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Bahraich News: ओबीसी प्रतिनिधित्व का आयोग ने किया आकलन
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बहराइच के विकास भवन सभागार में पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक में मौजूद अध्यक्ष, सदस्य व अन्य।
बहराइच/पयागपुर। उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की टीम ने बुधवार को जिले में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति के साथ स्थानीय निकायों में उनके प्रतिनिधित्व का आकलन किया।
आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) राम औतार सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन और पयागपुर ब्लॉक सभागार में आयोजित बैठकों में अधिकारियों से अद्यतन आंकड़े और अभिलेख मांगे गए। वहीं पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों से संवाद कर ओबीसी आबादी, बुनियादी सुविधाओं, रोजगार, राजनीतिक भागीदारी तथा सामाजिक स्थिति से संबंधित जानकारी जुटाई गई।
विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता ने आयोग की टीम के समक्ष जिले के आंकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि जिले में 14 विकास खंड और 1,043 ग्राम पंचायतें हैं। जिले की कुल आबादी करीब 31.18 लाख है, जिसमें लगभग 16.21 लाख अन्य पिछड़ा वर्ग की आबादी शामिल है। इसके अलावा सामान्य वर्ग की आबादी 10.94 लाख, अनुसूचित जाति की 4.85 लाख और अनुसूचित जनजाति की 10,857 बताई गई। आयोग को जिला पंचायत, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत सदस्यों में वर्गवार निर्वाचित प्रतिनिधियों की जानकारी भी दी गई।
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वहीं, टीम के पयागपुर ब्लॉक सभागार पहुंचने पर आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि पिछड़े वर्ग की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति का निष्पक्ष आकलन करना आयोग का प्रमुख दायित्व है। प्रश्नावली के माध्यम से ग्राम पंचायतों में ओबीसी की अनुमानित आबादी, प्रमुख जातियों, रोजगार, भूमिहीन और आवासहीन परिवारों, बुनियादी सुविधाओं तथा राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े तथ्य संकलित किए गए।
आयोग के अध्यक्ष ने अधिकारियों को सही और अद्यतन आंकड़े समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष अध्ययन के आधार पर आयोग अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगा। बैठकों में आयोग के सदस्य, जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू सिंह, ब्लॉक प्रमुख गीता देवी, डीडीओ राज कुमार, डीपीआरओ चंद्रभान सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
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आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) राम औतार सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन और पयागपुर ब्लॉक सभागार में आयोजित बैठकों में अधिकारियों से अद्यतन आंकड़े और अभिलेख मांगे गए। वहीं पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों से संवाद कर ओबीसी आबादी, बुनियादी सुविधाओं, रोजगार, राजनीतिक भागीदारी तथा सामाजिक स्थिति से संबंधित जानकारी जुटाई गई।
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विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता ने आयोग की टीम के समक्ष जिले के आंकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि जिले में 14 विकास खंड और 1,043 ग्राम पंचायतें हैं। जिले की कुल आबादी करीब 31.18 लाख है, जिसमें लगभग 16.21 लाख अन्य पिछड़ा वर्ग की आबादी शामिल है। इसके अलावा सामान्य वर्ग की आबादी 10.94 लाख, अनुसूचित जाति की 4.85 लाख और अनुसूचित जनजाति की 10,857 बताई गई। आयोग को जिला पंचायत, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत सदस्यों में वर्गवार निर्वाचित प्रतिनिधियों की जानकारी भी दी गई।
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वहीं, टीम के पयागपुर ब्लॉक सभागार पहुंचने पर आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि पिछड़े वर्ग की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति का निष्पक्ष आकलन करना आयोग का प्रमुख दायित्व है। प्रश्नावली के माध्यम से ग्राम पंचायतों में ओबीसी की अनुमानित आबादी, प्रमुख जातियों, रोजगार, भूमिहीन और आवासहीन परिवारों, बुनियादी सुविधाओं तथा राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े तथ्य संकलित किए गए।
आयोग के अध्यक्ष ने अधिकारियों को सही और अद्यतन आंकड़े समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष अध्ययन के आधार पर आयोग अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगा। बैठकों में आयोग के सदस्य, जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू सिंह, ब्लॉक प्रमुख गीता देवी, डीडीओ राज कुमार, डीपीआरओ चंद्रभान सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।