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नौकरी से निकालने की अफवाह पर भड़के प्रशिक्षु शिक्षक
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Fri, 03 Jul 2015 10:19 PM IST
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अभिलेखों की जांच के लिए बीएसए ऑफिस बुलाए गए प्रशिक्षु शिक्षक नौकरी से निकालने की साजिश की अफवाह से भड़क उठे। गुस्साए प्रशिक्षु शिक्षक डीएम आवास पहुंच गए और नारेबाजी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
नगर मजिस्ट्रेट पहुंचे तो अपनी व्यथा सुनाते हुए फफक पड़े। इस मामले में डीएम ने प्रशिक्षु शिक्षकों के प्रतिनिधि मंडल से वार्ता कर उन्हें न्याय का आश्वासन दिया।
चार माह पूर्व तैनात हुए प्रशिक्षु शिक्षकों में से अनुसूचित जाति के 52 प्रशिक्षुओं की फाइलों में अभिलेख अपूर्ण थे। अभिलेखों की जांच के लिए इन सभी को शुक्रवार को बीएसए कार्यालय बुलाया गया था लेकिन इस दौरान प्रशिक्षुओं को महसूस हुआ कि उन्हें नौकरी से निकालने की साजिश रची जा रही है।
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इस पर वे भड़क उठे और सीधे जिलाधिकारी आवास के सामने पहुंच गए। यहां नारेबाजी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
नगर मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे तो प्रशिक्षुओं ने कहा फफकते हुए कहा कि चार माह नौकरी करने के बाद अब उन्हें नौकरी से बाहर करने का प्रयास किया जा रहा है।
कुछ प्रशिक्षुओं ने नौकरी से निकाले जाने पर आत्महत्या करने की बात भी कही। डीएम ने प्रतिनिधि मंडल को वार्ता के लिए बुलवाया। मौके पर मौजूद प्रशिक्षु शिक्षक सुनील, रत्नेश, संतोष और अश्विनी वार्ता के लिए जिलाधिकारी कैंप कार्यालय गए। डीएम ने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बीएसए डॉ. अमरकांत सिंह का कहना है कि कुछ अभिलेखों की जांच के लिए प्रशिक्षु शिक्षकों को बुलाया गया था। ऐसे में उन्हें नौकरी से निकालने की बात कैसे आ गई। प्रशिक्षुओं को गलतफहमी हुई है।
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नगर मजिस्ट्रेट पहुंचे तो अपनी व्यथा सुनाते हुए फफक पड़े। इस मामले में डीएम ने प्रशिक्षु शिक्षकों के प्रतिनिधि मंडल से वार्ता कर उन्हें न्याय का आश्वासन दिया।
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चार माह पूर्व तैनात हुए प्रशिक्षु शिक्षकों में से अनुसूचित जाति के 52 प्रशिक्षुओं की फाइलों में अभिलेख अपूर्ण थे। अभिलेखों की जांच के लिए इन सभी को शुक्रवार को बीएसए कार्यालय बुलाया गया था लेकिन इस दौरान प्रशिक्षुओं को महसूस हुआ कि उन्हें नौकरी से निकालने की साजिश रची जा रही है।
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इस पर वे भड़क उठे और सीधे जिलाधिकारी आवास के सामने पहुंच गए। यहां नारेबाजी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
नगर मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे तो प्रशिक्षुओं ने कहा फफकते हुए कहा कि चार माह नौकरी करने के बाद अब उन्हें नौकरी से बाहर करने का प्रयास किया जा रहा है।
कुछ प्रशिक्षुओं ने नौकरी से निकाले जाने पर आत्महत्या करने की बात भी कही। डीएम ने प्रतिनिधि मंडल को वार्ता के लिए बुलवाया। मौके पर मौजूद प्रशिक्षु शिक्षक सुनील, रत्नेश, संतोष और अश्विनी वार्ता के लिए जिलाधिकारी कैंप कार्यालय गए। डीएम ने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बीएसए डॉ. अमरकांत सिंह का कहना है कि कुछ अभिलेखों की जांच के लिए प्रशिक्षु शिक्षकों को बुलाया गया था। ऐसे में उन्हें नौकरी से निकालने की बात कैसे आ गई। प्रशिक्षुओं को गलतफहमी हुई है।