फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   With heavy rain falling hail, grew cold

तेज बारिश के साथ गिरे ओले, ठंड बढ़ी

Sat, 28 Jan 2017 12:23 AM IST
अमर उजाला/बहराइच
अमर उजाला/बहराइच Updated Sat, 28 Jan 2017 12:23 AM IST
विज्ञापन
With heavy rain falling hail, grew cold
बारिश से हुअा जलभराव - फोटो : अमर उजाला
तराई में गुरुवार की रात अचानक मौसम बदल गया। गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई, वहीं जंगल से सटे इलाकों में ओले भी गिरे। गेहूं की फसल के लिए वर्षा संजीवनी साबित हुई है। वहीं, आलू तथा सरसों की फसल के लिए बारिश को नुकसानदायक माना जा रहा है। वर्षा के चलते तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस गिरावट दर्ज हुई है। तेज बारिश के चलते शहरी व ग्रामीण अंचलों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा।
विज्ञापन


तराई में मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर चल रहा है। गुरुवार की रात करीब 12 बजे गरज-चमक के बीच तेज हवाएं चलने लगीं। भोर में झमाझम बारिश हुई। जंगल से सटे मिहींपुरवा, नवाबगंज के इलाकों में ओले भी गिरे। ओले काफी छोटे होने से नुकसान तो नहीं हुआ, पर अचानक वर्षा होने से ठंड बढ़ गई। इससे लोग ठिठुरते रहे। वर्षा का क्रम शुक्रवार दोपहर एक बजे तक रुक-रुक कर जारी रहा।
विज्ञापन


इसके बाद मौसम साफ हो गया। धूप निकल आई। बारिश के चलते शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन जहां अस्त-व्यस्त दिखा। वहीं गेहूं की खेती करने वाले किसानों के चेहरे खिल उठे। जबकि जलभराव के चलते आलू और सरसों की फसल के लिए संकट उत्पन्न हो गया है। अगर पुन: वर्षा हुई तो खेतों में तैयार आलू की फसल के सड़ने की नौबत आ सकती है। जबकि सरसों में माहू रोग का प्रकोप हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्षा से खेती में मिले-जुले असर से किसान परेशान हैं। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह की मानें तो जिले में आठ मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई है। आगामी दिनों में मौसम साफ हो जाएगा। लेकिन ठंड से निजात नहीं मिलेगी। पछुवा हवाएं चलेंगी, जिससे ठिठुरन बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को वर्षा और ओलावृष्टि के बाद अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। 

पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और कोहरे व धुंध से पश्चिम से आ रहीं हवाओं ने तराई में विक्षोभ की स्थिति उत्पन्न कर दी। कम हवा के दबाव का क्षेत्र बनने से बादल बरसे। लेकिन अब मौसम साफ रहने के संकेत मिल रहे हैं। 


जिन किसानों के खेतों में आलू की फसल तैयार है। उन्हें एहतिआत बरतने की जरूरत है। वर्षा के चलते अगर खेतों में पानी भर गया हो तो उसे निकालने की व्यवस्था करें। फसल पर नजर रखें। अगर पत्तियां झुलसने लगे या कीड़े का प्रकोप हो तो विशेषज्ञ से संपर्क करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed