{"_id":"5e3aefab8ebc3ee5fd706ccb","slug":"tiger-in-katarniya-ghat-bahraich-news-lko5068704134","type":"story","status":"publish","title_hn":"गेरू आ नदी के किनारे मस्ती करते दिखा बाघ, सहमें पर्यटक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गेरू आ नदी के किनारे मस्ती करते दिखा बाघ, सहमें पर्यटक
विज्ञापन
बिछिया (बहराइच)। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में सैलानियों के आने का सिलसिला जारी है। वन्य जीवों को देखकर एक ओर जहां पर्यटक रोमांचित हो रहे हैं, वहीं बाघ व तेंदुआ देखकर पर्यटक सहम जा रहे हैं। बुधवार को गेरुआ नदी के किनारे बाघ को मस्ती करते देख पर्यटक सहम गए। कैमरे में फोटो कैद करने की होड़ लग गई। आहट पाकर बाघ झाड़ियों में छिप गया।
जामिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. मोहम्मद जोहेब व धनबाद स्थित सीएसआईआर सेंटर के वैज्ञानिक डॉ. इस्तियाक अहमद फोटोग्राफर मो. उमैर के साथ कतर्नियाघाट जंगल का भ्रमण कर रहे थे। कतर्निया से कैलाशपुरी जाने वाले मार्ग पर जैसे ही ये लोग गेरुआ नदी के पास पहुंचे, नदी किनारे बाघ को बैठा देख सभी पर्यटक सहम गए।
पर्यटकों ने बताया कि तकरीबन पांच मिनट तक बाघ बैठा रहा। रोमांचित होते हुए लोगों ने बाघ की फोटो भी कैमरे में कैद की। कुछ देर बाद बाघ टहलते हुए झाड़ियों में छिप गया। पर्यटकों ने बताया कि बाघ के अचानक सामने आने से वे सभी घबरा तो गए ही थे लेकिन वह पल रोमांचकारी भी रहा।
विज्ञापन
कतर्निया जंगल घूमने आए धनबाद स्थित सीएसआईआर सेंटर में कोल रिसर्च के वैज्ञानिक डॉ. इस्तियाक अहमद ने बताया कि कतर्निया की सुंदरता और प्राकृतिक वातावरण काफी लुभावना है। ऐसा वातावरण सेहत के लिए भी अच्छा है। उन्होंने जंगल में लगे औषधीय पौधों पर शोध के लिए रिसर्च सेंटर खोलने को जरूरी बताया है।
विज्ञापन
जामिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. मोहम्मद जोहेब व धनबाद स्थित सीएसआईआर सेंटर के वैज्ञानिक डॉ. इस्तियाक अहमद फोटोग्राफर मो. उमैर के साथ कतर्नियाघाट जंगल का भ्रमण कर रहे थे। कतर्निया से कैलाशपुरी जाने वाले मार्ग पर जैसे ही ये लोग गेरुआ नदी के पास पहुंचे, नदी किनारे बाघ को बैठा देख सभी पर्यटक सहम गए।
विज्ञापन
पर्यटकों ने बताया कि तकरीबन पांच मिनट तक बाघ बैठा रहा। रोमांचित होते हुए लोगों ने बाघ की फोटो भी कैमरे में कैद की। कुछ देर बाद बाघ टहलते हुए झाड़ियों में छिप गया। पर्यटकों ने बताया कि बाघ के अचानक सामने आने से वे सभी घबरा तो गए ही थे लेकिन वह पल रोमांचकारी भी रहा।
विज्ञापन
कतर्निया जंगल घूमने आए धनबाद स्थित सीएसआईआर सेंटर में कोल रिसर्च के वैज्ञानिक डॉ. इस्तियाक अहमद ने बताया कि कतर्निया की सुंदरता और प्राकृतिक वातावरण काफी लुभावना है। ऐसा वातावरण सेहत के लिए भी अच्छा है। उन्होंने जंगल में लगे औषधीय पौधों पर शोध के लिए रिसर्च सेंटर खोलने को जरूरी बताया है।