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मजार शिफ्ट कराने पहुंचे अफसर, भारी विरोध, वापस लौटे
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बिछिया में मजार को शिफ्ट कराने पहुंचे अधिकारियों के विरोध में प्रदर्शन करते ग्रामीण।
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। बिछिया स्थित बाबा अली अहमद शाह की मजार को मिहीपुरवा में शिफ्ट कराने के लिए रविवार को प्रशासनिक अमला पहुंचा। इस दौरान स्थानीय नागरिकों ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
हालात बिगड़ने पर सात थानों की पुलिस और पीएसी बुलाई गई। लेकिन नागरिकों के जबरदस्त विरोध प्रदर्शन के बाद एसडीएम, सीओ सहित पूरा प्रशासनिक अमला वापस लौट गया। विरोध स्वरूप व्यापारियों ने बिछिया बाजार भी बंद कर दिया। स्थानीय लोगों को भी काफी समस्याओं को सामना करना पड़ा।
2016 में बाबा अली अहमद शाह के निधन के बाद श्रद्धालुओं ने वन भूमि में ही उनकी मजार बनाई। इस दौरान वहां साप्ताहिक मेला भी लगने लगा। बाबा अली अहमद शाह के भक्तों के दो गुट हैं।
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एक गुट हाजी इनायत (मुंबई) और अब्बास (तिकुनिया लखीमपुर खीरी) का है तो दूसरा गुट अब्दुल सलाम (गुलरिया नेपाल) का है जो कि बाबा हुजूर कमेटी बिछिया बाजार के नाम से संगठित है। इस कमेटी में जंगबहादुर हिंदुस्तानी, अध्यक्ष मोइनुद्दीन, उपाध्यक्ष सरोज गुप्ता, सचिव सत्यम मद्देशिया एवं शाहिद अली आदि शामिल हैं। हाजी इनायत गुट यह चाहता है कि बाबा की मजार मिहीपुरवा में शिफ्ट कर दी जाए। इसके लिए वह न्यायालय तक चले गए। दूसरा गुट स्थानीय लोगों का है, जो अड़े हुए हैं कि बाबा की मजार यहीं रहेगी।
सुबह आठ बजे मार्केट में सूचना पहुंची कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन अब्बास के साथ यहां पहुंच रहा है। आज ही बाबा की मजार शिफ्ट की जाएगी। इतना सुनते ही लोग मजार पर एकत्रित होने लगे। कुछ ही देरी में सात थानों के एसएचओ मय पुलिस मजार तक पहुंचे।
इस दौरान स्थानीय लोगों का हंगामा और बढ़ गया। हालात देखकर एक प्लाटून पीएसी बुलाकर तैनात करा दी गई। एसओ सुजौली, सीओ जंगबहादुर यादव आदि स्थानीय लोगों को समझाने लगे, लेकिन बिछिया निवासी अपनी मांग पर अड़े रहे।
कुछ देर बाद एसडीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, तहसीलदार पियूष कुमार याचिकाकर्ता अब्बास के साथ मौके पर पहुंचे। हंगामा इतना पढ़ गया कि मार्केट वालों ने मार्केट बंद कर दिया। सभी लोग रास्तों पर आ गए। हालात बिगड़ते देख एसडीएम और सीओ को दलबल के साथ वापस लौटना पड़ा। पुलिस बल के वापस लौटने पर मामला शांत हो गया।
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हालात बिगड़ने पर सात थानों की पुलिस और पीएसी बुलाई गई। लेकिन नागरिकों के जबरदस्त विरोध प्रदर्शन के बाद एसडीएम, सीओ सहित पूरा प्रशासनिक अमला वापस लौट गया। विरोध स्वरूप व्यापारियों ने बिछिया बाजार भी बंद कर दिया। स्थानीय लोगों को भी काफी समस्याओं को सामना करना पड़ा।
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2016 में बाबा अली अहमद शाह के निधन के बाद श्रद्धालुओं ने वन भूमि में ही उनकी मजार बनाई। इस दौरान वहां साप्ताहिक मेला भी लगने लगा। बाबा अली अहमद शाह के भक्तों के दो गुट हैं।
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एक गुट हाजी इनायत (मुंबई) और अब्बास (तिकुनिया लखीमपुर खीरी) का है तो दूसरा गुट अब्दुल सलाम (गुलरिया नेपाल) का है जो कि बाबा हुजूर कमेटी बिछिया बाजार के नाम से संगठित है। इस कमेटी में जंगबहादुर हिंदुस्तानी, अध्यक्ष मोइनुद्दीन, उपाध्यक्ष सरोज गुप्ता, सचिव सत्यम मद्देशिया एवं शाहिद अली आदि शामिल हैं। हाजी इनायत गुट यह चाहता है कि बाबा की मजार मिहीपुरवा में शिफ्ट कर दी जाए। इसके लिए वह न्यायालय तक चले गए। दूसरा गुट स्थानीय लोगों का है, जो अड़े हुए हैं कि बाबा की मजार यहीं रहेगी।
सुबह आठ बजे मार्केट में सूचना पहुंची कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन अब्बास के साथ यहां पहुंच रहा है। आज ही बाबा की मजार शिफ्ट की जाएगी। इतना सुनते ही लोग मजार पर एकत्रित होने लगे। कुछ ही देरी में सात थानों के एसएचओ मय पुलिस मजार तक पहुंचे।
इस दौरान स्थानीय लोगों का हंगामा और बढ़ गया। हालात देखकर एक प्लाटून पीएसी बुलाकर तैनात करा दी गई। एसओ सुजौली, सीओ जंगबहादुर यादव आदि स्थानीय लोगों को समझाने लगे, लेकिन बिछिया निवासी अपनी मांग पर अड़े रहे।
कुछ देर बाद एसडीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, तहसीलदार पियूष कुमार याचिकाकर्ता अब्बास के साथ मौके पर पहुंचे। हंगामा इतना पढ़ गया कि मार्केट वालों ने मार्केट बंद कर दिया। सभी लोग रास्तों पर आ गए। हालात बिगड़ते देख एसडीएम और सीओ को दलबल के साथ वापस लौटना पड़ा। पुलिस बल के वापस लौटने पर मामला शांत हो गया।