फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   The happiness of the engagement turned into mourning after the accident

Bahraich News: हादसे के बाद मातम में बदल गईं मंगनी की खुशियां

Sun, 23 Jun 2024 01:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Sun, 23 Jun 2024 01:25 AM IST
विज्ञापन
The happiness of the engagement turned into mourning after the accident
नानपारा में बहराइच मार्ग पर हुए सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त कार। स्रोत-ग्रामीण
हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत पर बिलख पड़े परिजन
विज्ञापन

बाबागंज में तीनों मृतकों के शव का किया गया अंतिम संस्कार
बाबागंज(बहराइच)। जिस परिवार में खुशियों का माहौल था और लोग मंगनी के एक कार्यक्रम को संपन्न करवाकर हंसी-खुशी से लौट रहे थे, उसी घर में अचानक मातम पसर गया। ट्रक व कार की टक्कर में एक ही परिवार के तीन लोगों की हुई मौत से पूरे गांव में कोहराम मचा हुआ है। मृतकों में सभी के सिर पर अपने परिवार का जीवन-यापन करने जिम्मेदारी थी। लेकिन इस हादसे के बाद अब इनका घर कैसे चलेगा यह सवाल हर किसी के मन में चल रहा है। वहीं देर शाम तीनों मृतकों के शव गांव पहुंचने पर परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार करवा दिया है।
कोतवाली नानपारा क्षेत्र में हुए हादसे में रुपईडीहा थाने के ग्राम सुजौली निवासी व्यवसायी हामिद रायनी उर्फ ग्वाल, आरिफ, नौशाद की मौके पर ही मौत हो गई। घायल हाशिम व मृतक नौशाद के जख्मी बेटे अर्श की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। शनिवार को तीनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करने के बाद पुलिस ने उनके परिजनों को सौंप दिया गया। अंतिम संस्कार देर शाम ग्राम सुजौली के कब्रिस्तान में किया गया। वहीं इस हादसे से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
विज्ञापन


अब कैसे चलेगा परिवार
ग्रामीणों ने बताया कि इस हादसे का शिकार हुए मृतक आरिफ अपने चार भाइयों में सबसे बड़े थे। वे नेपाल में फेरी लगाते थे। इनका छोटा सा व्यापार था जिससे परिवार चलता था। इनके दो लड़के व दो लड़की हैं। वहीं मृतक हामिद उर्फ ग्वाल अपने चार भाइयों में मझले थे। उनके तीन लड़के व चार लड़कियां हैं। यह भी फेरी व कबाड़ खरीद कर अपना व्यापार कर परिवार चलाते थे। मृतक नौशाद अली के दो लड़के व एक लड़की है। इनका सबसे छोटा लड़का अभी जल्द ही पैदा हुआ था और उसकी उम्र इस समय महज 22 दिन का है। यह अपना मेडिकल स्टोर का संचालन कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। जबकि इन सब चार भाइयों में सबसे छोटे भाई खादिम के बड़े बेटे शाहिद की मंगनी में सभी लोग बलरामपुर गए थे। जहां से वापस लौटते समय यह हादसा हुआ और इस परिवार की खुशियां गम के माहौल में बदल गई। ग्रामीण व मृतकों के परिजन अब इसी बात को लेकर चिंतित है कि इनके परिवार अब आगे कैसे चल सकेंगे। वहीं मृतकों के घर ढांढ़स बंधाने के लिए भी तमाम लोग पहुंच रहे है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed