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जनता कर्फ्यू का दिखा असर, सड़कों पर पसरा रहा सन्नाटा
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बहराइच नगर में रविवार को जनता कर्फ्यू में चौक बाजार में पसरा सन्नाटा।
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। देश में फैल रहे कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को रोकने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर रविवार को जनता कर्फ्यू पूरी तरह से सफल दिखा। पूरे दिन गांव, कस्बे, बाजार, गली, कूचे, दुकानें सब जगह सन्नाटा पसरा रहा। लोग दिनभर अपने घरों में ही रहे। इक्का-दुक्का लोग ही सड़कों पर दिखाई दिए। इस दौरान मंदिरों व मस्जिदों में भी ताले लटकते दिखे। लोगों ने घर से ही नमाज व पूजा-अर्चना की। अस्पतालों में भी रोजाना की तरह मरीजों की भीड़ नहीं दिखी। रोडवेज बस अड्डे और रेलवे स्टेशनों पर भी सन्नाटा पसरा रहा।
कोरोना को हराने के संकल्प के साथ रविवार को जनता कर्फ्यू का असर शहर से लेकर गांवों तक नजर आया। गली, कूचों, गांव, कस्बों, बाजार सभी जगह सन्नाटा पसरा रहा। सड़कों पर इक्का-दुक्का आदमी ही चलते हुए दिखाई दिए। शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के कस्बों और बाजारों में भी जनता कर्फ्यू की अपील का असर दिखा। दिनभर चाय-पान तक के लिए लोग तरस गए। इस दौरान सभी लोगोें की जुबां पर सिर्फ कोरोना की ही चर्चा थी।
मंदिरों और मस्जिदों में ताले लटकते दिखे। अजान और भोग, आरती के बाद लोगों ने घरों में ही नमाज पढ़ी और पूजा-अर्चना की। उधर, रोडवेज बस अड्डे और बहराइच रेलवे स्टेशन समेत अन्य स्थानों पर भी पूरी तरह सन्नाटा रहा। हर व्यक्ति कोरोना को हराने के संकल्प के साथ घर में कैद रहा।
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दरगाह शरीफ और सिद्धनाथ मंदिर भी रहे बंद
जिले के इतिहास में पहली बार सबसे प्राचीन गौतम-गाजी की पहचान के रूप में जाने जानी वाली दरगाह शरीफ की मजार भी आम जायरीन के लिए बंद रही। यह पहला मौका रहा। जब दरगाह को बंद किया गया। इसी तरह सिद्धनाथ मंदिर, मरीमाता मंदिर और सहांरिणी मंदिर समेत अन्य मंदिरों को भी पूजा अर्चना के लिए बंद कर दिया गया था।
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कोरोना को हराने के संकल्प के साथ रविवार को जनता कर्फ्यू का असर शहर से लेकर गांवों तक नजर आया। गली, कूचों, गांव, कस्बों, बाजार सभी जगह सन्नाटा पसरा रहा। सड़कों पर इक्का-दुक्का आदमी ही चलते हुए दिखाई दिए। शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के कस्बों और बाजारों में भी जनता कर्फ्यू की अपील का असर दिखा। दिनभर चाय-पान तक के लिए लोग तरस गए। इस दौरान सभी लोगोें की जुबां पर सिर्फ कोरोना की ही चर्चा थी।
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मंदिरों और मस्जिदों में ताले लटकते दिखे। अजान और भोग, आरती के बाद लोगों ने घरों में ही नमाज पढ़ी और पूजा-अर्चना की। उधर, रोडवेज बस अड्डे और बहराइच रेलवे स्टेशन समेत अन्य स्थानों पर भी पूरी तरह सन्नाटा रहा। हर व्यक्ति कोरोना को हराने के संकल्प के साथ घर में कैद रहा।
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दरगाह शरीफ और सिद्धनाथ मंदिर भी रहे बंद
जिले के इतिहास में पहली बार सबसे प्राचीन गौतम-गाजी की पहचान के रूप में जाने जानी वाली दरगाह शरीफ की मजार भी आम जायरीन के लिए बंद रही। यह पहला मौका रहा। जब दरगाह को बंद किया गया। इसी तरह सिद्धनाथ मंदिर, मरीमाता मंदिर और सहांरिणी मंदिर समेत अन्य मंदिरों को भी पूजा अर्चना के लिए बंद कर दिया गया था।