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दो गांव बने हॉटस्पॉट, 1100 लोग घरों में कैद
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जरवल के रेतीहाता नासिरगंज में प्रशासन द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग।
- फोटो : BAHRAICH
फखरपुर/जरवल (बहराइच)। नासिरगंज रेतीहाता और चक सौगहना गांव में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद प्रशासन ने गांव में प्रवेश पूरी तरह से रोक दिया है। गांव के बाहर बैरिकेडिंग लगा दी गई है। साथ ही घर-घर तक सामान पहुंचानेे के लिए कर्मचारी नामित किए गए हैं। उपजिलाधिकारी को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों गांवों की 1100 आबादी 21 दिनों के लिए घरों में कैद हो गई है।
फखरपुर विकास खंड अंतर्गत ग्राम चक सौगहना और जरवल विकास खंड के नासिरगंज रेतीहाता निवासी एक-एक युवक कोरोना संक्रमित निकले हैं। रविवार को लखनऊ से आई रिपोर्ट में युवकों के कोरोना संक्रमित मिलने पर उन्हें कोविड अस्पताल चित्तौरा में भर्ती कराया गया है। इसके बाद तहसील प्रशासन द्वारा गांवों को हॉटस्पॉट बना दिया गया है। इससे नासिरगंज की 500 और चक सौगहना गांव की 600 आबादी घरों में कैद हो गई है।
अब इन लोगों को 21 दिनों तक घरों में कैद रहना होगा। प्रशासन की ओर से उपजिलाधिकारी महेश कुमार कैथल को मजिस्ट्रेट बनाया गया है। एसडीएम ने बताया कि दोनों हॉटस्पॉट गांव में आवागमन पूरी तरह से रोक दिया गया है। बैरिकेडिंग लगा दी गई है। घर-घर सामान पहुंचाने के लिए कर्मचारियों को जिम्मेदारी देते हुए उनके मोबाइल जारी कर दिए गए हैं। एसडीएम ने बताया कि निगरानी समिति को भी जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस गांव के बाहर सुरक्षा में तैनात कर दी गई है। सीएमओ डॉ. सुरेश सिंह ने बताया कि दोनो गांव के संक्रमित युवकों के संपर्क में आए लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं। जरवल सीएचसी की चिकित्सक डॉ. कल्पना साहू की अगुवाई में स्वास्थ्य कर्मी सैंपल एकत्रित कर रहे हैं।
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फखरपुर विकास खंड अंतर्गत ग्राम चक सौगहना और जरवल विकास खंड के नासिरगंज रेतीहाता निवासी एक-एक युवक कोरोना संक्रमित निकले हैं। रविवार को लखनऊ से आई रिपोर्ट में युवकों के कोरोना संक्रमित मिलने पर उन्हें कोविड अस्पताल चित्तौरा में भर्ती कराया गया है। इसके बाद तहसील प्रशासन द्वारा गांवों को हॉटस्पॉट बना दिया गया है। इससे नासिरगंज की 500 और चक सौगहना गांव की 600 आबादी घरों में कैद हो गई है।
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अब इन लोगों को 21 दिनों तक घरों में कैद रहना होगा। प्रशासन की ओर से उपजिलाधिकारी महेश कुमार कैथल को मजिस्ट्रेट बनाया गया है। एसडीएम ने बताया कि दोनों हॉटस्पॉट गांव में आवागमन पूरी तरह से रोक दिया गया है। बैरिकेडिंग लगा दी गई है। घर-घर सामान पहुंचाने के लिए कर्मचारियों को जिम्मेदारी देते हुए उनके मोबाइल जारी कर दिए गए हैं। एसडीएम ने बताया कि निगरानी समिति को भी जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस गांव के बाहर सुरक्षा में तैनात कर दी गई है। सीएमओ डॉ. सुरेश सिंह ने बताया कि दोनो गांव के संक्रमित युवकों के संपर्क में आए लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं। जरवल सीएचसी की चिकित्सक डॉ. कल्पना साहू की अगुवाई में स्वास्थ्य कर्मी सैंपल एकत्रित कर रहे हैं।
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