{"_id":"5a2c1ef14f1c1b156b8bb411","slug":"11512840945-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेबी इंटर कालेज के प्रबंध तंत्र के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेबी इंटर कालेज के प्रबंध तंत्र के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति
Updated Sat, 09 Dec 2017 11:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गड़वार क्षेत्र में स्थित जंगली बाबा इंटर कॉलेज के प्रबंधन पर कार्रवाई के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक ने मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक को पत्र लिखाहै। डीआईओएस ने एक अल्पकालिक सहायक अध्यापक को अनियमित तरीके से वेतन व अवशेष भुगतान करने के मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए माध्यमिक शिक्षा के वित्त एवं लेखाधिकारी से आंगणन कर प्रस्ताव मांगा है।
डीआईओएस की रिपोर्ट के अनुसार गड़वार क्षेत्र के जंगली बाबा इंटर कॉलेज के सहायक अध्यापक संजय सिंह के वेतन का आहरण तत्कालीन डीआईओएस के निर्देश पर किया गया था। यह मामला हाईकोर्ट में चल रहा था। हाईकोर्ट के निर्देश पर शासन स्तर पर मामले की जांच की गई। जांच के बाद माध्यमिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल ने अनियमित तरीके से श्री सिंह को किए गए वेतन भुगतान की रिकवरी एवं प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने के मामले में कॉलेज के प्रबंध तंत्र के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रस्ताव देने का निर्देश दिया। शासन के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने शुक्रवार को मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक को प्रस्ताव भेज दिया है। डीआईओएस ने माना कि संजय कुमार सिंह सहायक अध्यापक की नियुक्ति अल्पकालिक रूप से रिक्त पद पर तीन जुलाई 1999 को प्रबंध तंत्र ने की थी। छह साल बाद वेतन भुगतान के लिए श्री सिंह ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। कोर्ट के 27 मई 2005 के आदेश को दर्शाकर डीआईओएस कार्यालय से छह नवंबर 2005 को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से वेतन भुगतान की अनुमति दी गई। जबकि कोर्ट ने वेतन भुगतान के लिए कोई आदेश नहीं दिया था। जिविनि के आख्या के अनुसार श्री सिंह प्रबंध तंत्र की सहमति से 20 नवंबर 2011से छह मई 2016 तक अन्य विभाग में प्रतिनियुक्ति पर कार्य किए। प्रबंध समिति द्वारा श्री सिंह को बिना विभाग से वेतन भुगतान किए अनियमित रूप से प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया, जिसके लिए प्रबंध तंत्र दोषी है। जिविनि ने दोषी प्रबंध तंत्र के खिलाफ माध्यमिक शिक्षा अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने की सिफारिश की है। उधर, डीआईओएस ने माना कि जंगली बाबा इंटर कालेज के सहायक अध्यापक संजय सिंह की सेवाएं 30 जून 2008 के बाद नियमित नहीं रह गई थीं। लिहाजा इन्हें भविष्य में वेतन देने का कोई औचित्य नहीं है। जिविनि ने इस बाबत कार्रवाई के लिए वित्त एवं लेखाधिकारी सेे प्रस्ताव मांगा है।
डीआईओएस की रिपोर्ट के अनुसार गड़वार क्षेत्र के जंगली बाबा इंटर कॉलेज के सहायक अध्यापक संजय सिंह के वेतन का आहरण तत्कालीन डीआईओएस के निर्देश पर किया गया था। यह मामला हाईकोर्ट में चल रहा था। हाईकोर्ट के निर्देश पर शासन स्तर पर मामले की जांच की गई। जांच के बाद माध्यमिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल ने अनियमित तरीके से श्री सिंह को किए गए वेतन भुगतान की रिकवरी एवं प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने के मामले में कॉलेज के प्रबंध तंत्र के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रस्ताव देने का निर्देश दिया। शासन के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने शुक्रवार को मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक को प्रस्ताव भेज दिया है। डीआईओएस ने माना कि संजय कुमार सिंह सहायक अध्यापक की नियुक्ति अल्पकालिक रूप से रिक्त पद पर तीन जुलाई 1999 को प्रबंध तंत्र ने की थी। छह साल बाद वेतन भुगतान के लिए श्री सिंह ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। कोर्ट के 27 मई 2005 के आदेश को दर्शाकर डीआईओएस कार्यालय से छह नवंबर 2005 को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से वेतन भुगतान की अनुमति दी गई। जबकि कोर्ट ने वेतन भुगतान के लिए कोई आदेश नहीं दिया था। जिविनि के आख्या के अनुसार श्री सिंह प्रबंध तंत्र की सहमति से 20 नवंबर 2011से छह मई 2016 तक अन्य विभाग में प्रतिनियुक्ति पर कार्य किए। प्रबंध समिति द्वारा श्री सिंह को बिना विभाग से वेतन भुगतान किए अनियमित रूप से प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया, जिसके लिए प्रबंध तंत्र दोषी है। जिविनि ने दोषी प्रबंध तंत्र के खिलाफ माध्यमिक शिक्षा अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने की सिफारिश की है। उधर, डीआईओएस ने माना कि जंगली बाबा इंटर कालेज के सहायक अध्यापक संजय सिंह की सेवाएं 30 जून 2008 के बाद नियमित नहीं रह गई थीं। लिहाजा इन्हें भविष्य में वेतन देने का कोई औचित्य नहीं है। जिविनि ने इस बाबत कार्रवाई के लिए वित्त एवं लेखाधिकारी सेे प्रस्ताव मांगा है।
विज्ञापन