{"_id":"5d7d16428ebc3e015a22248d","slug":"systems-of-katarniaghat-forest-area-will-improve-by-two-crore-bahraich-news-lko481522513","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो करोड़ से सुधरेंगी कतर्नियाघाट वन क्षेत्र की व्यवस्थाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो करोड़ से सुधरेंगी कतर्नियाघाट वन क्षेत्र की व्यवस्थाएं
विज्ञापन
बहराइच स्थित कतर्नियाघाट वन क्षेत्र का मुख्य द्वार।
- फोटो : BAHRAICH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहराइच। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में दो करोड़ रुपये से विकास कार्य कराए जाएंगे। इनमें ग्रासलैंड का विकास, कच्ची सड़क, जंगली जीवों को पानी उपलब्ध कराने के लिए वाटर होल व फायर यंत्र स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए शासन ने बजट स्वीकृत कर दिया है। मानसून सत्र के बाद सभी कार्य शुरू करा दिए जाएंगे, जिससे जंगल जाने वाले पर्यटकों को अच्छी सड़क व जंगली जीवों को पीने के लिए पानी मिल सकेगा।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग सात रेंजों में विभक्त है। इनमें मोतीपुर, कतर्नियाघाट, मुर्तिहा, धर्मापुर, ककरहा, सुजौली और निशानगाड़ा रेंज शामिल हैं। जंगल का दायरा 551 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इस समय संरक्षित वन क्षेत्र पर्यटकों के लिए बंद है।
ऐसे में वन विभाग ने जंगल में पर्यटकों के आवागमन के लिए कच्ची सड़क का निर्माण, अग्निशमन यंत्र स्थापना व जंगली जीवों को पानी के साथ अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा था।
विज्ञापन
डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि वन मंत्रालय के अधिकारियों के साथ सितंबर में बैठक हुई, जिसमें जंगल को आग से बचाने व जंगली जीवों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के साथ अन्य योजनाओं पर चर्चा हुई। इसमें वनाधिकारियों ने बजट को मंजूरी प्रदान कर दी है।
जल्द ही दो करोड़ रुपये बजट विभाग के खाते में भेज दिया जाएगा। इससे जंगल में सड़क, वाटर होल निर्माण व मरम्मत, ग्रासलैंड का विकास, फायर शेड का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा हाथियों को जंगल से गांव की ओर रुख मोड़ने के लिए बैरीकेडिंग करायी जाएगी। अक्तूबर से विकास कार्य शुरू करा दिए जाएंगे। जिससे 14 नवंबर को जंगल में प्रवेश प्रारंभ होने पर पर्यटकों को परेशानी न हो। साथ ही जंगली जीवों को जंगल में ही आसानी से पानी मिल सकेगा।
डाग स्क्वॉयड दस्ते के लिए भी मिलेगा बजट
डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि जंगल में वन्यजीवों व जंगलों की सुरक्षा के लिए डाग स्क्वॉयड दस्ता भी है। उनकी देखभाल व भोजन के लिए भी बजट मिलेगा, जिससे उनकी समुचित देखभाल की जा सकेगी।
सात रेंज में बनवाए जाएंगे वाटर होल
डीएफओ ने बताया कि संरक्षित वन क्षेत्र के सात रेंजों में वन्यजीवों को पानी उपलब्ध कराने के लिए वाटर होल का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही पुराने बने वाटर होल का मरम्मतीकरण भी कराया जाएगा। जिससे बाघ व तेंदुओं के साथ अन्य जंगली जीवों को पानी मिल सके।
दो माह बाद भ्रमण के लिए खुलेगा कतर्नियाघाट
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र पर्यटकों के भ्रमण के लिए 14 नवंबर से खुलेगा। इसके लिए पर्यटकों को अभी दो माह का इंतजार करना पड़ेगा। कतर्नियाघाट के खुलने पर पर्यटकों को कच्ची सड़कों पर सुगमता से यात्रा करने की सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग सात रेंजों में विभक्त है। इनमें मोतीपुर, कतर्नियाघाट, मुर्तिहा, धर्मापुर, ककरहा, सुजौली और निशानगाड़ा रेंज शामिल हैं। जंगल का दायरा 551 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इस समय संरक्षित वन क्षेत्र पर्यटकों के लिए बंद है।
विज्ञापन
ऐसे में वन विभाग ने जंगल में पर्यटकों के आवागमन के लिए कच्ची सड़क का निर्माण, अग्निशमन यंत्र स्थापना व जंगली जीवों को पानी के साथ अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा था।
विज्ञापन
डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि वन मंत्रालय के अधिकारियों के साथ सितंबर में बैठक हुई, जिसमें जंगल को आग से बचाने व जंगली जीवों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के साथ अन्य योजनाओं पर चर्चा हुई। इसमें वनाधिकारियों ने बजट को मंजूरी प्रदान कर दी है।
जल्द ही दो करोड़ रुपये बजट विभाग के खाते में भेज दिया जाएगा। इससे जंगल में सड़क, वाटर होल निर्माण व मरम्मत, ग्रासलैंड का विकास, फायर शेड का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा हाथियों को जंगल से गांव की ओर रुख मोड़ने के लिए बैरीकेडिंग करायी जाएगी। अक्तूबर से विकास कार्य शुरू करा दिए जाएंगे। जिससे 14 नवंबर को जंगल में प्रवेश प्रारंभ होने पर पर्यटकों को परेशानी न हो। साथ ही जंगली जीवों को जंगल में ही आसानी से पानी मिल सकेगा।
डाग स्क्वॉयड दस्ते के लिए भी मिलेगा बजट
डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि जंगल में वन्यजीवों व जंगलों की सुरक्षा के लिए डाग स्क्वॉयड दस्ता भी है। उनकी देखभाल व भोजन के लिए भी बजट मिलेगा, जिससे उनकी समुचित देखभाल की जा सकेगी।
सात रेंज में बनवाए जाएंगे वाटर होल
डीएफओ ने बताया कि संरक्षित वन क्षेत्र के सात रेंजों में वन्यजीवों को पानी उपलब्ध कराने के लिए वाटर होल का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही पुराने बने वाटर होल का मरम्मतीकरण भी कराया जाएगा। जिससे बाघ व तेंदुओं के साथ अन्य जंगली जीवों को पानी मिल सके।
दो माह बाद भ्रमण के लिए खुलेगा कतर्नियाघाट
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र पर्यटकों के भ्रमण के लिए 14 नवंबर से खुलेगा। इसके लिए पर्यटकों को अभी दो माह का इंतजार करना पड़ेगा। कतर्नियाघाट के खुलने पर पर्यटकों को कच्ची सड़कों पर सुगमता से यात्रा करने की सुविधा मिलेगी।