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मासूम को मार डालने वाला तेंदुआ पिंजड़े में कैद
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मुर्तिहा रेंज के गोलहना में पिंजड़े में कैद तेंदुआ।
- फोटो : BAHRAICH
उर्रा (बहराइच)। मुर्तिहा रेंज के गोलहना गांव में मासूम को मार डालने वाला तेंदुआ रात डेढ़ बजे पिंजड़े में कैद हो गया। वन विभाग की टीम तेंदुए को रेस्क्यू कर रेंज कार्यालय लाई। यहां पर पशु चिकित्सकों की टीम ने तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण किया। तेंदुआ पूरी तरह से स्वस्थ है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तेंदुए को जंगल में छोड़ा जाएगा।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मुर्तिहा रेंज अंतर्गत गोलहना गांव निवासी विजय बहादुर की पांच वर्षीय बेटी को तेंदुए ने दो दिन पूर्व मार डाला था। इसके बाद तेंदुआ पास के ही गन्ने के खेत में छिपा था। तेंदुए का क्षेत्र में लगातार मूवमेंट मिलने के कारण वनकर्मियों ने उसे पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाया था। इसके अलावा मूवमेंट पर नजर रखने के लिए 12 थर्मो सेंसर कैमरे लगाए गए थे। वन क्षेत्राधिकारी एके त्यागी की अगुवाई में वनकर्मी निगरानी कर रहे थे। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि रात करीब डेढ़ बजे तेंदुआ पिंजड़े में कैद हो गया। इसकी सूचना डीएफओ यशवंत सिंह को दी गई। डीएफओ के निर्देश पर तेंदुए को रेस्क्यू कर उसे मुर्तिहा रेंज कार्यालय लाया गया। यहां पर पशु चिकित्सकों की टीम ने तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण किया। तेंदुआ पूरी तरह से स्वस्थ है। डीएफओ यशवंत सिंह ने बताया कि गोलहना गांव में पिंजड़े में कैद तेंदुआ मादा है। उसकी उम्र लगभग पांच वर्ष है। उन्होंने बताया कि वनकर्मियों की निगरानी में तेंदुए की सुरक्षा में की जा रही है।
प्रधान मुख्य वन रक्षक करेंगे निर्णय
मुर्तिहा रेंज के गोलहना गांव में तेंदुआ पिंजड़े में कैद हुआ है। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है। तेंदुए को देर शाम रेंज कार्यालय कतर्नियाघाट लाया जाएगा। रविवार को प्रधान मुख्य वन संरक्षक प्रोजेक्ट टाइगर कमलेश कुमार आ रहे हैं। उनके निर्णय के बाद तेंदुए को जंगल या लखनऊ चिड़ियाघर भेजा जाएगा। जिस तरह से तेंदुए ने मासूम को मार डाला है, उसमें नरभक्षी होने की भी आशंका है। हालांकि अधिकारियों के आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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- यशवंत सिंह, प्रभारी डीएफओ कतर्नियाघाट
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कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मुर्तिहा रेंज अंतर्गत गोलहना गांव निवासी विजय बहादुर की पांच वर्षीय बेटी को तेंदुए ने दो दिन पूर्व मार डाला था। इसके बाद तेंदुआ पास के ही गन्ने के खेत में छिपा था। तेंदुए का क्षेत्र में लगातार मूवमेंट मिलने के कारण वनकर्मियों ने उसे पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाया था। इसके अलावा मूवमेंट पर नजर रखने के लिए 12 थर्मो सेंसर कैमरे लगाए गए थे। वन क्षेत्राधिकारी एके त्यागी की अगुवाई में वनकर्मी निगरानी कर रहे थे। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि रात करीब डेढ़ बजे तेंदुआ पिंजड़े में कैद हो गया। इसकी सूचना डीएफओ यशवंत सिंह को दी गई। डीएफओ के निर्देश पर तेंदुए को रेस्क्यू कर उसे मुर्तिहा रेंज कार्यालय लाया गया। यहां पर पशु चिकित्सकों की टीम ने तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण किया। तेंदुआ पूरी तरह से स्वस्थ है। डीएफओ यशवंत सिंह ने बताया कि गोलहना गांव में पिंजड़े में कैद तेंदुआ मादा है। उसकी उम्र लगभग पांच वर्ष है। उन्होंने बताया कि वनकर्मियों की निगरानी में तेंदुए की सुरक्षा में की जा रही है।
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प्रधान मुख्य वन रक्षक करेंगे निर्णय
मुर्तिहा रेंज के गोलहना गांव में तेंदुआ पिंजड़े में कैद हुआ है। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है। तेंदुए को देर शाम रेंज कार्यालय कतर्नियाघाट लाया जाएगा। रविवार को प्रधान मुख्य वन संरक्षक प्रोजेक्ट टाइगर कमलेश कुमार आ रहे हैं। उनके निर्णय के बाद तेंदुए को जंगल या लखनऊ चिड़ियाघर भेजा जाएगा। जिस तरह से तेंदुए ने मासूम को मार डाला है, उसमें नरभक्षी होने की भी आशंका है। हालांकि अधिकारियों के आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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- यशवंत सिंह, प्रभारी डीएफओ कतर्नियाघाट