फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   Uproar in medical college over death of pregnant woman

Bahraich News: गर्भवती की मौत पर मेडिकल कॉलेज में हंगामा

Fri, 22 Aug 2025 01:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Fri, 22 Aug 2025 01:35 AM IST
विज्ञापन
Uproar in medical college over death of pregnant woman
बहराइच मेडिकल कॉलेज महिला विंग में हंगामे के बाद जमा लोग। -स्रोत : सोशल मीडिया
बहराइच। सांस की तकलीफ और चिकित्सीय लापरवाही ने बृहस्पतिवार को प्रमिला (22) की जिंदगी छीन ली। वह छह माह की गर्भवती थीं। प्रमिला की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया।
विज्ञापन


बृहस्पतिवार सुबह अचानक सांस लेने में दिक्कत बढ़ने पर परिजन आनन-फानन मेडिकल कॉलेज बहराइच लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि भर्ती करने के बाद डॉक्टरों ने केवल ऑक्सीजन मास्क लगाकर छोड़ दिया और तीन घंटे तक न कोई दवा दी, न इंजेक्शन। इलाज न मिलने से प्रमिला ने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन


मोतीपुर के चौधरी गांव निवासी सुनील कुमार और दुर्गेश कुमार का कहना है कि उन्होंने बार-बार डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों से दवा और इंजेक्शन लगाने की गुहार की, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। आरोप है कि जब उन्होंने भर्ती और इलाज को लेकर दबाव बनाया, तो उनसे रुपये की मांग की गई। रुपये न देने पर नजरअंदाज किया गया और तीन घंटे की मशक्कत के बाद प्रमिला की मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन




पुलिस ने संभाला मोर्चा

प्रमिला की मौत के बाद परिजन आक्रोशित हो उठे और मेडिकल कॉलेज में हंगामा करने लगे। परिजनों की पुकार सुनकर सीएमएस डॉ. मदन मोहन त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। उन्होंने सभी को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन परिजनों का आरोप था कि डॉक्टर ने लखनऊ रेफर करने की सलाह दी थी, रेफर करने के लिए रुपये मांगे गए। वे सभी रुपयों का इंतजाम करने में जुटे रहे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। परिजनों के आक्रोश को देखते हुए मेडिकल कॉलेज चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह आक्रोशित परिजनों को समझाकर शांत कराया।




प्राचार्य बोले, गंभीर स्थिति में आई थी मरीज

मामले पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य संजय खत्री ने कहा मरीज गंभीर स्थिति में आई थी। उसका पल्स व बीपी दोनों बहुत कम था। इलाज तत्काल प्रारंभ हो गया था, लेकिन स्थिति पहले से चिंताजनक होने के कारण सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद यदि पीड़ित परिवार कोई शिकायती पत्र देता है, तो उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। यदि कोई कर्मचारी इसमें दोषी मिलेगा, तो उस पर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed