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आतंक की पनाहगाह रही बहराइच की सरजमीं

Thu, 16 Sep 2021 11:15 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 16 Sep 2021 11:15 PM IST
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The land of Bahraich was a haven of terror
रुपईडीहा में स्थित भारत-नेपाल बार्डर। - फोटो : BAHRAICH
बहराइच। त्योहारों पर देश व यूपी को दहलाने की साजिश का पर्दाफाश करते हुए एटीएस और दिल्ली की स्पेशल सेल ने छह संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इसमें बहराइच का भी एक संदिग्ध शामिल है। बहराइच की नेपाल से लगी हुई खुली सीमा हमेशा से आतंकियों के लिए मुफीद साबित हुई है। खाड़ी देशों से आसानी से आतंकी घुसपैठ कर लेते हैं। भौगोलिक परिस्थितियां भी घुसपैठ में मददगार साबित होती हैं। लगभग एक दशक के अंदर बहराइच से लश्कर-ए-तैय्यबा, जेकेएलएफ, आईएसआई एजेंट समेत चीनी नागरिकों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
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नेपाल सीमा से सटा बहराइच जनपद आतंकियों के लिए हमेशा पनाहगाह बना रहा है। बहराइच से सटी हुई नेपाल की खुली सीमा आतंकियों के लिए हमेशा मददगार साबित हुई है। भौगोलिक परिस्थितियों का फायदा उठाते हुए जंगली रास्तों से आतंकी अपने मंसूबों को कामयाब बनाने की दिशा में काम करने में हमेशा सफल रहे हैं। लगभग एक दशक के आंकड़ों पर गौर करें तो बहराइच जनपद की नेपाल सीमा से लश्कर-ए-तैय्यबा के डिप्टी कमांडर इरफान का बहराइच में मकान बना हुआ है।
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वह इस समय दिल्ली की जेल में बंद हैं। जबकि नेपाल सीमा पर इंडियन मुजाहिद्दीन के आतंकी अफजल उस्मानी ने करीब डेढ़ माह तक फखरपुर में कपड़े का कारोबार किया था। वहीं आईएसआई के एजेंट मशरूर उर्फ रमेश चौधरी को भी सुरक्षाबलों ने नेपाल सीमा पर गिरफ्तार किया था। जम्मू-कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट के तीन संदिग्ध आतंकी भी भारत-नेपाल सीमा पर करीब तीन साल पूर्व पकड़े जा चुके हैं। लगभग 100 किलोमीटर की भारत-नेपाल की खुली सीमा हमेशा से आतंकियों के लिए शरणगाह बनी रही है।
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2008 में स्वतंत्रता दिवस पर थी धमाके की साजिश
पाकिस्तान के आईएसआई एजेंट रमेश उर्फ मशरूर को एसटीएफ ने भारत-नेपाल सीमा से 12 अगस्त 2008 को गिरफ्तार किया था। उसने गिरफ्तारी के बाद खुलासा किया कि 15 अगस्त 2008 को पूरे देश को दहला देने वाली साजिश के तहत उसे भारत भेजा गया है। 12 अगस्त को एसटीएफ ने उसे बाबागंज कस्बे से गिरफ्तार कर लिया था।
नकली नोटों का भी फैला था जाल
नेपाल में बैठ कर भारत की अर्थ व्यवस्था को दीमक की तरह बर्बाद करने की साजिश रचने वाला माजिद मनिहार अपने बेटे विक्की मनिहार के माध्यम से नेटवर्क भारत में फैला रहा था। नकली नोटों का कारोबार का पूरा जिम्मा विक्की मनिहार ही संभाले हुए था। रुपईडीहा सीमा से उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जबकि एसएसबी के कैंप की रेकी करते समय दो पुरुष और एक महिला चीनी नागरिक को भी सुरक्षाबलों द्वारा गिरफ्तार किया गया था।

सीमा पर बढ़ाई गई सतर्कता
दिल्ली में कुछ संदिग्ध आतंकियों को एटीएस द्वारा गिरफ्तार किया गया है। इसमें बहराइच के भी एक संदिग्ध के शामिल होने की बात सामने आई है। जिसकी जांच कराई जा रही है। वहीं नेपाल सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस, एसएसबी और वन विभाग के साथ खुफिया एजेंसियों को सतर्क किया गया है। -सुजाता सिंह पुलिस अधीक्षक बहराइच
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