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Bahraich News: तीन गांवों में जंगली जानवर का हमला, चार ग्रामीण जख्मी
Sat, 30 Aug 2025 02:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sat, 30 Aug 2025 02:02 AM IST
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जख्मी ग्रामीण का हाल जानते विधायक। - स्रोत : ग्रामीण
तेजवापुर। महसी तहसील क्षेत्र में बृहस्पतिवार रात जंगली जानवर ने अलग-अलग गांवों में चार ग्रामीणों को जख्मी कर दिया। अचानक हुए इन हमलों से इलाके में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने ड्रोन से निगरानी शुरू कर दी है। जानवर हमले के शिकार लोगों में दो महिला व दो पुरुष शामिल हैं।
वन्यजीव का पहला हमला बृहस्पतिवार रात करीब 8:30 बजे ग्राम बंभौरी के बदनपुरवा में हुआ। हमले में शौच के लिए खेत गईं रंजना देवी (32) जख्मी हो गईं। रात 9:30 बजे गांव के ही राजकुमार सिंह (45) अपने घर के सामने खड़े थे, तभी उन पर भी हमला कर वन्यजीव ने जख्मी कर दिया।
उधर, मोतीपुरवा गांव निवासी त्रिलोकी प्रसाद यादव (65) अपने घर में लेटे थे, रात करीब 10 बजे जानवर के हमले में वह जख्मी हो गए। सिसैया चूरामणि गांव में खैरुल निशा (60) घर के बाहर चारपाई पर सो रही थीं, रात करीब 10:45 बजे वन्यजीव ने हमला कर उन्हें भी जख्मी कर दिया।
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घायल खैरुल निशा ने बताया कि हमलावर जानवर आकार में बड़ा था, जिसकी पूंछ लंबी और मुंह चौड़ा था। ग्रामीणों का कहना है कि हमलावर वन्यजीव भेड़िया है। सभी घायलों को सीएचसी महसी में भर्ती कराया गया है।
हमलों से डरे ग्रामीणों ने लाठी-डंडे और टॉर्च लेकर समूह बनाकर पूरी रात गांव में पहरा दिया। महसी विधायक सुरेश्वर सिंह देर रात ही गांव पहुंच गए। उन्होंने घायलों से मुलाकात कर हर संभव मदद और सुरक्षा का आश्वासन दिया। गांवों में दहशत का आलम ऐसा है कि लोग घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं।
देर रात वन विभाग की टीम गांव पहुंची और निगरानी शुरू की। डीएफओ राम सिंह यादव ने कहा कि हमलावर जानवर की सटीक पहचान नहीं हो सकी है। ड्रोन के जरिये इलाके की निगरानी करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रभावित गांवों में चार टीमें तैनात की गई हैं, जो लगातार गश्त कर रही हैं।
सात टीमें कर रही वन्य जीव की खोज
तेजवापुर। वन्यजीव प्रभावित गांवों में वन विभाग ने सात टीमें भेज दी हैं। इसके साथ ही पांच थर्मल कमरे व दो ड्रोन से वन्य जीवों को खोजा जा रहा है। डीएफओ राम सिंह यादव भी टीम के साथ गांव में डेरा जमाए हैं। उन्होंने बताया कि अभी प्रभावित इलाके में भेड़िए के पगचिह्न नहीं मिले हैं। सतर्कता के तौर पर ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है।
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वन्यजीव का पहला हमला बृहस्पतिवार रात करीब 8:30 बजे ग्राम बंभौरी के बदनपुरवा में हुआ। हमले में शौच के लिए खेत गईं रंजना देवी (32) जख्मी हो गईं। रात 9:30 बजे गांव के ही राजकुमार सिंह (45) अपने घर के सामने खड़े थे, तभी उन पर भी हमला कर वन्यजीव ने जख्मी कर दिया।
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उधर, मोतीपुरवा गांव निवासी त्रिलोकी प्रसाद यादव (65) अपने घर में लेटे थे, रात करीब 10 बजे जानवर के हमले में वह जख्मी हो गए। सिसैया चूरामणि गांव में खैरुल निशा (60) घर के बाहर चारपाई पर सो रही थीं, रात करीब 10:45 बजे वन्यजीव ने हमला कर उन्हें भी जख्मी कर दिया।
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घायल खैरुल निशा ने बताया कि हमलावर जानवर आकार में बड़ा था, जिसकी पूंछ लंबी और मुंह चौड़ा था। ग्रामीणों का कहना है कि हमलावर वन्यजीव भेड़िया है। सभी घायलों को सीएचसी महसी में भर्ती कराया गया है।
हमलों से डरे ग्रामीणों ने लाठी-डंडे और टॉर्च लेकर समूह बनाकर पूरी रात गांव में पहरा दिया। महसी विधायक सुरेश्वर सिंह देर रात ही गांव पहुंच गए। उन्होंने घायलों से मुलाकात कर हर संभव मदद और सुरक्षा का आश्वासन दिया। गांवों में दहशत का आलम ऐसा है कि लोग घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं।
देर रात वन विभाग की टीम गांव पहुंची और निगरानी शुरू की। डीएफओ राम सिंह यादव ने कहा कि हमलावर जानवर की सटीक पहचान नहीं हो सकी है। ड्रोन के जरिये इलाके की निगरानी करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रभावित गांवों में चार टीमें तैनात की गई हैं, जो लगातार गश्त कर रही हैं।
सात टीमें कर रही वन्य जीव की खोज
तेजवापुर। वन्यजीव प्रभावित गांवों में वन विभाग ने सात टीमें भेज दी हैं। इसके साथ ही पांच थर्मल कमरे व दो ड्रोन से वन्य जीवों को खोजा जा रहा है। डीएफओ राम सिंह यादव भी टीम के साथ गांव में डेरा जमाए हैं। उन्होंने बताया कि अभी प्रभावित इलाके में भेड़िए के पगचिह्न नहीं मिले हैं। सतर्कता के तौर पर ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है।