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Bahraich News: स्कूल नहीं पहुंची तो शुरू हुई खोज, 12 घंटे बाद कार के नीचे मिला मासूम का शव

Tue, 12 Aug 2025 01:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Tue, 12 Aug 2025 01:20 AM IST
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The body of the innocent child was found under the car after 12 hours
पयागपुर (बहराइच)। खुटेहना चौराहे पर सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। चंद्रा पब्लिक स्कूल की छात्रा रंजीता ओझा (10) रोज की तरह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी, देर शाम तक भी घर नहीं लौटी। परिवार की बेचैनी तब चीख-पुकार में बदल गई, जब 12 घंटे बाद बच्ची का शव एक दुर्घटनाग्रस्त कार के नीचे दबा मिला।
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सोमवार सुबह लगभग आठ बजे खुटेहना चौराहे पर बहराइच की ओर से आ रही तेज रफ्तार कार और गिलौला की ओर से आ रही बाइक में जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के दौरान कार अनियंत्रित होकर खुटेहना पुलिस चौकी के सामने लगे खंभे से जा भिड़ी।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उसी वक्त रंजीता भी वहां से गुजर रही थी और कार की चपेट में आ गई। मासूम कार के नीचे फंस गई, लेकिन अफसोस कि मौके पर मौजूद किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। जब दोपहर में स्कूल की छुट्टी के बाद भी रंजीता घर नहीं लौटी तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की।
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सबसे पहले स्कूल जाकर सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, लेकिन बच्ची स्कूल पहुंची ही नहीं थी। इसके बाद परिजन सीधे पुलिस चौकी पहुंचे और वहां खड़ी दुर्घटनाग्रस्त कार को देखकर शक हुआ, तो इधर-उधर झांकने पर कार के नीचे से एक हाथ नजर आया।

इससे परिजन चीख पड़े, परिजनों की चीख-पुकार सुनकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन कार को पलटकर रंजीता का शव बाहर निकाला गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने हादसे के समय कार को कब्जे में लेकर कोई जांच-पड़ताल नहीं की। अगर समय रहते कार के नीचे देखा गया होता तो शायद बच्ची की जान बच सकती थी।

उधर चौकी इंचार्ज आरके पांडेय इस मामले में कुछ भी बोलने से कतराते रहे। थानाध्यक्ष करुणाकर पांडेय ने कहा कि कार को कब्जे में लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और लापरवाही के पहलू पर भी कार्रवाई होगी।




इकलौती संतान खोकर बेसुध हुआ परिवार

रंजीता के पिता राजीव ओझा की मिठाई की दुकान खुटेहना चौराहे पर है। वह अपनी परिवार की इकलौती संतान थी। उसकी मौत से मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक की लहर है।
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