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10.3 डिग्री पर पहुंचा पारा, कांपे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 31 Dec 2016 09:31 PM IST
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घने कोहरे के बीच वाहनों की लाइट जलाकर जाते लोग।
तराई में मौसम का मिजाज बदलता जा रहा है। शीतलहर के चलते शनिवार को पारा 10.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कड़ाके की ठंड से लोग दिनभर कांपते दिखे। पूरे दिन कोहरे की चादर छाई रही। सूरज नहीं निकलने तथा पछुवा हवा से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं।
तराई में मौसम के निरंतर बदलने के कारण लोगों की समस्याएं बढ़ गई हैं। शनिवार की सुबह घना कोहरा छाया रहा। 10 बजे के आसपास कोहरा कुछ कम हुआ, लेकिन शीतलहर ने गलन बरकरार रखी। दोपहर एक बजे लगा कि सूरज निकलेगा, लेकिन निराशा हाथ लगी। इस दौरान चल रही पछुवा हवा ने मुसीबत बढ़ा दी।
घर से निकले लोग ठिठुरते दिखे। सबसे अधिक दिक्कत मजदूरी पेशा वर्ग के लोगों को हुई। शहर, कस्बे और ग्रामीण अंचलों में दावों के बावजूद अलाव की व्यवस्था न होने से राहगीर परेशान हुए। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी तथा पछुवा हवा के चलते तराई में ठंड ज्यादा है।
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उन्होंने कहा कि जनवरी के प्रथम सप्ताह तक यह स्थिति बरकरार रहेगी। इसके बाद मौसम में कुछ परिवर्तन दिखेगा।
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तराई में मौसम के निरंतर बदलने के कारण लोगों की समस्याएं बढ़ गई हैं। शनिवार की सुबह घना कोहरा छाया रहा। 10 बजे के आसपास कोहरा कुछ कम हुआ, लेकिन शीतलहर ने गलन बरकरार रखी। दोपहर एक बजे लगा कि सूरज निकलेगा, लेकिन निराशा हाथ लगी। इस दौरान चल रही पछुवा हवा ने मुसीबत बढ़ा दी।
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घर से निकले लोग ठिठुरते दिखे। सबसे अधिक दिक्कत मजदूरी पेशा वर्ग के लोगों को हुई। शहर, कस्बे और ग्रामीण अंचलों में दावों के बावजूद अलाव की व्यवस्था न होने से राहगीर परेशान हुए। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी तथा पछुवा हवा के चलते तराई में ठंड ज्यादा है।
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उन्होंने कहा कि जनवरी के प्रथम सप्ताह तक यह स्थिति बरकरार रहेगी। इसके बाद मौसम में कुछ परिवर्तन दिखेगा।