{"_id":"628a78c973988c2a193d5a38","slug":"zareen-arrived-with-a-baraat-while-dancing-and-singing-with-the-bandwagon-bahraich-news-lko631796649","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंड-बाजे संग नाचते-गाते बरातें लेकर पहुंचे जायरीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंड-बाजे संग नाचते-गाते बरातें लेकर पहुंचे जायरीन
विज्ञापन
बहराइच में सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर रविवार को जेठ मेले में बारात के दिन परिसर में उमड़ी भी?
- फोटो : BAHRAICH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहराइच। सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर लगने वाले वार्षिक जेठ मेले का उद्घाटन प्रयागराज उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति शमीम अहमद ने शनिवार की देर शाम किया। उद्घाटन के बाद भव्य आतिशबाजी कर साहब-ए-आस्ताना पर जियारत का सिलसिला जारी हुआ। मुख्य अतिथि समेत अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने चादर चढ़ाकर मुल्क में अमन चैन की दुआ मांगी।
न्यायमूर्ति शमीम अहमद ने शनिवार की देर शाम जंजीरी गेट पर फीता काटकर जेठ मेले का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने दरगाह प्रबंध समिति के पदाधिकारियों के साथ साहब-ए-मजार पहुंचकर फूलों की चादर चढ़ाई। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने मुल्क में अमन व चैन की दुआ मांगी। इस दौरान दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष सैयद शमशाद अहमद, अलीमुलहक, बच्चे भारती आदि मौजूद रहे। रविवार की सुबह से भी प्रदेश समेत देश के कोने-कोने से जायरीन के आने का सिलसिला जारी रहा। जायरीन ने चित्तौरा झील पहुंच वहां स्नान करते हुए जियारत की। इसके बाद सभी नाचते गाते दरगाह पहुंचे। रविवार को मेले की पहली चौथी होने के कारण देर शाम से कोलकाता, गोरखपुर, टांडा, राजस्थान, दिल्ली, मुंबई समेत अन्य प्रांतों से बरातों के आने का सिलसिला शुरू हुआ।
दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष सैयद शमशाद अहमद ने बताया कि उत्तर प्रदेश के साथ ही अन्य प्रदेशों से बरातों के आने का सिलसिला सोमवार की सुबह तक जारी रहेगा। इस दौरान दरगाह परिसर जायरीन की भारी आमद से गुलजार रहा। सभी ओर जायरीन की भीड़ दिखाई दी। यहां जियारत के लिए आने वाले जायरीन साहब-ए-मजार पर जियारत के बाद मेला परिसर में लगी बर्तन, कपड़ों समेत अन्य घरेलू सामानों की खरीद करते नजर आए। इसके साथ ही मेले में आए बच्चों ने विभिन्न झूलों का भी लुत्फ उठाया।
विज्ञापन
बसों की कमी से हलकान नजर आए लोग
जेठ मेले में पहले रविवार को लगभग दो से तीन लाख जायरीन दरगाह पहुंचते हैं। ऐसे में यातायात के साधनों की कमी से प्रति वर्ष लोगों को परेशान होना पड़ता है। यहां आने वाले जायरीन में खासी तादात पूर्वांचल से आने वाले जायरीन की होती है। गोंडा रेलवे स्टेशन पर हो रहे निर्माण कार्य के कारण गोंडा से बहराइच के बीच चलने वाली ट्रेनें निरस्त होने के कारण जायरीन को बसों व अन्य साधनों से जनपद मुख्यालय पहुंचना पड़ा। परिवहन निगम की ओर से संचालित रोडवेज बस स्टैंड पर भी बसों की कमी से लोग घंटों साधनों का इंतजार करते दिखाई पड़े।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति शमीम अहमद ने शनिवार की देर शाम जंजीरी गेट पर फीता काटकर जेठ मेले का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने दरगाह प्रबंध समिति के पदाधिकारियों के साथ साहब-ए-मजार पहुंचकर फूलों की चादर चढ़ाई। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने मुल्क में अमन व चैन की दुआ मांगी। इस दौरान दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष सैयद शमशाद अहमद, अलीमुलहक, बच्चे भारती आदि मौजूद रहे। रविवार की सुबह से भी प्रदेश समेत देश के कोने-कोने से जायरीन के आने का सिलसिला जारी रहा। जायरीन ने चित्तौरा झील पहुंच वहां स्नान करते हुए जियारत की। इसके बाद सभी नाचते गाते दरगाह पहुंचे। रविवार को मेले की पहली चौथी होने के कारण देर शाम से कोलकाता, गोरखपुर, टांडा, राजस्थान, दिल्ली, मुंबई समेत अन्य प्रांतों से बरातों के आने का सिलसिला शुरू हुआ।
विज्ञापन
दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष सैयद शमशाद अहमद ने बताया कि उत्तर प्रदेश के साथ ही अन्य प्रदेशों से बरातों के आने का सिलसिला सोमवार की सुबह तक जारी रहेगा। इस दौरान दरगाह परिसर जायरीन की भारी आमद से गुलजार रहा। सभी ओर जायरीन की भीड़ दिखाई दी। यहां जियारत के लिए आने वाले जायरीन साहब-ए-मजार पर जियारत के बाद मेला परिसर में लगी बर्तन, कपड़ों समेत अन्य घरेलू सामानों की खरीद करते नजर आए। इसके साथ ही मेले में आए बच्चों ने विभिन्न झूलों का भी लुत्फ उठाया।
विज्ञापन
बसों की कमी से हलकान नजर आए लोग
जेठ मेले में पहले रविवार को लगभग दो से तीन लाख जायरीन दरगाह पहुंचते हैं। ऐसे में यातायात के साधनों की कमी से प्रति वर्ष लोगों को परेशान होना पड़ता है। यहां आने वाले जायरीन में खासी तादात पूर्वांचल से आने वाले जायरीन की होती है। गोंडा रेलवे स्टेशन पर हो रहे निर्माण कार्य के कारण गोंडा से बहराइच के बीच चलने वाली ट्रेनें निरस्त होने के कारण जायरीन को बसों व अन्य साधनों से जनपद मुख्यालय पहुंचना पड़ा। परिवहन निगम की ओर से संचालित रोडवेज बस स्टैंड पर भी बसों की कमी से लोग घंटों साधनों का इंतजार करते दिखाई पड़े।