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Bahraich News: ककरहा वन रेंज में मिला मादा तेंदुए का शव

Tue, 08 Apr 2025 11:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Tue, 08 Apr 2025 11:51 PM IST
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The body of a female leopard was found in Kakraha forest range
कतर्नियाघाट जंगल में क्षत-विक्षत मिला तेंदुए का शव। 
मिहींपुरवा (बहराइच)। कतर्नियाघाट के ककरहा वन रेंज के लालपुर बीट भादा नदी के किनारे सोमवार देर रात एक मादा तेंदुए का शव मिला। इसकी उम्र करीब एक वर्ष थी। गर्दन के साथ ही उसके पीछे के हिस्से में गंभीर घाव था। वन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि तेंदुए की मौत का कारण आपसी संघर्ष है। वहीं वन जीव विशेषज्ञ इसे व्यवहार में परिवर्तन का कारण बता रहे हैं। मौत के कारणों का पता लगाने के लिए मृत तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम भी किया गया है। बीते सवा साल के दौरान ककरहा वन रेंज क्षेत्र में यह आठवें तेंदुए की मौत है।
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वन विभाग की टीम सोमवार देर शाम ककरहा वन रेंज के लालपुर बीट में भादा नदी के किनारे गश्त कर रही थी। इस दौरान ग्रामीणों ने सूचना दी कि एक मादा तेंदुआ मृत पड़ी मिली है। मौके पर पहुंची टीम ने देखा कि मृत तेंदुए को शव क्षत विक्षत था। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे वन क्षेत्राधिकारी धर्मेन्द्र कनौजिया जांच पड़ताल के बाद मृत तेंदुए का शव रेंज कार्यालय ले कर आए। जहां चिकित्सकों के पैनल ने तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम किया। इसमें सामने आया कि मादा तेंदुए की मौत आपसी संघर्ष का परिणाम थी।
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...तो क्या बदल रहा तेंदुए का व्यवहार
अपने क्षेत्र में घुसपैठ को लेकर तेंदुए अक्सर आपस में लड़ जाते हैं। इससे पूर्व भी कतर्नियाघाट वन क्षेत्र में इनके बीच जानलेवा संघर्ष हो चुका है। लेकिन कभी भी इस तरह के हालात नही देखे गए, जिसमें तेंदुए का आधा हिस्सा गायब हो गया हो। वन विभाग का दावा है कि गायब हिस्से को किसी दूसरे तेंदुए ने ही खाया होगा। वन्य जीव व्यवहार पर कार्य करने वाले लखनऊ के जावेद अख्तर बताते है कि आपसी संघर्ष होना आम बात है लेकिन एक दूसरे को खा लेना यह व्यवहार परिवर्तन है। इसे खतरनाक माना जा सकता है।
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कब-कब हुई तेंदुए की मौत

- 11 जनवरी 2024 को ग्राम रमपुरवा में
- 7 जनवरी को घायल मिली मादा तेंदुआ की इलाज के दौरान मौत
- 20 जनवरी 2024 को ग्राम चमारनपुरवा के पास खेत में तेंदुआ की मौत
- 01 फरवरी 2024 को ग्राम सुजौली में तेंदुआ की मौत
- 10 अप्रैल 2024 को निशानगाड़ा में नर तेंदुआ की मौत
- 11 जनवरी 2025 को कठौतिया गांव के पास तेंदुआ की मौत
- 3 फरवरी 2025 को ग्राम भीऊरावीर घाट गांव में तेंदुआ की मौत
- 7 अप्रैल 2025 को लालपुर चांदाझार बीट में तेंदुआ की मौत

ककरहा वन रेंज के लालपुर बीट के भादा नदी के किनारे मृत मिले तेंदुए को हमने देखा है। मौत का कारण आपसी संघर्ष ही है। मृत तेंदुए को जो हिस्सा गायब है। वह उसी तेंदुए ने ही खाया है। इसके अतिरिक्त मौके पर किसी अन्य जीव के निशान नहीं मिले है।
बी शिवशंकर डीएफओ कतर्नियाघाट
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