम के अधिशासी अभियंता का प्रभार विभाग के ही प्रकल्प शाखा के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार को दिया गया। इसके बाद विभागीय कार्यों की पड़ताल होने लगी है। सीवर, अमृत कार्यक्रम और विधायक व विधान परिषद सदस्यों की निधि से लगने वाले हैंडपंपों की पड़ताल की गई तो गड़बड़ी सामने आई। सामने आया कि वर्ष 2017-18 में जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर 346 हैंडपंप स्थापित करने के लिए कुल 106.64 लाख की धनराश प्राप्त हुई जो पूरी खर्च हो चुकी है जबकि 96 हैंडपंपों का भुगतान किया जाना बाकी है। इसी तरह वर्ष 2018-19 में 351 हैंडपंप स्थापित करने के लिए 110.77 लाख की धनराशि प्राप्त हुई और पूरी खर्च भी हो चुकी है जबकि 130 हैंडपंपों का भुगतान बाकी है। एक्सईएन ने अधिकारियों को पत्र भेज बताया है कि हैंडपंप मद का दो सालों में कुल 70.96 लाख की धनराशि तत्कालीन एक्सईएन कायम हुसैन के कार्यकाल में अन्य मद में व्यय किया गया, लिहाजा इस धनराशि को खंड मुुहैया कराई जाए ताकि भुगतान किया जा सके।
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उन्होंने अधिकारियों को पत्र भेजकर बताया है कि अमृत कार्यक्रम के तहत सीवर हाउस कनेक्शन के लिए स्वीकृत लागत 4007.10 लाख व कार्य की लागत 3565.76 लाख के सापेक्ष 570.53 लाख की धनराशि प्राप्त हुई लेकिन 1612.98 लाख की धनराशि खर्च की गई है। इसी तरह पेयजल हाउस कनेक्शन के लिए स्वीकृत लागत 204.97 लाख व कार्य लागत 182.40 लाख के सापेक्ष 29.18 लाख की धनराशि प्राप्त हुई जबकि 98.21 लाख का भुगतान किया गया है। अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार ने बताया है कि सीवर योजना से प्रत्यावर्तित कर 1111.48 लाख अमृत कार्यक्रम पर खर्च किया गया है, लिहाजा इस धनराशि को अमृत कार्यक्रम से आवंटित की जाए। जल निगम के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार ने बताया कि सीवर आदि कई मामलों की जांच चल रही है। उनकी ओर से कोई पत्र धन के डायवर्जन को लेकर नहीं भेजी गई है।
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अधीक्षण अभियंता अस्थायी निर्माण खंड, जल निगम आजमगढ़ ने बताया कि सीवर समेत कई मामलों की टीएसी जांच चल रही है। जल निगम बलिया में धन का डायवर्जन तो हुआ है, पूरी रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।

दोषी के खिलाफ दर्ज किया जाए मुकदमा : बलिया। इंटक के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने महीनों पूर्व भी जल निगम के एमडी व चेयरमैन को पत्र भेज कर बताया था कि तत्कालीन कायम हुसैन के कार्यकाल में निर्धारित मदों के धन को दूसरे मद में खर्च कर बड़े पैमाने पर गोलमाल किया है। इसकी जांच आज भी चल रही है। कहा कि अब उनकी शिकायत की पुष्टि हो चुकी है लिहाजा सरकारी धन का गोलमाल करने के मामले में संबधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए।
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