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अंतरराष्ट्रीय बस अड्डे पर पानी की किल्लत
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बहराइच के रुपईडीहा में बस अड्डे पर खराब हैंडपंप।
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। भारत-नेपाल सीमा से सटे रुपईडीहा कस्बे में स्थित अंतरराष्ट्रीय बस अड्डे पर बूंद-बूंद पानी की पेयजल की किल्लत है। बस अड्डे पर लगा मोटर जल जाने के कारण करीब दस दिन से पीने के पानी की तलाश में यात्री व रोडवेज कर्मी इधर-उधर भटक रहे हैं। यहां हैंडपंप खराब पड़ा है तो वहीं पानी की टंकी भी सूखी पड़ी हुई है। इस बस अड्डे से देश के अलग-अलग हिस्सों में जाने के लिए पचास से अधिक बसों का संचालन प्रतिदिन होता है।
रुपईडीहा में स्थित रोडवेज बस स्टैंड पर वर्तमान समय में नेपाली यात्री यहां से जाने वाली दैनिक बसों से प्रतिदिन मुरादाबाद, लखनऊ, कानपुर, हरिद्वार, वाराणसी, दिल्ली, जयपुर, राजस्थान व शिमला आदि स्थानों के लिए यात्रा कर रहे हैं। बस अड्डे पर बीते दस दिनों से मोटर जल जाने के कारण यात्री और रोडवेजकर्मी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
करीब 25 दिन पूर्व भी मोटर खराब हो गया था। जिसे विभागीय अधिकारियों ने बदलवाया था। मगर उसके कुछ दिन बाद ही फिर से मोटर जल गया। मोटर जल जाने से बस अड्डे पर लगी पानी की टंकियों और वाटर स्टैंडपोस्ट को पेयजल की आपूर्ति ठप हो गई। बस अड्डे पर मौजूद हरिद्वार डिपो के चालक सुहेल, मुरादाबाद के शशिपाल व परिचालक शिशुपाल सिंह, अतुल कुमार सिंह व मुकेश कुमार गुप्ता आदि ने बताया कि यहां का मोटर फिर से जल गया है। यहां लगा इंडिया मार्का हैंडपंप लगभग छह माह से खराब है।
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कई बार इस बारे में अधिकारियों को जानकारी दी गई है, मगर उनके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। रोडवेज के कर्मचारियों के साथ प्रतिदिन आने वाले सैकड़ों यात्रियों को भी पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इस बारे में ठेकेदार सुबोध विक्रम सिंह से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि बिजली विभाग के लापरवाही के कारण बस अड्डे पर बार-बार मोटर जल जाता है।
बिजली विभाग में पैसा जमा होने के बाद भी विभाग बस अड्डे पर ट्रांसफार्मर नहीं लगवा रहा है। इसी वजह से पानी की सप्लाई बंद हो गई है। लगभग 20 दिन पहले ही नया मोटर लगाया गया था, वह भी जल गया है। फिर नया मोटर मंगवाया गया है। शीघ्र ही मोटर लगवा दिया जाएगा।
रेलवे स्टेशन का लेते सहारा
रोडवेज के कर्मचारियों का कहना है कि नहाने से लेकर पीने के पानी आदि के लिए सभी को निकट ही स्थित रेलवे स्टेशन का सहारा लेना पड़ता है। हालांकि वहां पर रेल यात्रियों की भीड़ पहले से होने के कारण कुछ समस्या जरूर आती है। मगर काम निपटाने के लिए सभी को मजबूरी में लाइन में लगे रहना पड़ता है।
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रुपईडीहा में स्थित रोडवेज बस स्टैंड पर वर्तमान समय में नेपाली यात्री यहां से जाने वाली दैनिक बसों से प्रतिदिन मुरादाबाद, लखनऊ, कानपुर, हरिद्वार, वाराणसी, दिल्ली, जयपुर, राजस्थान व शिमला आदि स्थानों के लिए यात्रा कर रहे हैं। बस अड्डे पर बीते दस दिनों से मोटर जल जाने के कारण यात्री और रोडवेजकर्मी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
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करीब 25 दिन पूर्व भी मोटर खराब हो गया था। जिसे विभागीय अधिकारियों ने बदलवाया था। मगर उसके कुछ दिन बाद ही फिर से मोटर जल गया। मोटर जल जाने से बस अड्डे पर लगी पानी की टंकियों और वाटर स्टैंडपोस्ट को पेयजल की आपूर्ति ठप हो गई। बस अड्डे पर मौजूद हरिद्वार डिपो के चालक सुहेल, मुरादाबाद के शशिपाल व परिचालक शिशुपाल सिंह, अतुल कुमार सिंह व मुकेश कुमार गुप्ता आदि ने बताया कि यहां का मोटर फिर से जल गया है। यहां लगा इंडिया मार्का हैंडपंप लगभग छह माह से खराब है।
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कई बार इस बारे में अधिकारियों को जानकारी दी गई है, मगर उनके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। रोडवेज के कर्मचारियों के साथ प्रतिदिन आने वाले सैकड़ों यात्रियों को भी पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इस बारे में ठेकेदार सुबोध विक्रम सिंह से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि बिजली विभाग के लापरवाही के कारण बस अड्डे पर बार-बार मोटर जल जाता है।
बिजली विभाग में पैसा जमा होने के बाद भी विभाग बस अड्डे पर ट्रांसफार्मर नहीं लगवा रहा है। इसी वजह से पानी की सप्लाई बंद हो गई है। लगभग 20 दिन पहले ही नया मोटर लगाया गया था, वह भी जल गया है। फिर नया मोटर मंगवाया गया है। शीघ्र ही मोटर लगवा दिया जाएगा।
रेलवे स्टेशन का लेते सहारा
रोडवेज के कर्मचारियों का कहना है कि नहाने से लेकर पीने के पानी आदि के लिए सभी को निकट ही स्थित रेलवे स्टेशन का सहारा लेना पड़ता है। हालांकि वहां पर रेल यात्रियों की भीड़ पहले से होने के कारण कुछ समस्या जरूर आती है। मगर काम निपटाने के लिए सभी को मजबूरी में लाइन में लगे रहना पड़ता है।