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कोल्ड डायरिया व बुखार से दो बच्चों की मौत
अमर उजाला/बहराइच
Updated Tue, 31 Jan 2017 12:00 AM IST
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तराई में कोल्ड डायरिया व बुखार जानलेवा बना हुआ है। सोमवार को जिला अस्पताल में इलाज के दौरान बुखार व कोल्ड डायरिया से पीड़ित दो मासूमों की मौत हो गई। जबकि विभिन्न संक्रामक रोगों से पीड़ित और 28 रोगी भर्ती करवाए गए हैं। इनमें चार की हालत नाजुक बनी हुई है।
बलरामपुर जिले के हरैया ढौकाही निवासी नितिन (13) को बुखार की शिकायत पर सोमवार की सुबह जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन इलाज शुरू होते ही उसकी मौत हो गई। नितिन को बुखार के साथ झटके भी आ रहे थे।
उधर, देहात कोतवाली क्षेत्र के पंडितपुरवा निवासी बब्लू (1) को उल्टी, दस्त की शिकायत पर परिवारीजनों ने निजी डॉक्टरों को दिखाया। हालत बिगड़ने पर निजी चिकित्सक के जवाब देने पर उसे जिला अस्पताल लाया गया, यहां उसकी मौत हो गई।
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उधर, बुखार, डायरिया, निमोनिया व अन्य रोगों से पीड़ित 28 मरीज जिला अस्पताल में भर्ती करवाए गए हैं। इनमें पिंकी (4) रानीपुर, सूफिया (4) दरगाह, सुमित (4) रामगांव, पूनम (2) नवागढ़ी की हालत नाजुक बताई गई है।
सोमवार को चिल्ड्रेन वार्ड की ओपीडी में विभिन्न रोगों से पीड़ित करीब 90 रोगियों के स्वास्थ्य का परीक्षण हुआ। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा ने कहा कि बच्चों को ठंड से बचाया जाए और उनके खानपान का विशेष ख्याल रखे जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बच्चों को उनके परिवार वाले बीमार होने पर समय से इलाज मुहैया नहीं करवाते, जिससे उनकी जिंदगी खतरे में पड़ रही है।
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बलरामपुर जिले के हरैया ढौकाही निवासी नितिन (13) को बुखार की शिकायत पर सोमवार की सुबह जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन इलाज शुरू होते ही उसकी मौत हो गई। नितिन को बुखार के साथ झटके भी आ रहे थे।
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उधर, देहात कोतवाली क्षेत्र के पंडितपुरवा निवासी बब्लू (1) को उल्टी, दस्त की शिकायत पर परिवारीजनों ने निजी डॉक्टरों को दिखाया। हालत बिगड़ने पर निजी चिकित्सक के जवाब देने पर उसे जिला अस्पताल लाया गया, यहां उसकी मौत हो गई।
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उधर, बुखार, डायरिया, निमोनिया व अन्य रोगों से पीड़ित 28 मरीज जिला अस्पताल में भर्ती करवाए गए हैं। इनमें पिंकी (4) रानीपुर, सूफिया (4) दरगाह, सुमित (4) रामगांव, पूनम (2) नवागढ़ी की हालत नाजुक बताई गई है।
सोमवार को चिल्ड्रेन वार्ड की ओपीडी में विभिन्न रोगों से पीड़ित करीब 90 रोगियों के स्वास्थ्य का परीक्षण हुआ। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा ने कहा कि बच्चों को ठंड से बचाया जाए और उनके खानपान का विशेष ख्याल रखे जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बच्चों को उनके परिवार वाले बीमार होने पर समय से इलाज मुहैया नहीं करवाते, जिससे उनकी जिंदगी खतरे में पड़ रही है।