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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   Swine flu threat, no arrangements in hospitals

स्वाइन फ्लू का खतरा, अस्पतालों में इलाज का नहीं इंतजाम

Fri, 11 Dec 2015 10:58 PM IST
बहराइच/अमर उजाला ब्यूरो
बहराइच/अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 11 Dec 2015 10:58 PM IST
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राजधानी में स्वाइन फ्लू से 37 वर्षीय युवक की मौत के बाद सूबे में एलर्ट जारी कर दिया गया है। लेकिन बहराइच में एलर्ट बेअसर है। यहां सीएचसी व पीएचसी पर टैमी फ्लू दवा के साथ पर्सनल प्रोटेक्शन किट भी नदारद है। करीब एक माह पूर्व स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए डीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य महकमे ने कार्रवाई शुरू की थी। दवाएं मंगवाई गई, लेकिन अभी तक केंद्रों पर भेजी नहीं गई है। जिला अस्पताल में वार्ड स्थापित है। सीएमएस का दावा हैै कि स्वाइन फ्लू को लेकर अस्पताल के सभी डॉक्टरों को सतर्क कर दिया गया है।
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तराई में बुखार व अन्य संक्रामक रोगों का प्रकोप थमा नहीं है, स्वाइन फ्लू का खतरा मंडराने लगा है। लखनऊ में इलाज के दौरान स्वाइन फ्लू पीड़ित युवक की मौत के बाद सूबे के सभी जिलों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। लेकिन बहराइच स्वास्थ्य महकमे में इस खतरे को लेकर कोई हलचल नहीं है। करीब एक माह पूर्व जिला स्स्त्रत्त्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम अभय ने सीएमओ को स्वाइन फ्लू के रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए निर्देशित किया था। तब जिला अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड में स्वाइन फ्लू कक्ष स्थापित किया गया था। दस मरीजों के इलाज की सुविधा से युक्त यह वार्ड अभी आरक्षित है। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. माहेश्वरी पांडेय ने बताया कि फिजीशियन डॉक्टरों को मरीजों में लक्षण मिलने पर नाक व गले के द्रव्यों का जांच कराने का निर्देश दिया गया है। टैमी फ्लू की 500 टेबलेट है। पर्सनल प्रोटेक्शन किट भी मौजूद है। वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ केबी जैन ने बताया कि बफर में टैमी फ्लू दवा पर्याप्त मात्रा में है। पिछले माह पांच सौ टेबलेट मंगायी गई थी।
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केस न मिलने के कारण उनका उपयोग नहीं हुआ है। लेकिन सूत्रों की मानें में दवाएं स्टोर पर पड़ी हैं। अभी तक स्वास्थ्य केंद्रों को भेजी नहीं गई है। सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वाइन फ्लू की न तो जांच की व्यवस्था है न इलाज की। यदि कोई रोगी सामने आता है तो जिला अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ेगा। शुक्रवार को प्रदेश में एलर्ट जारी होने के बाद भी सीएमओ डॉ. केबी जैन के स्तर से कोई कार्रवाई नहीं शुरु की गई है।
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