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बोल बम के जयकारों से गूंजे शिवालय
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Mon, 10 Aug 2015 10:22 PM IST
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बहराइच। सावन के दूसरे सोमवार को भी शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों के शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ा। बोल बम के जयकारों से वातावरण गुंजायमान होता रहा।
मटेरा और पयागपुर स्थिति पांडवकालीन शिव मंदिरों में भोर से शुरू हुए जलाभिषेक का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। शहर के सिद्धनाथ मंदिर में मंत्रोच्चार के बीच रुद्राभिषेक का आयोजन हुआ, जिसमें शिवभक्तों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।
शहर के सिद्धनाथ मंदिर, मरी माता मंदिर, संहारिणी माता मंदिर में सुबह चार बजे से ही ओम नम: शिवाय और हर-हर महादेव के जयकारों की गूंज सुनाई देने लगी। पूरे दिन पूजा-अर्चना का दौर चला।
सिद्धनाथ मंदिर में महंत रविगिरि के निर्देशन में दोपहर में रुद्राभिषेक का आयोजन हुआ। मटेरा स्थित पांडव कालीन शिव मंदिर जंगलीनाथ व पयागपुर स्थित बगेश्वरनाथ मंदिर में शिवभक्तों ने जत्थों में पहुंचकर भगवान शिव की आराधना की।
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जंगलीनाथ मंदिर में नानपारा के सरयू नदी तकियाघाट से जल लेकर पहुंचे कांवरियों ने सुबह से देर शाम तक अलग-अलग जत्थों में जलाभिषेक करते हुए भगवान शिव की पूजा अर्चना की।
इस दौरान सभी शिव मंदिरों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। कांवरियों के लिए जगह-जगह जलपान की व्यवस्था की गई थी।
बाराबंकी स्थित महादेवा मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए जरवलरोड, कैसरगंज और जरवल के सैकड़ों श्रद्धालु सरयू नदी से बोल बम के जयकारों के साथ रवाना हुए। वह जलाभिषेक कर सभी ने सुख-समृद्धि की कामना की।
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मटेरा और पयागपुर स्थिति पांडवकालीन शिव मंदिरों में भोर से शुरू हुए जलाभिषेक का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। शहर के सिद्धनाथ मंदिर में मंत्रोच्चार के बीच रुद्राभिषेक का आयोजन हुआ, जिसमें शिवभक्तों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।
शहर के सिद्धनाथ मंदिर, मरी माता मंदिर, संहारिणी माता मंदिर में सुबह चार बजे से ही ओम नम: शिवाय और हर-हर महादेव के जयकारों की गूंज सुनाई देने लगी। पूरे दिन पूजा-अर्चना का दौर चला।
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सिद्धनाथ मंदिर में महंत रविगिरि के निर्देशन में दोपहर में रुद्राभिषेक का आयोजन हुआ। मटेरा स्थित पांडव कालीन शिव मंदिर जंगलीनाथ व पयागपुर स्थित बगेश्वरनाथ मंदिर में शिवभक्तों ने जत्थों में पहुंचकर भगवान शिव की आराधना की।
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जंगलीनाथ मंदिर में नानपारा के सरयू नदी तकियाघाट से जल लेकर पहुंचे कांवरियों ने सुबह से देर शाम तक अलग-अलग जत्थों में जलाभिषेक करते हुए भगवान शिव की पूजा अर्चना की।
इस दौरान सभी शिव मंदिरों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। कांवरियों के लिए जगह-जगह जलपान की व्यवस्था की गई थी।
बाराबंकी स्थित महादेवा मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए जरवलरोड, कैसरगंज और जरवल के सैकड़ों श्रद्धालु सरयू नदी से बोल बम के जयकारों के साथ रवाना हुए। वह जलाभिषेक कर सभी ने सुख-समृद्धि की कामना की।