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बाजार बढ़ने की उम्मीद, मुनाफा भी बढ़ेगा
Updated Sun, 10 Sep 2017 10:43 PM IST
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बलिया। जीएसटी में गरीबों तथा दस्तकारों को राहत दिए जाने से बाजार बढ़ने की उम्मीद जगी है। जबकि इसके चलते मुनाफा भी बढ़ेगा। दूकानदार और शिल्पी इस छूट से खुश हैं। उनका कहना है कि नया फैसला उनके हित में है। देर से ही सही सरकार का यह कदम सराहनीय है।
शहर में जगह-जगह फेरी दूकान लगाकर जीविकोपार्जन करने वाले सैकड़ों की तादाद में हैं। यह दूकानदार छोटी पूंजी लगाकर दूकान चलाकर परिवार का भरण पोषण करते हैं। लेकिन जीएसटी के चलते इन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसके अलावा जगह-जगह छोटे कारोबारी भी घरेलू उपयोग तथा खाने-पीने के सामानों को बेचते थे, लेकिन इन्हें भी जीएसटी ने परेशान कर रखा था। जीएसटी काउंसिल की 21वीं बैठक में 20 लाख तक सालाना टर्न ओवर करने वाले दस्तकारों और कलाकारों को जीएसटी पंजीकरण से छूट दे दी गई। इस फैसले से इनके चेहरे पर रौनक लौट आई है। खासकर खुदरा तौर पर कुछ सामानों को बेचकर या विभिन्न मौकों पर मूर्तियों को बनाकर परिवार का पेट भरने वालों ने नए फैसले का स्वागत किया है।
शहर के सिनेमा रोड स्थित इडली, डोसा बेचने वाले छोटे चौहान ने बताया कि नए फैसले से बाजार अच्छा होगा और फायदा भी होगा। कहा कि दरें घटने का लाभ दूकानदारों को मिलेगा। चित्तू पांडेय चौराहा स्थित मूर्तिकार रामजी ने बताया कि सबसे बड़ा फायदा तो यह है कि जीएसटी पंजीकरण से मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा किसी तरह का टैक्स नहीं लगने से होने वाले फायदे से परिवार का गुजर-बसर आसानी से किया जा सकेगा। शहर के दवा मंडी के पास चने बेचने वाले सुनील कुमार गुप्ता ने कहा कि दरे घटने से जहां दूकानदारों को लाभ मिलेगा। वहीं ग्राहकों को भी राहत मिलेगी और दूकानदारी तेज होगी।
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शहर में जगह-जगह फेरी दूकान लगाकर जीविकोपार्जन करने वाले सैकड़ों की तादाद में हैं। यह दूकानदार छोटी पूंजी लगाकर दूकान चलाकर परिवार का भरण पोषण करते हैं। लेकिन जीएसटी के चलते इन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसके अलावा जगह-जगह छोटे कारोबारी भी घरेलू उपयोग तथा खाने-पीने के सामानों को बेचते थे, लेकिन इन्हें भी जीएसटी ने परेशान कर रखा था। जीएसटी काउंसिल की 21वीं बैठक में 20 लाख तक सालाना टर्न ओवर करने वाले दस्तकारों और कलाकारों को जीएसटी पंजीकरण से छूट दे दी गई। इस फैसले से इनके चेहरे पर रौनक लौट आई है। खासकर खुदरा तौर पर कुछ सामानों को बेचकर या विभिन्न मौकों पर मूर्तियों को बनाकर परिवार का पेट भरने वालों ने नए फैसले का स्वागत किया है।
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शहर के सिनेमा रोड स्थित इडली, डोसा बेचने वाले छोटे चौहान ने बताया कि नए फैसले से बाजार अच्छा होगा और फायदा भी होगा। कहा कि दरें घटने का लाभ दूकानदारों को मिलेगा। चित्तू पांडेय चौराहा स्थित मूर्तिकार रामजी ने बताया कि सबसे बड़ा फायदा तो यह है कि जीएसटी पंजीकरण से मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा किसी तरह का टैक्स नहीं लगने से होने वाले फायदे से परिवार का गुजर-बसर आसानी से किया जा सकेगा। शहर के दवा मंडी के पास चने बेचने वाले सुनील कुमार गुप्ता ने कहा कि दरे घटने से जहां दूकानदारों को लाभ मिलेगा। वहीं ग्राहकों को भी राहत मिलेगी और दूकानदारी तेज होगी।
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