{"_id":"6adcf8669c2502243d028465","slug":"tears-welled-up-upon-seeing-the-love-between-ram-and-bharat-bahraich-news-c-98-1-bhr1003-159150-2026-10-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: राम और भरत का प्यार देख छलके आंसू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: राम और भरत का प्यार देख छलके आंसू
Sat, 24 Oct 2026 11:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sat, 24 Oct 2026 11:56 PM IST
विज्ञापन
शहर के बिसातखाना लाइन के पास हो रहा भरत-मिलाप। - स्रोत : आयोजक
बहराइच। श्री मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान रामलीला कमेटी के तत्वावधान में शुक्रवार देर रात बिसातखाना गली में ऐतिहासिक भरत मिलाप कार्यक्रम परंपरागत ढंग से संपन्न हुआ। प्रभु श्रीराम और भरत के मिलन का भावुक दृश्य देखकर श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
भरत मिलाप की शोभायात्रा फायर स्टेशन चौराहे से निकाली गई। गाजे-बाजे और जयघोष के बीच शोभायात्रा पीपल तिराहा, घंटाघर, छावनी, श्री चित्रगुप्त चौक और अस्पताल चौराहा होते हुए बिसातखाना पहुंची। रास्ते में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान का स्वागत किया। महिलाओं ने छतों से फूल बरसाए और आरती उतारी।
बिसातखाना स्थित पंडाल में भरत मिलाप का भावपूर्ण मंचन किया गया। प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण और वानर सेना के साथ पहुंचे, जबकि भरत अपने भाई शत्रुघ्न के साथ उनकी अगवानी के लिए आए। लंबे विरह के बाद श्रीराम ने भरत को गले लगा लिया। दोनों भाइयों के मिलन और उनके प्रेम को देखकर श्रद्धालु भावुक हो उठे। इस दृश्य ने त्याग, समर्पण और भाईचारे का संदेश दिया।
विज्ञापन
रामलीला महोत्सव के तहत मथुरा-वृंदावन से आए कलाकारों ने भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान सहित अन्य पात्रों का सजीव स्वरूप धारण किया। बिसातखाना पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने भगवान के स्वरूपों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। देर रात तक चले कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही।
दशहरा महोत्सव के समापन पर रविवार को शहर के घंटाघर में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
विज्ञापन
भरत मिलाप की शोभायात्रा फायर स्टेशन चौराहे से निकाली गई। गाजे-बाजे और जयघोष के बीच शोभायात्रा पीपल तिराहा, घंटाघर, छावनी, श्री चित्रगुप्त चौक और अस्पताल चौराहा होते हुए बिसातखाना पहुंची। रास्ते में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान का स्वागत किया। महिलाओं ने छतों से फूल बरसाए और आरती उतारी।
विज्ञापन
बिसातखाना स्थित पंडाल में भरत मिलाप का भावपूर्ण मंचन किया गया। प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण और वानर सेना के साथ पहुंचे, जबकि भरत अपने भाई शत्रुघ्न के साथ उनकी अगवानी के लिए आए। लंबे विरह के बाद श्रीराम ने भरत को गले लगा लिया। दोनों भाइयों के मिलन और उनके प्रेम को देखकर श्रद्धालु भावुक हो उठे। इस दृश्य ने त्याग, समर्पण और भाईचारे का संदेश दिया।
विज्ञापन
रामलीला महोत्सव के तहत मथुरा-वृंदावन से आए कलाकारों ने भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान सहित अन्य पात्रों का सजीव स्वरूप धारण किया। बिसातखाना पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने भगवान के स्वरूपों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। देर रात तक चले कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही।
दशहरा महोत्सव के समापन पर रविवार को शहर के घंटाघर में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।