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सीमा पर आवागमन बंद होने से व्यापारी परेशान
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रुपईडीहा (बहराइच)। कोरोना संक्रमण को लेकर भारत व नेपाल के बीच आवागमन पूरी तरह से बंद है। इससे रुपईडीहा कस्बे का व्यापार काफी प्रभावित हो गया है। नेपाल के खरीदार रुपईडीहा नहीं पहुंच पा रहे हैं। बीते करीब छह माह में सीमावर्ती व्यापारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। इसके लिए व्यापारियों ने कई बार पत्राचार भी किया, लेकिन भारत व नेपाल की तरफ से सीमा खुलने की संभावना नहीं दिख रही है। इसे लेकर व्यापारी परेशान हैं।
कोरोना संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए सरकार ने 22 मार्च से लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी। उधर, नेपाल सरकार ने भी अपने देश में लॉकडाउन लगा दिया था, जिससे दोनों देशों के बीच आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया। सरकार ने लॉकडाउन-5 में काफी छूट दी है, जिससे जिले के साथ सीमा पर बसे रुपईडीहा कस्बे में दुकानों का संचालन शुरू हो गया है, लेकिन नेपाल सरकार की ओर से आवागमन अभी तक शुरू नहीं किया गया है। इससे नेपाली ग्राहक रुपईडीहा में खरीदारी के लिए नहीं आ पा रहे हैं। खुदरा व्यापार पूरी तरह से पंगु हो गया है। हमेशा ग्राहकों से गुलजार रहने वाला रुपईडीहा नेपाली ग्राहकों के अभाव में सूना लग रहा है।
सीमा पर आवागमन बहाल करने के लिए रुपईडीहा व बांके जिले के व्यापारियों ने पत्राचार भी किया, लेकिन अभी तक दोनों देशों की ओर से आवागमन शुरू नहीं हो सका है। इसका असर सीधे व्यापार पर पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि सीमा पर आवागमन शुरू न होने से अनलॉक का कोई फायदा नहीं है। बॉर्डर सील होने से सीमावर्ती क्षेत्र के व्यापारियों को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। व्यापारियों ने दोनों देश की सरकार से सीमा पर आवागमन बहाल करने की मांग की है।
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गर्म कपड़े खरीदने आते थे नेपाली
रुपईडीहा के व्यापारियों ने बताया कि अक्तूबर शुरू हो गया है। हल्की ठंड ने भी दस्तक दे दी है। ऐसे में नेपाल के लोग गर्म कपड़े खरीदने के लिए रुपईडीहा आते थे। लेकिन सीमा पर आवागमन बंद होने से इस समय बाजार में मायूसी है। व्यापारियों को काफी नुकसान हो रहा है।
सीमा पर बहाल हो आवागमन
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विजय कुमार मित्तल ने कहा कि सीमा खोलने के लिए दोनों देश के व्यापारी लगातार मांग कर रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। समाजसेवी डॉ. उमाशंकर वैश्य ने बताया कि बॉर्डर पर रहने वाले खुदरा व्यापारियों का अनलॉक से कोई फायदा नहीं है। स्थिति जस की तस बनी हुई है। भाजपा के जिला कार्यकारिणी सदस्य रमेश कुमार अमलानी ने कहा कि सीमा सील होने से दोनों देशोें के बड़े व्यापारियों को फायदा हुआ, लेकिन छोटे व्यापारियों को काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में सीमा पर आवागमन बहाल किया जाए।
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कोरोना संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए सरकार ने 22 मार्च से लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी। उधर, नेपाल सरकार ने भी अपने देश में लॉकडाउन लगा दिया था, जिससे दोनों देशों के बीच आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया। सरकार ने लॉकडाउन-5 में काफी छूट दी है, जिससे जिले के साथ सीमा पर बसे रुपईडीहा कस्बे में दुकानों का संचालन शुरू हो गया है, लेकिन नेपाल सरकार की ओर से आवागमन अभी तक शुरू नहीं किया गया है। इससे नेपाली ग्राहक रुपईडीहा में खरीदारी के लिए नहीं आ पा रहे हैं। खुदरा व्यापार पूरी तरह से पंगु हो गया है। हमेशा ग्राहकों से गुलजार रहने वाला रुपईडीहा नेपाली ग्राहकों के अभाव में सूना लग रहा है।
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सीमा पर आवागमन बहाल करने के लिए रुपईडीहा व बांके जिले के व्यापारियों ने पत्राचार भी किया, लेकिन अभी तक दोनों देशों की ओर से आवागमन शुरू नहीं हो सका है। इसका असर सीधे व्यापार पर पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि सीमा पर आवागमन शुरू न होने से अनलॉक का कोई फायदा नहीं है। बॉर्डर सील होने से सीमावर्ती क्षेत्र के व्यापारियों को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। व्यापारियों ने दोनों देश की सरकार से सीमा पर आवागमन बहाल करने की मांग की है।
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गर्म कपड़े खरीदने आते थे नेपाली
रुपईडीहा के व्यापारियों ने बताया कि अक्तूबर शुरू हो गया है। हल्की ठंड ने भी दस्तक दे दी है। ऐसे में नेपाल के लोग गर्म कपड़े खरीदने के लिए रुपईडीहा आते थे। लेकिन सीमा पर आवागमन बंद होने से इस समय बाजार में मायूसी है। व्यापारियों को काफी नुकसान हो रहा है।
सीमा पर बहाल हो आवागमन
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विजय कुमार मित्तल ने कहा कि सीमा खोलने के लिए दोनों देश के व्यापारी लगातार मांग कर रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। समाजसेवी डॉ. उमाशंकर वैश्य ने बताया कि बॉर्डर पर रहने वाले खुदरा व्यापारियों का अनलॉक से कोई फायदा नहीं है। स्थिति जस की तस बनी हुई है। भाजपा के जिला कार्यकारिणी सदस्य रमेश कुमार अमलानी ने कहा कि सीमा सील होने से दोनों देशोें के बड़े व्यापारियों को फायदा हुआ, लेकिन छोटे व्यापारियों को काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में सीमा पर आवागमन बहाल किया जाए।