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Bahraich News: प्रतीक्षा, प्रायश्चित... फांसी और उम्रकैद

Fri, 12 Dec 2025 01:43 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 12 Dec 2025 01:43 AM IST
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Waiting, atonement... hanging and life imprisonment
महराजगंज हिंसा में बृहस्पतिवार को कोर्ट में फांसी व आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद दो​​
बहराइच। रामगोपाल हत्याकांड...करीब 14 महीने का इंतजार। लंबी प्रतीक्षा, आरोपियों के प्रायश्चित, फांसी और उम्रकैद के फैसले ने कई दाैर देखे। बृहस्पतिवार को पीड़ित परिवार की लंबे समय से चली आ रही न्याय की प्रतीक्षा पूरी हो गई। फैसला सुनते ही पिता ने कहा...सच में कानून का राज है। बेटे की आत्मा को अब जाकर शांति मिलेगी। परिवार के सभी सदस्यों की आंखें नम हो गईं।
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फैसला सुनते ही दिवंगत रामगोपाल की मां मुन्नी देवी खुद पर काबू नहीं रख सकीं। उन्होंने कांपती आवाज में कहा...भगवान का लाख-लाख शुक्र है। मेरे बेटे को आज न्याय मिल गया। यह कहते-कहते उनकी आंखों से आंसू टपक पड़े। न्याय की आस आज पूरी हुई।
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रामगोपाल के पिता कैलाश नाथ मिश्रा पिछले चार दिनों से मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। उन्हें सांस लेने में दिक्कत है। इस कारण लगातार इलाज चल रहा है। बृहस्पतिवार देर शाम फैसले की खबर जैसे ही अस्पताल पहुंची, उनकी आंखें भर आईं। कमजोर आवाज में उन्होंने कहा...भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं। आज हमारे बेटे को इंसाफ मिला है। अब उसकी आत्मा को शांति मिलेगी।
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परिवार की देखभाल और पिता की तीमारदारी में लगे रामगोपाल के बड़े भाई हरमिलन मिश्रा भी फैसले के बाद भावुक दिखे। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने उनके परिवार की उम्मीदों को पूरा किया है और अब वे अपने भाई की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
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फैसले पर बोला अभियोजन व बचाव पक्ष
रामगोपाल मिश्रा के जघन्य हत्याकांड में बृहस्पतिवार को कोर्ट का फैसला सराहनीय है। कोर्ट ने पीड़ित पक्ष के दर्द को सुनकर अपना फैसला सुनाते हुए न्याय दिलाया है। ऐसे अपराधियों को इस तरह की घटना घटित करने पर कड़ी कार्रवाई का भी संदेश दिया है। यह फैसला नजीर बनेगा।

प्रमोद कुमार सिंह, एडीजीसी क्रिमिनल

------------------------------आत्मरक्षा के मामले की घटना को हत्या में दर्शाया गया। इंसाफ नहीं हुआ है। ऐसे मामलों की हाईकोर्ट मॉनिटरिंग करता है। हमें पूरी उम्मीद है कि हाईकोर्ट सभी सजा पाए लोगों के साथ न्याय करेगा।
मोहम्मद हाशमी, पूर्व अधिवक्ता बचाव पक्ष
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