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तेज बारिश के साथ गिरी बिजली, दो घायल
Wed, 27 Feb 2019 11:47 PM IST
Praveen Singh
न्यूज डेस्क, बहराइच
न्यूज डेस्क, बहराइच
Published by: Praveen Singh
Updated Wed, 27 Feb 2019 11:47 PM IST
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मौसम की उठापटक के बीच जिले में बीती आधी रात को बूंदाबांदी के बाद भोर में झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश से खेतों में खड़ी गेहूं और तिलहनी फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। किसान चिंतित हैं। फखरपुर में एक मकान पर बिजली गिरने से दो ग्रामीण घायल हो गए। एक मवेशी की झुलसकर मौत हो गई। दिनभर बूंदाबांदी और बौछारों का क्रम जारी रहा। फसलों के नुकसान से किसानों के माथे पर बल पड़ गए हैं।
तराई में मौसम बीते पखवारे भर से लोगों को छका रहा है। तीन दिनों से मौसम की उठापटक तेज हो गई है। मंगलवार रात 11:40 बजे के आसपास शुरू हुआ बूंदाबांदी का दौर बुधवार भोर में तीन बजे तक जारी रहा। इसके बाद गरज-चमक के साथ बौछारें शुरू हो गईं। सुबह नौ बजे तक तेज हवा के साथ बादल बरसे। जनजीवन अस्त-व्यस्त दिखा। जिले के जंगल से सटे इलाकों में बारिश से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मिहींपुरवा, नानपारा, शिवपुर, नवाबगंज क्षेत्रों में जिले के अन्य इलाकों की अपेक्षा अधिक वर्षा हुई। तेज हवा के कारण खेतों में खड़ी गेहूं और तिलहन की फसल पूरी तरह बिछ गई है। इससे किसानों के माथे पर बल पड़ गए हैं। जलभराव वाले इलाकों में फसलों के सड़ने की आशंका उत्पन्न हो गई है। वर्षा के बीच भोर में फखरपुर कस्बा निवासी रामसागर शुक्ल और गोपाल शुक्ल के घर पर बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बिजली गिरी। उस समय परिवार के लोग कमरों में सो रहे थे।
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बिजली छत को चीरते हुए जमीन में चली गई। चपेट में आकर रामसागर और गोपाल झुलसकर जख्मी हुए। रामसागर के घर में एक गाय की मौके पर ही मौत हो गई। दूसरा मवेशी घायल हुआ है। दोनों घरों के बिजली के उपकरण भी तेज आवाज के साथ जल गए। फसल अनुसंधान केंद्र के मौसम विभाग के तकनीकी विशेषज्ञ आरके श्रीवास्तव ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण बीते तीन दिन से मौसम निरंतर करवट ले रहा था।
खेतों से निकाल दें पानी, रखें नजर
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि बेमौसम हो रही बरसात से रवी के फसलों के नुकसान की आशंका बढ़ गई है। हवा से कई स्थानों पर फसलें गिरी हैं। ऐसे में किसान खेतों में हुए जलभराव को निकालने की कोशिश करें, जिससे फसलें सड़ने से बच सकें।
दो दिन बाद फिर आएंगे बादल
फसल अनुसंधान केंद्र के मौसम विभाग के वैज्ञानिक आरके श्रीवास्तव ने बताया कि अब मौसम साफ रहने के संकेत मिल रहे हैं। शनिवार से मंगलवार तक बादल आते-जाते रहेेंगे। इसके बाद तेज धूप का सामना करना पड़ेगा।
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तराई में मौसम बीते पखवारे भर से लोगों को छका रहा है। तीन दिनों से मौसम की उठापटक तेज हो गई है। मंगलवार रात 11:40 बजे के आसपास शुरू हुआ बूंदाबांदी का दौर बुधवार भोर में तीन बजे तक जारी रहा। इसके बाद गरज-चमक के साथ बौछारें शुरू हो गईं। सुबह नौ बजे तक तेज हवा के साथ बादल बरसे। जनजीवन अस्त-व्यस्त दिखा। जिले के जंगल से सटे इलाकों में बारिश से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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मिहींपुरवा, नानपारा, शिवपुर, नवाबगंज क्षेत्रों में जिले के अन्य इलाकों की अपेक्षा अधिक वर्षा हुई। तेज हवा के कारण खेतों में खड़ी गेहूं और तिलहन की फसल पूरी तरह बिछ गई है। इससे किसानों के माथे पर बल पड़ गए हैं। जलभराव वाले इलाकों में फसलों के सड़ने की आशंका उत्पन्न हो गई है। वर्षा के बीच भोर में फखरपुर कस्बा निवासी रामसागर शुक्ल और गोपाल शुक्ल के घर पर बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बिजली गिरी। उस समय परिवार के लोग कमरों में सो रहे थे।
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बिजली छत को चीरते हुए जमीन में चली गई। चपेट में आकर रामसागर और गोपाल झुलसकर जख्मी हुए। रामसागर के घर में एक गाय की मौके पर ही मौत हो गई। दूसरा मवेशी घायल हुआ है। दोनों घरों के बिजली के उपकरण भी तेज आवाज के साथ जल गए। फसल अनुसंधान केंद्र के मौसम विभाग के तकनीकी विशेषज्ञ आरके श्रीवास्तव ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण बीते तीन दिन से मौसम निरंतर करवट ले रहा था।
खेतों से निकाल दें पानी, रखें नजर
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि बेमौसम हो रही बरसात से रवी के फसलों के नुकसान की आशंका बढ़ गई है। हवा से कई स्थानों पर फसलें गिरी हैं। ऐसे में किसान खेतों में हुए जलभराव को निकालने की कोशिश करें, जिससे फसलें सड़ने से बच सकें।
दो दिन बाद फिर आएंगे बादल
फसल अनुसंधान केंद्र के मौसम विभाग के वैज्ञानिक आरके श्रीवास्तव ने बताया कि अब मौसम साफ रहने के संकेत मिल रहे हैं। शनिवार से मंगलवार तक बादल आते-जाते रहेेंगे। इसके बाद तेज धूप का सामना करना पड़ेगा।