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Ballia News: छुट्टियों के बाद अस्पताल में टूटा 10 दिन का रिकॉर्ड, 2300 मरीज पहुंचे इलाज कराने
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बलिया। बाढ़ और मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच सोमवार को जिला अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कुल 2342 लोग इलाज के लिए पहुंचे, जो पिछले 10 दिनों में सबसे अधिक संख्या रही।
सर्दी-जुकाम, बुखार, खांसी, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद अस्पताल में दो फ्लू ओपीडी संचालित की गईं। फिजिशियन ओपीडी में करीब 480 और आर्थो ओपीडी में 362 मरीजों की जांच हुई। ईएनटी और नेत्र रोग विशेषज्ञों की ओपीडी में भी काफी भीड़ रही। बच्चों में वायरल फीवर, निमोनिया, सीने में जकड़न और डायरिया की शिकायतें अधिक सामने आ रही हैं।
अस्पताल में भीड़ के कारण कई मरीजों को फर्श पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। एक्सरे जांच को लेकर भी मरीजों और तीमारदारों में पहले नंबर पर आने को लेकर कहासुनी और हाथापाई की स्थिति बनी। समय समाप्त होने के कारण 30 से अधिक मरीजों की जांच नहीं हो सकी।
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सीएमएस डॉ. एसके यादव ने बताया कि वायरल फ्लू के मरीज बढ़े हैं। अस्पताल में जांच और दवा की सुविधा उपलब्ध है तथा गंभीर मरीजों के लिए 12 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। चिकित्सकों ने लोगों से स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण होने पर समय से जांच कराने और सावधानी बरतने की अपील की है।
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स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए बरतें सावधानी
स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर घबराने के बजाय समय से चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, नाक बहना, शरीर में दर्द, अत्यधिक कमजोरी या सांस लेने में परेशानी होने पर लापरवाही न करें। खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकें, हाथों को साबुन से बार-बार धोएं और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल करें। संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें और बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं न लें। सांस लेने में ज्यादा परेशानी या हालत बिगड़ने पर तत्काल अस्पताल पहुंचें।-- -- -- -- -- -- -
जिला अस्पताल की ओपीडी
24 अगस्त-- 1638
25 अगस्त-- 1721
26 अगस्त-- 1037
27 अगस्त-- 1503
29 अगस्त-- 1682
31 अगस्त-- 1921
01 सितंबर-- 1867
02 सितंबर-- 1912
तीन सितंबर-- 1862
सात सितंबर-- 2342
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सर्दी-जुकाम, बुखार, खांसी, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद अस्पताल में दो फ्लू ओपीडी संचालित की गईं। फिजिशियन ओपीडी में करीब 480 और आर्थो ओपीडी में 362 मरीजों की जांच हुई। ईएनटी और नेत्र रोग विशेषज्ञों की ओपीडी में भी काफी भीड़ रही। बच्चों में वायरल फीवर, निमोनिया, सीने में जकड़न और डायरिया की शिकायतें अधिक सामने आ रही हैं।
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अस्पताल में भीड़ के कारण कई मरीजों को फर्श पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। एक्सरे जांच को लेकर भी मरीजों और तीमारदारों में पहले नंबर पर आने को लेकर कहासुनी और हाथापाई की स्थिति बनी। समय समाप्त होने के कारण 30 से अधिक मरीजों की जांच नहीं हो सकी।
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सीएमएस डॉ. एसके यादव ने बताया कि वायरल फ्लू के मरीज बढ़े हैं। अस्पताल में जांच और दवा की सुविधा उपलब्ध है तथा गंभीर मरीजों के लिए 12 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। चिकित्सकों ने लोगों से स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण होने पर समय से जांच कराने और सावधानी बरतने की अपील की है।
स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए बरतें सावधानी
स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर घबराने के बजाय समय से चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, नाक बहना, शरीर में दर्द, अत्यधिक कमजोरी या सांस लेने में परेशानी होने पर लापरवाही न करें। खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकें, हाथों को साबुन से बार-बार धोएं और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल करें। संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें और बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं न लें। सांस लेने में ज्यादा परेशानी या हालत बिगड़ने पर तत्काल अस्पताल पहुंचें।
जिला अस्पताल की ओपीडी
24 अगस्त
25 अगस्त
26 अगस्त
27 अगस्त
29 अगस्त
31 अगस्त
01 सितंबर
02 सितंबर
तीन सितंबर
सात सितंबर