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छह मजरों में घुसा पानी, अनाज को तरस रहे बाढ़ पीड़ित

Sun, 25 Jul 2021 10:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 25 Jul 2021 10:51 PM IST
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Water entered six houses, flood victims craving for grain
महसी तहसील के मांझा दरिया बुर्द के मजरे बाढ़ के पानी से घिरे। - फोटो : BAHRAICH
महसी (बहराइच)। सरयू नदी का जलस्तर कम होने से गांव से पानी निकल रहा है। लेकिन सबसे खराब स्थिति मांझा दरिया बुर्द के छह मजरों की है। दो नदियों से घिरे गांव की स्थिति काफी खराब है। घरों में पानी भरा होने से लोग खाना नहीं बना रहे हैं। 48 घंटे से सभी भूखे हैं। जिला प्रशासन की ओर से भी लंच पैकेट तक नहीं मुहैया कराया जा रहा है। ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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महसी तहसील में शनिवार को घाघरा नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया था। जिससे तहसील क्षेत्र के 22 से अधिक गांवों में पानी भर गया था। लेकिन रविवार से गांवों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है। सरयू नदी का जलस्तर 10 सेंटीमीटर कम हो गया। जिससे गांवों से पानी निकलने लगा है। सबसे खराब स्थिति मांझा दरिया बुर्द ग्राम पंचायत के मजरों की है। ग्राम पंचायत के मजरा नौवनपुरवा, पाठकपुरवा, जंगलीपुरवा, मास्टरपुरवा, चमरही में स्थिति भयावह हो गई है। यह गांव सरयू और घाघरा नदी के बीच में बसा हुआ है।
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यहां लोगों के घरों में पानी भर गया है। लोग किसी प्रकार से सुरक्षित स्थान पर जाने को मजबूर हैं। घरों में पानी भर जाने के कारण लोग भूख व प्यासे रह रहे हैं। पानी भरा होने से लोग खाना नहीं बना पा रहे हैं। तहसील प्रशासन की ओर से लंच पैकेट भी नहीं मिल रहा है। लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां तहसील प्रशासन के अधिकारी भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। 300 की आबादी 48 घंटे से भूखे रहने को मजबूर है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता शोभित कुशवाहा का कहना है कि महसी में नदी का जलस्तर घट रहा है। जबकि जरवल में स्थित एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर बढ़ा है।
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किसी प्रकार की असुविधा नहीं
मांझा दरिया बुर्द के ग्रामीणों के भूखे रहने के मामले में तहसीलदार राजेश वर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वहां गैर आवासीय लोग रहते हैं। लोगों के घर दूसरे गांव में हैं। वहां किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं है। प्रशासन द्वारा मदद की जा रही है।
नदी का जलस्तर
घूरदेवी का वर्तमान जलस्तर- 112.540 मीटर
खतरे का निशान- 113.150 मीटर है।
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