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10 फीसदी ही नुकसान बताना मजाक
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Mon, 13 Apr 2015 12:06 AM IST
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आरएसएस के पूर्व जिला प्रभारी एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र सिंह रविवार को बैरिया स्थित डाकबंगला में पत्रकारों से रूबरू हुए।
उन्होंने तहसील प्रशासन पर आरोप लगाया कि यहां के अधिकारी और कर्मचारी काम से बचने के लिए घर बैठे की किसानों की फसलों के नुकसान का सर्वे कर रहे हैं।
मात्र 10 फीसदी फसल बर्बाद होने की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। जबकि वास्तव में 60 से 80 फीसदी फसल बर्बाद हुई है।
उन्होंने कहा कि मऊ और मेरठ में आपदा ग्रस्त किसानों की सदमे से मौत हो रही है। क्या जिला और तहसील प्रशासन उसी तरह से द्वाबा में भी मौत का इंजतार कर रहा है?
चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के अंदर तहसील प्रशासन मौसम की खराबी से फसलों के नुकसान का सही रिपोर्ट शासन को नहीं सौंपा तो तहसील प्रांगण में भूख हड़ताल के लिए बाध्य हो जाऊंगा।
कहा कि सपा की सरकार को भी चाहिए था कि कम से कम अपने प्रतिनिधियों से आपदा में नुकसान का सर्वे कराकर किसानों के दर्द को समझे और सही रिपोर्ट शासन को सौंपे।
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उन्होंने तहसील प्रशासन पर आरोप लगाया कि यहां के अधिकारी और कर्मचारी काम से बचने के लिए घर बैठे की किसानों की फसलों के नुकसान का सर्वे कर रहे हैं।
मात्र 10 फीसदी फसल बर्बाद होने की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। जबकि वास्तव में 60 से 80 फीसदी फसल बर्बाद हुई है।
उन्होंने कहा कि मऊ और मेरठ में आपदा ग्रस्त किसानों की सदमे से मौत हो रही है। क्या जिला और तहसील प्रशासन उसी तरह से द्वाबा में भी मौत का इंजतार कर रहा है?
चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के अंदर तहसील प्रशासन मौसम की खराबी से फसलों के नुकसान का सही रिपोर्ट शासन को नहीं सौंपा तो तहसील प्रांगण में भूख हड़ताल के लिए बाध्य हो जाऊंगा।
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कहा कि सपा की सरकार को भी चाहिए था कि कम से कम अपने प्रतिनिधियों से आपदा में नुकसान का सर्वे कराकर किसानों के दर्द को समझे और सही रिपोर्ट शासन को सौंपे।
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