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मां सिद्धिदात्री का पूजन कर की सुख शांति की कामना
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Fri, 15 Apr 2016 11:09 PM IST
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मां सिद्धिदात्री का पूजन कर की सुख शांति की कामना
- फोटो : अमर उजाला
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नवरात्र के अवसर पर शुक्रवार को नगर व ग्रामीण अंचलों के देवी मंदिरों में पूजन अर्चन के लिए सुबह से ही आस्था और श्रद्धा का तांता लगा रहा। लोगों ने हवन पूजन अर्चन कर सुख शांति व समृद्धि की कामना की।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र रिसिया, मिहींपुरवा, नानपारा, पयागपुर के देवी मंदिरों में भी आस्था का सैलाब मंदिरों में पूरे दिन उमड़ा रहा। हवन के बाद कन्या भोज का आयोजन हुआ। सदा भूयात् सिद्धि दा सिद्धिदायिनी के मंत्रों से देवी मंदिर गूंजते रहे।
नवरात्र के अंतिम दिन रामनवमी के अवसर पर शुक्रवार को देवी मंदिरों में हवन पूजन विधि विधान से हुआ। मां दुर्गा के नवम स्वरूप मां सिद्धिदात्री की आराधना मंदिरों में सदा भूयात् सिद्धि दा सिद्धिदायिनी के मंत्रों के बीच करते हुए भक्तों ने आहुतियां दी। देवी मंदिरों में सामूहिक हवन का भी आयोजन हुआ।
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मां संहारणी देवी मंदिर और मरीमाता मंदिर, काली माता मंदिर समेत अन्य देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। मां दुर्गा के नवेें स्वरूप सिद्धिदात्री का पूजन कर श्रद्धालुओं ने अपनी कामनाओं को पूरा करने के लिए वरदान मांगा। मंदिरों में नवरात्र के अवसर पर उपवास रखने वाले श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा का पूजन विधिविधान से करते हुए कन्या भोज का भी आयोजन किया।
मां अंबे की आरती करते हुए कष्टों को दूर करने की कामना की। जय मां अंबे गौरी के जयकारों से देवी मंदिर गुंजायमान रहे। ग्रामीण क्षेत्र में रिसिया के मोहम्मदा समय माता मंदिर, हठ्ठी बाबा दुर्गा मंदिर, हनुमान मंदिर समेत अन्य देवी मंदिरों में सुबह से ही पूजन अर्चन के लिए श्रद्धालु उमड़ने लगे। जयकारों व मंत्रोच्चार के बीच भक्तों ने हवनकुंड में आहुतियां दी।
शहर के राजा हीरा सिंह धर्मशाला में स्थापित काली प्रतिमा पूजा स्थल पर भी सुबह से ही भक्त हवन यज्ञ में शामिल होने के लिए पहुंचते रहे। भंडारे में हिस्सा लेकर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। जरवलरोड के तूफानी चौराहा के निकट स्थित मां दुर्गा व काली मंदिर पर प्रात: काल से हवन पूजन, कन्या भोज का सिलसिला सामूहिक रूप से चला।
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इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र रिसिया, मिहींपुरवा, नानपारा, पयागपुर के देवी मंदिरों में भी आस्था का सैलाब मंदिरों में पूरे दिन उमड़ा रहा। हवन के बाद कन्या भोज का आयोजन हुआ। सदा भूयात् सिद्धि दा सिद्धिदायिनी के मंत्रों से देवी मंदिर गूंजते रहे।
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नवरात्र के अंतिम दिन रामनवमी के अवसर पर शुक्रवार को देवी मंदिरों में हवन पूजन विधि विधान से हुआ। मां दुर्गा के नवम स्वरूप मां सिद्धिदात्री की आराधना मंदिरों में सदा भूयात् सिद्धि दा सिद्धिदायिनी के मंत्रों के बीच करते हुए भक्तों ने आहुतियां दी। देवी मंदिरों में सामूहिक हवन का भी आयोजन हुआ।
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मां संहारणी देवी मंदिर और मरीमाता मंदिर, काली माता मंदिर समेत अन्य देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। मां दुर्गा के नवेें स्वरूप सिद्धिदात्री का पूजन कर श्रद्धालुओं ने अपनी कामनाओं को पूरा करने के लिए वरदान मांगा। मंदिरों में नवरात्र के अवसर पर उपवास रखने वाले श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा का पूजन विधिविधान से करते हुए कन्या भोज का भी आयोजन किया।
मां अंबे की आरती करते हुए कष्टों को दूर करने की कामना की। जय मां अंबे गौरी के जयकारों से देवी मंदिर गुंजायमान रहे। ग्रामीण क्षेत्र में रिसिया के मोहम्मदा समय माता मंदिर, हठ्ठी बाबा दुर्गा मंदिर, हनुमान मंदिर समेत अन्य देवी मंदिरों में सुबह से ही पूजन अर्चन के लिए श्रद्धालु उमड़ने लगे। जयकारों व मंत्रोच्चार के बीच भक्तों ने हवनकुंड में आहुतियां दी।
शहर के राजा हीरा सिंह धर्मशाला में स्थापित काली प्रतिमा पूजा स्थल पर भी सुबह से ही भक्त हवन यज्ञ में शामिल होने के लिए पहुंचते रहे। भंडारे में हिस्सा लेकर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। जरवलरोड के तूफानी चौराहा के निकट स्थित मां दुर्गा व काली मंदिर पर प्रात: काल से हवन पूजन, कन्या भोज का सिलसिला सामूहिक रूप से चला।