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नौबना में बसाए जाएंगे भरथापुर के ग्रामीण
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बहराइच। आंबा ग्राम पंचायत का भरथापुर गांव जंगल क्षेत्र में बसा हुआ है। इसे नौबना में बसाने की कवायद काफी दिनों से चल रही है। ग्रामीणों ने नौबना में विस्थापित होने की सहमति दे दी है। ग्रामीणों की पात्रता जांच के लिए शनिवार को एसडीएम और डीएफओ की टीम भरथापुर गांव पहुंचेगी। पात्रता जांच के बाद सभी ग्रामीणों को उसी के अनुरूप मुआवजा व जमीन दी जाएगी। इसका फायदा 400 की आबादी को होगा।
मिहींपुरवा विकास खंड का आंबा गांव राजस्व ग्राम है। ग्राम पंचायत का मजरा भरथापुर कोर ऐरिया (घना जंगल क्षेत्र) में बसा हुआ है। यहां के ग्रामीणों को नौबना गांव में बसाने की कवायद वर्षों से चल रही है। ग्रामीणों ने नौबना में विस्थापित होने की हामी भर दी है। अब सभी ग्रामीणों की पात्रता की जांच होनी है। इसके लिए जांच समिति का अध्यक्ष मोतीपुर के उपजिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी को बनाया गया है। शनिवार को जांच समिति के अध्यक्ष एसडीएम, डीएफओ यशवंत सिंह टीम के साथ भरथापुर गांव जाएंगे। यहां पर ग्रामीणों से वार्ता कर पात्रता की जांच करेंगे। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। डीएफओ ने बताया कि जिनके पास मार्कशीट नहीं है। उनके निवास की पात्रता चिकित्सकों की टीम द्वारा की जाएगी। पात्रता जांच होने के बाद सभी लोगों को नौबना में विस्थापित किया जाएगा। इसके बाद सभी परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा। इसका फायदा 400 की आबादी को होगा। डीएफओ ने बताया कि विस्थापित होने वाले परिवार को हैंडपंप, खेत समेत अन्य वस्तुओं की कीमत प्रदेश सरकार द्वारा दी जाएगी।
तीन नदियों के बीच बसा है गांव
डीएफओ ने बताया कि आंबा ग्राम पंचायत का भरथापुर गांव तीन नदियों के बीच में कतर्नियाघाट रेंज के ट्रांस गेरुआ के पास बसा हुआ है, जिसमें कौड़ियाला, गेरुआ और बनबसा नदी शामिल हैं। यहां हमेशा जंगली जीवों का खतरा रहता है।
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मिहींपुरवा विकास खंड का आंबा गांव राजस्व ग्राम है। ग्राम पंचायत का मजरा भरथापुर कोर ऐरिया (घना जंगल क्षेत्र) में बसा हुआ है। यहां के ग्रामीणों को नौबना गांव में बसाने की कवायद वर्षों से चल रही है। ग्रामीणों ने नौबना में विस्थापित होने की हामी भर दी है। अब सभी ग्रामीणों की पात्रता की जांच होनी है। इसके लिए जांच समिति का अध्यक्ष मोतीपुर के उपजिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी को बनाया गया है। शनिवार को जांच समिति के अध्यक्ष एसडीएम, डीएफओ यशवंत सिंह टीम के साथ भरथापुर गांव जाएंगे। यहां पर ग्रामीणों से वार्ता कर पात्रता की जांच करेंगे। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। डीएफओ ने बताया कि जिनके पास मार्कशीट नहीं है। उनके निवास की पात्रता चिकित्सकों की टीम द्वारा की जाएगी। पात्रता जांच होने के बाद सभी लोगों को नौबना में विस्थापित किया जाएगा। इसके बाद सभी परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा। इसका फायदा 400 की आबादी को होगा। डीएफओ ने बताया कि विस्थापित होने वाले परिवार को हैंडपंप, खेत समेत अन्य वस्तुओं की कीमत प्रदेश सरकार द्वारा दी जाएगी।
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तीन नदियों के बीच बसा है गांव
डीएफओ ने बताया कि आंबा ग्राम पंचायत का भरथापुर गांव तीन नदियों के बीच में कतर्नियाघाट रेंज के ट्रांस गेरुआ के पास बसा हुआ है, जिसमें कौड़ियाला, गेरुआ और बनबसा नदी शामिल हैं। यहां हमेशा जंगली जीवों का खतरा रहता है।
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