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तराई में फिर बदला मौसम, बढ़ी गलन
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बहराइच नगर में सोमवार को ठंड में गर्म कपड़े पहनकर जाते लोग।
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। तराई में सोमवार को एक बार फिर मौसम अचानक बिगड़ गया। सुबह घने कोहरे के बीच हुई। पूरे दिन लोग ठिठुरते रहे। दोपहर में धूप खिली, मगर लोगोें को ठंड से कोई राहत नहीं मिल सकी। स्कूल खुले तो नन्हें-मुन्ने बच्चे कांपते हुए विद्यालय गए। कड़ाके की ठंड होने से आम आदमी को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। भीषण सर्दी के चलते जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त रहा। सोमवार को बहराइच का न्यूनतम पारा 4.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
तराई में रविवार को सुबह घना कोहरा छाया था, मगर दिन में तेज धूप खिली थी। सूरज के निकलने से मौसम खुशगवार हो गया था। लगा था कि अब ठंड कम हो जाएगी, लेकिन सोमवार को फिर मौसम ने करवट बदली और लोगों को कांपने पर मजबूर कर दिया। कोहरे के बीच सुबह हुई। गलन बढ़ने से ठंड से बढ़ गई, जिससे लोग पूरे दिन कांपते रहे।
हालांकि दोपहर में सूरज निकला, मगर लोगों को ठंड से खास राहत नहीं मिली। स्कूल खुले मगर कड़ाके की ठंड के चलते नन्हें-मुन्ने छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सभी सिहरते और कांपते हुए स्कूल पहुंचे। मजदूरी और नौकरीपेशा वर्ग के लोग बेहाल दिखे। अचानक ठंड के पलटवार से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त रहा। कोहरे के चलते रेल और परिवहन सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
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फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के चलते पछुवा हवाएं अपने साथ तराई में नमी ला रही हैं। जिसके चलते अचानक मौसम में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि अभी चार दिन तक मौसम में उतार-चढ़ाव का लोगों को सामना करना पड़ेगा। उधर, तराई में अचानक मौसम बदलने पर स्कूलों को बंद करने का आदेश बीते दिनों जारी कर दिया गया था। मगर मौसम में अब फिर से बदलाव नजर आ रहा है। घना कोहरा छाया रहता है। इसके बावजूद स्कूलों में अवकाश नहीं घोषित हो रहा है।
दृश्यता रही महज पांच मीटर
तराई में मौसम में बदलाव से घना कोहरा छा रहा है। सोमवार की सुबह लोगों को घने कोहरे के बीच घरों से निकलना पड़ा। कोहरा अधिक होने के कारण दृश्यता महज पांच मीटर की रही। जबकि हवाएं सात किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही थीं।
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तराई में रविवार को सुबह घना कोहरा छाया था, मगर दिन में तेज धूप खिली थी। सूरज के निकलने से मौसम खुशगवार हो गया था। लगा था कि अब ठंड कम हो जाएगी, लेकिन सोमवार को फिर मौसम ने करवट बदली और लोगों को कांपने पर मजबूर कर दिया। कोहरे के बीच सुबह हुई। गलन बढ़ने से ठंड से बढ़ गई, जिससे लोग पूरे दिन कांपते रहे।
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हालांकि दोपहर में सूरज निकला, मगर लोगों को ठंड से खास राहत नहीं मिली। स्कूल खुले मगर कड़ाके की ठंड के चलते नन्हें-मुन्ने छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सभी सिहरते और कांपते हुए स्कूल पहुंचे। मजदूरी और नौकरीपेशा वर्ग के लोग बेहाल दिखे। अचानक ठंड के पलटवार से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त रहा। कोहरे के चलते रेल और परिवहन सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
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फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के चलते पछुवा हवाएं अपने साथ तराई में नमी ला रही हैं। जिसके चलते अचानक मौसम में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि अभी चार दिन तक मौसम में उतार-चढ़ाव का लोगों को सामना करना पड़ेगा। उधर, तराई में अचानक मौसम बदलने पर स्कूलों को बंद करने का आदेश बीते दिनों जारी कर दिया गया था। मगर मौसम में अब फिर से बदलाव नजर आ रहा है। घना कोहरा छाया रहता है। इसके बावजूद स्कूलों में अवकाश नहीं घोषित हो रहा है।
दृश्यता रही महज पांच मीटर
तराई में मौसम में बदलाव से घना कोहरा छा रहा है। सोमवार की सुबह लोगों को घने कोहरे के बीच घरों से निकलना पड़ा। कोहरा अधिक होने के कारण दृश्यता महज पांच मीटर की रही। जबकि हवाएं सात किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही थीं।