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नदी में पानी लाल निशान पार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 14 Jul 2016 11:08 PM IST
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गांव बाढ़ से घिरे
- फोटो : अमर उजाला
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उफनाई घाघरा नदी का पानी एल्गिन ब्रिज पर खतरे का निशान पार कर गया। नदी लाल निशान से 10 सेंटीमीटर से ऊपर बह रही है। इसके चलते महसी तहसील क्षेत्र के चार और गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। ग्रामीणों में हाहाकार की स्थिति है।
बाढ़ का पानी बेलहा-बेहरौली तटबंध तक पहुंच गया है। तटबंध की दूसरी तरफ बसे गांवों के रास्ते जलमग्न हो गए हैं। फसलें भी डूब गई हैं। इसके बावजूद अभी तक राहत व बचाव कार्य शुरू नहीं किया गया है।
उफनाई घाघरा का जलस्तर बुधवार देर रात एल्गिन ब्रिज पर खतरे का निशान 106.07 पार गया। केंद्रीय जल आयोग संस्थान घाघराघाट के मापक जगदीश साहनी के मुताबिक गुरुवार दोपहर बाद दो बजे घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर 106.176 मीटर रिकॉर्ड किया गया।
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नदी का जलस्तर एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। ऐसे में जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। जलस्तर बढ़ने से महसी क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर होने लगी है। लोनियनपुरवा, भयापुरवा, पिपरा और शुक्लनपुरवा गांव भी बाढ़ की चपेट में आ गए। ग्रामीण गांव में फंसे हुए हैं।
बाढ़ का पानी बेलहा-बेहरौली तटबंध तक फैल गया है। इसके चलते तटबंध के दूसरी तरफ बसे गांवों के रास्ते पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। ग्रामीणों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल पा रहा है। तहसील प्रशासन पांच नाव संचालित करने का दावा कर रहा है लेकिन वह मौके पर नहीं दिख रहीं।
इन हालात में ग्रामीण परेशान हैं। जैसे-तैसे बाढ़ प्रभावित स्थानों से निकल कर सुरक्षित जगहों की ओर पलायन कर रहे हैं। महसी के साथ ही कैसरगंज क्षेत्र के गोड़हिया ग्राम पंचायत के मजरों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण परेशान हैं। इसके बावजूद अभी तक राहत व बचाव कार्य पूरी तरह शून्य है।
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बाढ़ का पानी बेलहा-बेहरौली तटबंध तक पहुंच गया है। तटबंध की दूसरी तरफ बसे गांवों के रास्ते जलमग्न हो गए हैं। फसलें भी डूब गई हैं। इसके बावजूद अभी तक राहत व बचाव कार्य शुरू नहीं किया गया है।
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उफनाई घाघरा का जलस्तर बुधवार देर रात एल्गिन ब्रिज पर खतरे का निशान 106.07 पार गया। केंद्रीय जल आयोग संस्थान घाघराघाट के मापक जगदीश साहनी के मुताबिक गुरुवार दोपहर बाद दो बजे घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर 106.176 मीटर रिकॉर्ड किया गया।
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नदी का जलस्तर एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। ऐसे में जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। जलस्तर बढ़ने से महसी क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर होने लगी है। लोनियनपुरवा, भयापुरवा, पिपरा और शुक्लनपुरवा गांव भी बाढ़ की चपेट में आ गए। ग्रामीण गांव में फंसे हुए हैं।
बाढ़ का पानी बेलहा-बेहरौली तटबंध तक फैल गया है। इसके चलते तटबंध के दूसरी तरफ बसे गांवों के रास्ते पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। ग्रामीणों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल पा रहा है। तहसील प्रशासन पांच नाव संचालित करने का दावा कर रहा है लेकिन वह मौके पर नहीं दिख रहीं।
इन हालात में ग्रामीण परेशान हैं। जैसे-तैसे बाढ़ प्रभावित स्थानों से निकल कर सुरक्षित जगहों की ओर पलायन कर रहे हैं। महसी के साथ ही कैसरगंज क्षेत्र के गोड़हिया ग्राम पंचायत के मजरों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण परेशान हैं। इसके बावजूद अभी तक राहत व बचाव कार्य पूरी तरह शून्य है।