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गंगा की लहरों में बहा 10 मीटर रिवेटमेंट प्लेटफार्म
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रामगढ़ क्षेत्र के चौबेछपरा स्थित गंगा नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि के चलते अपने हाथों अपने घरों क
- फोटो : BALLIA
रामगढ़। पिछले कुछ दिनों से गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। गंगा के बैकरोलिंग धारा के चलते मंगलवार सुबह चौबे छपरा के समीप बने ठोकर के पश्चिम दिशा में बने रिवेटमेंट का प्लेटफार्म करीब 10 मीटर तक गंगा की लहरों में बह गया। रिवेटमेंट के कटते ही गंगा की लहरें चौबे छपरा निवासी लक्ष्मण ओझा के मकान से टकराने लगी हैं। गंगा के उग्र तेवर देख चौबे छपरा, सोनार टोला और बनिया टोला में अफरा-तफरी का माहौल है। रिवेटमेंट के कटने की सूचना पर पहुंचे बाढ़ विभाग के अवर अभियंता जावेद और प्रशांत कुमार ने ठेकेदार को बालू से भरी बोरियों को तत्काल डालने का निर्देश दिया, ताकि कटान को रोका जा सके, लेकिन गंगा के जलस्तर में काफी बढ़ाव होने के कारण पानी में बालू से भरी बोरियों का पता नहीं चल पा रहा है। गंगा के उग्र तेवर को देख बाढ़ विभाग के भी हाथ-पांव फूलने लगे हैं। जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो एनएच-31 भी खतरे में पड़ सकता है। नदी के रौद्र रूप को देख शोभा छपरा निवासी लक्ष्मण ओझा, निर्मल खरवार और पवन खरवार ने अपने मकान को उजाड़ने का काम शुरू कर दिया। लोगों का कहना है कि कभी भी गंगा की लहरें घर को अपना ग्रास बना सकती हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गंगा का जलस्तर मंगलवार की दोपहर 12 बजे 57.20 मीटर दर्ज की गई। साथ ही प्रति घंटा छह सेंटीमीटर का बढ़ाव बना हुआ है। गंगा नदी डेंजर लेवल के करीब पहुंचने की घंटी बजनी शुरू हो गई है। गंगापुर डगरा से लेकर केहरपुर तक आरारों पर लहरों के टकराने का क्रम जारी है।
मुहाने पर बसे गांव के लोगों की बढ़ी धुकधुकी
रामगढ़। गंगा के मुहाने पर बसे सोनार टोला, बनिया टोला में अफरातफरी का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने जमकर कार्यों में मानकों की अनदेखी की। जब मनमानी करने का आरोप लगाया तो किसी अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने नहीं सुनीं। कभी भी हम लोगों का घर गंगा की लहरों में विलीन हो सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब 34 करोड़ की परियोजना के बाद हम असुरक्षित रहे तो फ्लड फाइटिंग के कार्य से कैसे सुरक्षित हो जाएंगे।
मूर्त्य रूप नहीं ले पाया धारा मोड़ने की योजना
रामगढ़। गंगा नदी के उस पार पचरुखिया मौजे से लेकर नौरंगा तक गंगा नदी की धारा को मोड़ने का कार्य भी अधिकारियों की लापरवाही के कारण मूर्त रूप नहीं ले पाया। इस बार ड्रेजिंग का कार्य यूपीपीसीएल के जिम्मे है। समय से कार्य शुरू होने के बाद भी नदी की ड्रेजिंग का कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका। अपने ऊपर कोई आरोप न लगे, इसलिए अधिकारी तर्क दे रहे हैं कि किसानों के विरोध के कारण कार्य पूरा न हो सका। शासन स्तर से 64 करोड़ रुपए मिलने के बाद भी ठेकेदारों और जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते प्रदेश सरकार एक बार फिर कठघरे में है। 64 करोड़ खर्च के बाद भी एनएच-31 और गांव सुरक्षित नहीं है।
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सरयू का कटान तेज, गोपालनगर टाड़ी 20 मीटर दूर
बैरिया। उत्तरी दीयरांचल के गोपालनगर टाड़ी के सामने सरयू नदी का कटान तेज होने के कारण गांव पर खतरा उत्पन्न हो गया है। नदी से गांव की दूरी महज 20 मीटर रह गई है। फुलवरिया गांव के सामने से गोपालनगर टाड़ी तक दो किमी की लंबाई में सरयू नदी प्रति दिन 10 से 15 एकड़ उपजाऊ खेत निगल रही है। गोपालनगर टाड़ी के करीब सरयू नदी की धारा पहुंचने से पूरा गांव दहशत में है। गोपालनगर टाड़ी निवासी मुखराम यादव, लगन यादव, रामचेला, लालू सिंह, राजनाथ यादव, शिवगोबिंद यादव, शिवनाथ यादव, लालू यादव आदि की उपजाऊ जमीन मंगलवार को सरयू नदी में विलीन हो गई। हरिकिशुन यादव, जटा यादव, लालबाबू यादव, वीरेंद्र यादव सहित कई लोगों का घर घाघरा के मुहाने पर आ गया है। वहीं, एसडीएम अभय कुमार सिंह ने बताया कि रोजना बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण किया जा रहा है। गोपालनगर टाड़ी के गांव के सामने कटान की सूचना मिली है। आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
गांवों की ओर से चला गंगा और सरयू का पानी
जयप्रकाशनगर। ब्लाक मुरली छपरा क्षेत्र के कई ग्राम पंचायतें कई दशकों से बाढ़ का दंश झेल रही हैं। चार दिनों से गंगा और सरयू नदी का पानी गांव की तरफ बढ़ चला है। स्थिति यही रही तो चांद दीयर, इब्राहिमाबाद नौबरार, कोडरहा नौबरार के कई पूर्वो में बाढ़ का पानी प्रवेश करते देर नहीं लगेगी। बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि एक से दो दिन में गंगा नदी रामपुर कोडरहा, भवन टोला, टीपुरी तो सरयू नदी चांद दीयर पंचायत के टोला फतेह राय, बैजनाथ के डेरा, बकुल्हा, बकुल्हा पूर्वी आदि गांवों में प्रवेश करना शुरू कर देगा। सरयू ने चांददीयर पंचायत के टोला फतेह राय के गांव के उत्तरी छोर पर तीन दिन पूर्व से ही दस्तक देते हुए किसानों के खेतों को अपनी आगोश में ले लिया था। एक-दो दिन में उन खेतों में जाने के लिए सभी मार्ग भी अवरुद्ध हो जाएंगे। प्रधान विनोद यादव, पूर्व प्रधान वीरेंद्र यादव, जयप्रकाश सिंह, अमरनाथ यादव, भीम सिंह, सुरेंद्र यादव, विजेंद्र यादव आदि रहे।
मझरिया गांव में शुरू हुआ कटान
सागरपाली। क्षेत्र के मझरिया गांव की अनुसूचित और गोड बस्ती टोंस नदी के पास बसी है। तीन वर्षों से कटान होता है। बाढ़ अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन समय के साथ कटान को लेकर विभाग ने गंभीरता नहीं दिखाई। कटान से गरीब लोगों की जमीन नदी में समाहित हो रही है। बस्ती में अफरातफरी का माहौल है। गांव के ही नन्हें मिश्रा, सरजू राम, कमला राम, हंसराम, श्रीनिवास राम, टोनी शाह, बच्चालाल गौड़, छोटेलाल, अच्छेलाल, उमाशंकर, राजेश कुमार, धीरेंद्र राय, राजकुमार राम ने कहा कि प्रदेश सरकार गरीबों पर ध्यान नहीं दे रही है। न ही विधानसभा और जनप्रतिनिधि।
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मुहाने पर बसे गांव के लोगों की बढ़ी धुकधुकी
रामगढ़। गंगा के मुहाने पर बसे सोनार टोला, बनिया टोला में अफरातफरी का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने जमकर कार्यों में मानकों की अनदेखी की। जब मनमानी करने का आरोप लगाया तो किसी अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने नहीं सुनीं। कभी भी हम लोगों का घर गंगा की लहरों में विलीन हो सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब 34 करोड़ की परियोजना के बाद हम असुरक्षित रहे तो फ्लड फाइटिंग के कार्य से कैसे सुरक्षित हो जाएंगे।
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मूर्त्य रूप नहीं ले पाया धारा मोड़ने की योजना
रामगढ़। गंगा नदी के उस पार पचरुखिया मौजे से लेकर नौरंगा तक गंगा नदी की धारा को मोड़ने का कार्य भी अधिकारियों की लापरवाही के कारण मूर्त रूप नहीं ले पाया। इस बार ड्रेजिंग का कार्य यूपीपीसीएल के जिम्मे है। समय से कार्य शुरू होने के बाद भी नदी की ड्रेजिंग का कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका। अपने ऊपर कोई आरोप न लगे, इसलिए अधिकारी तर्क दे रहे हैं कि किसानों के विरोध के कारण कार्य पूरा न हो सका। शासन स्तर से 64 करोड़ रुपए मिलने के बाद भी ठेकेदारों और जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते प्रदेश सरकार एक बार फिर कठघरे में है। 64 करोड़ खर्च के बाद भी एनएच-31 और गांव सुरक्षित नहीं है।
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सरयू का कटान तेज, गोपालनगर टाड़ी 20 मीटर दूर
बैरिया। उत्तरी दीयरांचल के गोपालनगर टाड़ी के सामने सरयू नदी का कटान तेज होने के कारण गांव पर खतरा उत्पन्न हो गया है। नदी से गांव की दूरी महज 20 मीटर रह गई है। फुलवरिया गांव के सामने से गोपालनगर टाड़ी तक दो किमी की लंबाई में सरयू नदी प्रति दिन 10 से 15 एकड़ उपजाऊ खेत निगल रही है। गोपालनगर टाड़ी के करीब सरयू नदी की धारा पहुंचने से पूरा गांव दहशत में है। गोपालनगर टाड़ी निवासी मुखराम यादव, लगन यादव, रामचेला, लालू सिंह, राजनाथ यादव, शिवगोबिंद यादव, शिवनाथ यादव, लालू यादव आदि की उपजाऊ जमीन मंगलवार को सरयू नदी में विलीन हो गई। हरिकिशुन यादव, जटा यादव, लालबाबू यादव, वीरेंद्र यादव सहित कई लोगों का घर घाघरा के मुहाने पर आ गया है। वहीं, एसडीएम अभय कुमार सिंह ने बताया कि रोजना बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण किया जा रहा है। गोपालनगर टाड़ी के गांव के सामने कटान की सूचना मिली है। आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
गांवों की ओर से चला गंगा और सरयू का पानी
जयप्रकाशनगर। ब्लाक मुरली छपरा क्षेत्र के कई ग्राम पंचायतें कई दशकों से बाढ़ का दंश झेल रही हैं। चार दिनों से गंगा और सरयू नदी का पानी गांव की तरफ बढ़ चला है। स्थिति यही रही तो चांद दीयर, इब्राहिमाबाद नौबरार, कोडरहा नौबरार के कई पूर्वो में बाढ़ का पानी प्रवेश करते देर नहीं लगेगी। बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि एक से दो दिन में गंगा नदी रामपुर कोडरहा, भवन टोला, टीपुरी तो सरयू नदी चांद दीयर पंचायत के टोला फतेह राय, बैजनाथ के डेरा, बकुल्हा, बकुल्हा पूर्वी आदि गांवों में प्रवेश करना शुरू कर देगा। सरयू ने चांददीयर पंचायत के टोला फतेह राय के गांव के उत्तरी छोर पर तीन दिन पूर्व से ही दस्तक देते हुए किसानों के खेतों को अपनी आगोश में ले लिया था। एक-दो दिन में उन खेतों में जाने के लिए सभी मार्ग भी अवरुद्ध हो जाएंगे। प्रधान विनोद यादव, पूर्व प्रधान वीरेंद्र यादव, जयप्रकाश सिंह, अमरनाथ यादव, भीम सिंह, सुरेंद्र यादव, विजेंद्र यादव आदि रहे।
मझरिया गांव में शुरू हुआ कटान
सागरपाली। क्षेत्र के मझरिया गांव की अनुसूचित और गोड बस्ती टोंस नदी के पास बसी है। तीन वर्षों से कटान होता है। बाढ़ अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन समय के साथ कटान को लेकर विभाग ने गंभीरता नहीं दिखाई। कटान से गरीब लोगों की जमीन नदी में समाहित हो रही है। बस्ती में अफरातफरी का माहौल है। गांव के ही नन्हें मिश्रा, सरजू राम, कमला राम, हंसराम, श्रीनिवास राम, टोनी शाह, बच्चालाल गौड़, छोटेलाल, अच्छेलाल, उमाशंकर, राजेश कुमार, धीरेंद्र राय, राजकुमार राम ने कहा कि प्रदेश सरकार गरीबों पर ध्यान नहीं दे रही है। न ही विधानसभा और जनप्रतिनिधि।