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Bahraich News: तहसीलदार भाग गए, रामगोपाल को बाइक से ले जाना पड़ा अस्पताल

Tue, 15 Oct 2024 02:30 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Tue, 15 Oct 2024 02:30 AM IST
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The Tehsildar ran away, Ram Gopal had to be taken to the hospital by bike
रामगोपाल के चचेरे भाई और पत्नी का बातचीत के दौरान पुलिस-प्रशासन पर फूटा गुस्सा-बोले लोग, खून के बदले खून चाहिए...इससे कम कुछ भी नहीं
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माई सिटी रिपोर्टर

बहराइच। रामगोपाल को घर में खींचकर मारा जा रहा था। उसे जब तक बाहर ला पाते तब तक उस पर गोलियां दागी जा चुकी थीं। गोपाल को अस्पताल ले जाने के लिए जब तहसीलदार से गुहार लगाई तो वह भाग गए। बाइक से किसी तरह से रामगोपाल को अस्पताल ले जाना पड़ा। तहसीलदार की इस हरकत से परिजन आक्रोशित हैं।
प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा रविवार को गोली मारकर रामगोपाल की हत्या के बाद सोमवार को चचेरे भाई ने बताया कि पुलिस प्रशासन की लापरवाही से वारदात हुई। भाई पर बर्बरता कर उसको मरणासन्न कर दिया गया था। उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए तहसीलदार से मदद मांगी गई तो उन्होंने अपनी गाड़ी देने से मना कर दिया। वहां से भाग गए। रामगोपाल को किसी तरह से अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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परिजनों के अनुसार अगर तहसीलदार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए गाड़ी से रामगोपाल को जल्दी अस्पताल पहुंचाया होता तो शायद उसकी जान बच जाती।
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तहसीलदार को गांव से खदेड़ा
तहसीलदार के रवैये पर परिजन और ग्रामीण आक्रोशित थे। इस बीच तहसीलदार सोमवार सुबह जब रामगोपाल के घर पहुंचे तो परिजनों उनको खदेड़ दिया। लोगों का आक्रोश देख अफसरों ने तत्काल वहां से तहसीलदार को हटा दिया।

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इंसाफ चाहिए...वह जैसे भी मिले

रामगोपाल की पत्नी पोस्टमार्टम हाउस पहुंची थीं। रोते हुए उन्होंने कहा कि इंसाफ चाहिए। वह चाहे जैसे मिले। यह भी कहा कि खून का बदला खून चाहिए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनके भीतर पति की हत्या को लेकर कितना गुस्सा भरा हुआ है। एक तरह से पूरा परिवार प्रतिशोध की आग में जल रहा है। इसलिए पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है। परिजनों से अफसर लगातार बातचीत भी कर रहे हैं। आश्वासन दे रहे हैं कि वह आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करेंगे।
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पुलिस ने हमें ही लाठियों से पीटा

परिजनों ने कहा कि हर साल प्रतिमा का विसर्जन होता है। यह पहली बार नहीं था। ऐसे में पुलिस प्रशासन को पुख्ता इंतजाम करना चाहिए था। पहले तो वह इंतजाम सही नहीं कर सके, जब बवाल हुआ तो उसको काबू नहीं कर पाए। सीधा सीधा उन्होंने पुलिस प्रशासन की नाकामी बताई। यह भी कहा कि बवाल के बाद उनके ही पक्ष पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। दूसरे पक्ष पर मेहरबानी दिखाई गई। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने में भी लापरवाही की गई। देर रात बस फोटो खिंचाने के लिए आला अफसर मौके पर पहुंचे। इसे लेकर भी लोगों में नाराजगी है।
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